CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग, राजद सांसद मनोज झा बोले — 'बेईमानी का पूरा आर्किटेक्चर खड़ा किया गया'
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने 2 नवंबर 2026 को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग दोहराते हुए कहा कि यह केवल वोट चोरी नहीं, बल्कि 'नाइंसाफी और बेईमानी का एक पूरा आर्किटेक्चर' खड़ा किया गया है। झामुमो नेता मनोज पांडे ने भी रामलीला मैदान में हुई इंडिया ब्लॉक की रैली को ऐतिहासिक बताते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधा।
मनोज झा का चुनाव आयोग पर हमला
मनोज झा ने कहा, 'यह सिर्फ वोट चोरी नहीं है, बल्कि नाइंसाफी और बेईमानी का एक आर्किटेक्चर खड़ा किया गया है, जिसके प्रतीक पुरुष हैं ज्ञानेश कुमार और जिनकी डोर भारत सरकार के सबसे शीर्ष स्तर के दो नेताओं के हाथ में है।' उन्होंने कहा कि रैली ने एक स्पष्ट संदेश दिया है और इस संदेश के मद्देनज़र ज्ञानेश कुमार को स्वयं कहना चाहिए कि 'मैं छोड़ता हूँ।' राजद सांसद ने यह भी चेताया कि अन्यथा लोकतंत्र अपने को बचाने के लिए 'और कई विकल्पों को तलाश सकता है।'
मनोज झा ने विपक्ष को 'अराजक' बताए जाने पर पलटवार करते हुए कहा कि छात्रों का अपने हित की बात करना, लोगों का ईमानदार व्यवस्था माँगना और सवाल पूछना — ये कभी भी अराजकता की श्रेणी में नहीं आते। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब इंडिया गठबंधन चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर लगातार सवाल उठाता रहा है।
रैली के बाद राजनीतिक हलचल
झामुमो नेता मनोज पांडे ने रामलीला मैदान की रैली को 'अभूतपूर्व' बताते हुए उन लोगों को 'सिरफिरा' करार दिया जो इसे फ्लॉप कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने एआई से सामग्री बनाकर रैली का मज़ाक उड़ाने की कोशिश की, लेकिन 'ऐसी हास्यास्पद बातें बोलकर वे खुद हास्य के पात्र बन रहे हैं।' पांडे ने यह भी कहा कि जब केंद्र सरकार ने अपने पुलिसकर्मी लगाकर व्यापारियों के प्रतिष्ठान बंद करवाए, तो इससे सरकार की 'हताशा और निराशा' साफ़ नज़र आई।
पश्चिम बंगाल और पंजाब पर टिप्पणी
मनोज पांडे ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में 29 लाख वोट काट दिए गए और चुनाव निष्पक्ष होते तो तृणमूल कांग्रेस (TMC) की नेता ममता बनर्जी आज भी सरकार बनाने में सक्षम होतीं। आगामी पंजाब चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि BJP यदि एक भी सीट जीत ले तो बहुत होगा, और किसान आंदोलन में सिखों के साथ हुए व्यवहार का हवाला देते हुए BJP पर 'फूट डालो और राज करो' की नीति अपनाने का आरोप लगाया।
JDU और राज्यसभा सभापति पर सवाल
मनोज झा ने जनता दल (यूनाइटेड) — JDU — की भूमिका पर भी इशारा करते हुए कहा कि वे 'नूरा-कुश्ती' में नहीं पड़ना चाहते और JDU की स्थिति पर वे पहले ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में विस्तार से बोल चुके हैं। उन्होंने राज्यसभा के सभापति से अपेक्षा जताई कि वे 'पंच परमेश्वर की भूमिका' निभाएँ। यह टिप्पणी संसदीय गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है।
आगे क्या
इंडिया ब्लॉक की रैली के बाद इन बयानों से यह स्पष्ट है कि विपक्ष चुनाव आयोग की विश्वसनीयता को केंद्रीय राजनीतिक मुद्दा बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है। आलोचकों का कहना है कि CEC के इस्तीफे की माँग एक संवैधानिक संस्था को दबाव में लाने की कोशिश है, जबकि इंडिया ब्लॉक का तर्क है कि यह लोकतंत्र की रक्षा के लिए ज़रूरी जवाबदेही है। अगले कुछ दिनों में संसद सत्र और पंजाब चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ यह विवाद और तेज़ होने की संभावना है।