AAP ने हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौड़ामाजरा को निकाला, स्पीकर से सदस्यता रद्द की मांग करेगी
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) ने 2 नवंबर 2026 को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में अपने दो पंजाब विधायकों — हरमीत सिंह पठानमाजरा (सनौर) और चेतन सिंह जौड़ामाजरा (समाना) — को पार्टी से निष्कासित कर दिया। अब AAP पंजाब विधानसभा स्पीकर से इन दोनों विधायकों की सदस्यता रद्द कराने की औपचारिक मांग करेगी। दोनों विधायकों ने इससे पहले ही पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।
मुख्य घटनाक्रम
सनौर विधानसभा क्षेत्र के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में AAP के टिकट पर जीते थे। कथित तौर पर उनकी ही पार्टी की सरकार ने उनके खिलाफ कार्रवाई की, जिसके बाद वे पार्टी नेतृत्व से खुलकर असंतुष्टि जताने लगे और अंततः इस्तीफा दे दिया।
वहीं, समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अपने इस्तीफे की जानकारी दी। बताया जा रहा है कि AAP उम्मीदवारों की पहली सूची में उनका नाम न आने के बाद उन्होंने यह कदम उठाया। जौड़ामाजरा 2022 के विधानसभा चुनाव में भारी मतों से जीते थे और बाद में मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे।
AAP का पक्ष और पार्टी की प्रतिक्रिया
पंजाब AAP प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'आम आदमी पार्टी ने हमेशा पंजाब को प्राथमिकता दी है। अगर हमारे किसी नेता ने कभी भ्रष्टाचार किया या पंजाब के हितों के खिलाफ काम करने की कोशिश की तो हमने बिना किसी हिचकिचाहट के उनके खिलाफ कार्रवाई की और ऐसे लोगों को पार्टी से बाहर निकाल दिया।'
अरोड़ा ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर भी निशाना साधा। उन्होंने लिखा, 'अब भाजपा इन्हीं निकाले गए लोगों को इकट्ठा कर रही है, क्योंकि उसका अपना कोई आधार नहीं है और उसे पंजाब के हितों की कोई परवाह नहीं है।' अरोड़ा ने आरोप लगाया कि एक नेता पर पंजाब पुलिस पर गोलियां चलाने और दुष्कर्म के मामले में जेल जाने के आरोप हैं।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
दोनों विधायक पटियाला जिले की विधानसभा सीटों से चुने गए थे। यह ऐसे समय में हुआ है जब पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ शुरू हो चुकी हैं और उम्मीदवारों की सूची को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष सतह पर आ रहा है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी सत्ताधारी पार्टी के विधायकों ने टिकट वितरण को लेकर विद्रोह किया हो।
आगे क्या होगा
AAP के विधानसभा स्पीकर को औपचारिक पत्र लिखने के बाद दसवीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के तहत इन दोनों विधायकों की सदस्यता रद्द होने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। यदि स्पीकर मांग स्वीकार करते हैं, तो दोनों सीटों पर उपचुनाव की नौबत आ सकती है, जो पंजाब की राजनीति में नया मोड़ लाएगी।