2 नवंबर 2026
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AAP को पंजाब में तीसरा झटका: अमृतसर नॉर्थ विधायक कुंवर विजय प्रताप ने दिया इस्तीफा

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AAP को पंजाब में तीसरा झटका: अमृतसर नॉर्थ विधायक कुंवर विजय प्रताप ने दिया इस्तीफा

सारांश

AAP पंजाब में एक और विधायक खो बैठी — पटियाला के दो इस्तीफों के बाद अब अमृतसर नॉर्थ से कुंवर विजय प्रताप ने विधानसभा की सदस्यता छोड़ दी। जून 2025 में पाँच साल के लिए निलंबित किए जा चुके प्रताप ने नेतृत्व पर 'माई-बाप संस्कृति' का आरोप लगाया और 'पंजाब सबसे पहले' का नारा दिया।

मुख्य बातें

कुंवर विजय प्रताप ने 2 नवंबर 2026 को अमृतसर नॉर्थ विधानसभा सीट से इस्तीफा दिया।
वे जून 2025 में AAP से पाँच साल के लिए निलंबित हो चुके थे।
इससे पहले सनौर से हरमीत सिंह पठानमाजरा और समाना से चेतन सिंह जोड़ामाजरा भी इस्तीफा दे चुके हैं।
कुंवर विजय प्रताप ने पंजाब में नशे, जबरन वसूली और भ्रष्टाचार पर चिंता जताई और 'पंजाब सबसे पहले' का नारा दिया।
AAP ने 2022 में 92 सीटें जीतकर पंजाब में ऐतिहासिक बहुमत हासिल किया था; अब तीन विधायकों का इस्तीफा पार्टी के लिए बड़ी चुनौती है।

आम आदमी पार्टी (AAP) को पंजाब में लगातार तीसरा बड़ा झटका लगा है — अमृतसर नॉर्थ से विधायक कुंवर विजय प्रताप ने 2 नवंबर 2026 को पंजाब विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। रिपोर्टों के अनुसार, वे लंबे समय से पार्टी नेतृत्व से नाराज चल रहे थे और यह इस्तीफा उसी नाराजगी की परिणति बताया जा रहा है।

इस्तीफे की पृष्ठभूमि

कुंवर विजय प्रताप को इससे पहले जून 2025 में AAP से पाँच साल के लिए निलंबित किया जा चुका था। उन्होंने पार्टी नेतृत्व और पंजाब सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए थे। यह इस्तीफा पार्टी से निलंबन के बाद विधानसभा सदस्यता छोड़ने का अगला कदम है।

विधायक ने एक्स पर क्या कहा

कुंवर विजय प्रताप ने एक्स पर पोस्ट करते हुए अपने क्षेत्र के लोगों को संबोधित किया: 'अमृतसर के मेरे भाइयों और बहनों, मैंने पंजाब विधानसभा की अपनी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। आपने मुझे जो प्यार और सम्मान दिया है, उसके लिए मैं अपनी आखिरी सांस तक आपका ऋणी रहूंगा।' उन्होंने आगे कहा कि पंजाब आज 'नशे, जबरन वसूली, गुंडागर्दी और भ्रष्टाचार' के जाल में फँसा हुआ है और एक प्रगतिशील व खुशहाल राज्य बनाने के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत है।

उन्होंने अपने कार्यकाल का हिसाब भी दिया: 'एक विधायक के तौर पर मैंने अपने 90 प्रतिशत लक्ष्य पूरे किए हैं।' उन्होंने कहा कि उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि राजनीति में 'माई-बाप संस्कृति' को खत्म करना और जनता को प्रेरणा मानकर काम करना रहा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका एकमात्र उद्देश्य 'पंजाब सबसे पहले' है।

विधानसभा में उठाए गए मुद्दे

कुंवर विजय प्रताप ने अपने कार्यकाल में अमृतसर से जुड़े कई स्थानीय और प्रशासनिक मुद्दे उठाए — जिनमें पानी-सीवेज की समस्याएँ, सर्किट हाउस, कंपनी बाग, गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी, गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, स्वरूप रानी कॉलेज, गंदे नालों की सफाई और बरगारी बेअदबी मामला शामिल हैं। उनका दावा है कि यह पहली बार था जब किसी विधायक ने विधानसभा में विशेष इलाकों और मोहल्लों का नाम लेकर वहाँ की समस्याएँ उठाईं।

पटियाला के बाद अमृतसर — AAP की मुश्किलें बढ़ीं

यह इस्तीफा पटियाला जिले से AAP के दो विधायकों के इस्तीफों के तुरंत बाद आया है। सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा और समाना से विधायक चेतन सिंह जोड़ामाजरा भी पार्टी से इस्तीफा दे चुके हैं। इस प्रकार AAP पंजाब को अब तक तीन बैठी-बिठाई सीटों पर विधायकों का इस्तीफा झेलना पड़ा है। गौरतलब है कि AAP ने 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में 92 सीटें जीतकर ऐतिहासिक बहुमत हासिल किया था, लेकिन भीतरी असंतोष की यह लहर पार्टी की स्थिरता पर सवाल खड़े कर रही है।

आगे की राह

कुंवर विजय प्रताप के इस्तीफे के बाद अमृतसर नॉर्थ सीट पर उपचुनाव की स्थिति बन सकती है। उन्होंने संकेत दिया है कि वे क्षेत्र की जनता के साथ मिलकर 'साफ-सुथरी राजनीति और पारदर्शी प्रशासन' की दिशा में भविष्य की रणनीति बनाएंगे — जिससे उनके किसी नई राजनीतिक पारी या दल में शामिल होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो 2027 के पंजाब चुनाव से पहले यह टूट और गहरी हो सकती है।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुंवर विजय प्रताप ने AAP से इस्तीफा क्यों दिया?
रिपोर्टों के अनुसार, कुंवर विजय प्रताप लंबे समय से पार्टी नेतृत्व से नाराज थे। उन्हें जून 2025 में AAP से पाँच साल के लिए निलंबित भी किया जा चुका था। उन्होंने पार्टी में 'माई-बाप संस्कृति' और पंजाब सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए थे।
कुंवर विजय प्रताप को AAP से कब निलंबित किया गया था?
कुंवर विजय प्रताप सिंह को जून 2025 में आम आदमी पार्टी से पाँच साल के लिए निलंबित किया गया था। उनका यह इस्तीफा उसी निलंबन के करीब डेढ़ साल बाद आया है।
पंजाब में AAP के कितने विधायकों ने इस्तीफा दिया है?
अब तक तीन विधायकों ने इस्तीफा दिया है। सनौर से हरमीत सिंह पठानमाजरा, समाना से चेतन सिंह जोड़ामाजरा और अमृतसर नॉर्थ से कुंवर विजय प्रताप ने पार्टी या विधानसभा सदस्यता छोड़ी है। पठानमाजरा और जोड़ामाजरा पटियाला जिले से हैं।
कुंवर विजय प्रताप के इस्तीफे के बाद अमृतसर नॉर्थ सीट का क्या होगा?
विधानसभा सदस्यता से इस्तीफे के बाद अमृतसर नॉर्थ सीट रिक्त हो जाएगी और चुनाव आयोग उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। कुंवर विजय प्रताप ने संकेत दिया है कि वे जनता के साथ मिलकर भविष्य की राजनीतिक रणनीति बनाएंगे।
AAP ने 2022 में पंजाब में कितनी सीटें जीती थीं?
AAP ने 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में 92 सीटें जीतकर ऐतिहासिक बहुमत हासिल किया था। अब लगातार तीन विधायकों का इस्तीफा पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष की ओर इशारा करता है।
राष्ट्र प्रेस
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