AAP को पंजाब में तीसरा झटका: अमृतसर नॉर्थ विधायक कुंवर विजय प्रताप ने दिया इस्तीफा
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) को पंजाब में लगातार तीसरा बड़ा झटका लगा है — अमृतसर नॉर्थ से विधायक कुंवर विजय प्रताप ने 2 नवंबर 2026 को पंजाब विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। रिपोर्टों के अनुसार, वे लंबे समय से पार्टी नेतृत्व से नाराज चल रहे थे और यह इस्तीफा उसी नाराजगी की परिणति बताया जा रहा है।
इस्तीफे की पृष्ठभूमि
कुंवर विजय प्रताप को इससे पहले जून 2025 में AAP से पाँच साल के लिए निलंबित किया जा चुका था। उन्होंने पार्टी नेतृत्व और पंजाब सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए थे। यह इस्तीफा पार्टी से निलंबन के बाद विधानसभा सदस्यता छोड़ने का अगला कदम है।
विधायक ने एक्स पर क्या कहा
कुंवर विजय प्रताप ने एक्स पर पोस्ट करते हुए अपने क्षेत्र के लोगों को संबोधित किया: 'अमृतसर के मेरे भाइयों और बहनों, मैंने पंजाब विधानसभा की अपनी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। आपने मुझे जो प्यार और सम्मान दिया है, उसके लिए मैं अपनी आखिरी सांस तक आपका ऋणी रहूंगा।' उन्होंने आगे कहा कि पंजाब आज 'नशे, जबरन वसूली, गुंडागर्दी और भ्रष्टाचार' के जाल में फँसा हुआ है और एक प्रगतिशील व खुशहाल राज्य बनाने के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत है।
उन्होंने अपने कार्यकाल का हिसाब भी दिया: 'एक विधायक के तौर पर मैंने अपने 90 प्रतिशत लक्ष्य पूरे किए हैं।' उन्होंने कहा कि उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि राजनीति में 'माई-बाप संस्कृति' को खत्म करना और जनता को प्रेरणा मानकर काम करना रहा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका एकमात्र उद्देश्य 'पंजाब सबसे पहले' है।
विधानसभा में उठाए गए मुद्दे
कुंवर विजय प्रताप ने अपने कार्यकाल में अमृतसर से जुड़े कई स्थानीय और प्रशासनिक मुद्दे उठाए — जिनमें पानी-सीवेज की समस्याएँ, सर्किट हाउस, कंपनी बाग, गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी, गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, स्वरूप रानी कॉलेज, गंदे नालों की सफाई और बरगारी बेअदबी मामला शामिल हैं। उनका दावा है कि यह पहली बार था जब किसी विधायक ने विधानसभा में विशेष इलाकों और मोहल्लों का नाम लेकर वहाँ की समस्याएँ उठाईं।
पटियाला के बाद अमृतसर — AAP की मुश्किलें बढ़ीं
यह इस्तीफा पटियाला जिले से AAP के दो विधायकों के इस्तीफों के तुरंत बाद आया है। सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा और समाना से विधायक चेतन सिंह जोड़ामाजरा भी पार्टी से इस्तीफा दे चुके हैं। इस प्रकार AAP पंजाब को अब तक तीन बैठी-बिठाई सीटों पर विधायकों का इस्तीफा झेलना पड़ा है। गौरतलब है कि AAP ने 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में 92 सीटें जीतकर ऐतिहासिक बहुमत हासिल किया था, लेकिन भीतरी असंतोष की यह लहर पार्टी की स्थिरता पर सवाल खड़े कर रही है।
आगे की राह
कुंवर विजय प्रताप के इस्तीफे के बाद अमृतसर नॉर्थ सीट पर उपचुनाव की स्थिति बन सकती है। उन्होंने संकेत दिया है कि वे क्षेत्र की जनता के साथ मिलकर 'साफ-सुथरी राजनीति और पारदर्शी प्रशासन' की दिशा में भविष्य की रणनीति बनाएंगे — जिससे उनके किसी नई राजनीतिक पारी या दल में शामिल होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।