2 नवंबर 2026
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CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग, राजद सांसद मनोज झा बोले — 'बेईमानी का पूरा आर्किटेक्चर खड़ा किया गया'

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CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग, राजद सांसद मनोज झा बोले — 'बेईमानी का पूरा आर्किटेक्चर खड़ा किया गया'

सारांश

रामलीला मैदान की रैली के बाद इंडिया ब्लॉक ने आक्रामक रुख अपनाया — राजद सांसद मनोज झा ने CEC ज्ञानेश कुमार को 'बेईमानी के आर्किटेक्चर का प्रतीक' बताते हुए इस्तीफे की माँग की। यह लड़ाई अब सिर्फ वोट की नहीं, चुनावी संस्थाओं की साख की है।

मुख्य बातें

राजद सांसद मनोज झा ने 2 नवंबर 2026 को CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग दोहराई और चुनाव प्रक्रिया को 'बेईमानी का आर्किटेक्चर' करार दिया।
झामुमो नेता मनोज पांडे ने रामलीला मैदान की इंडिया ब्लॉक रैली को 'अभूतपूर्व' बताया और BJP पर AI से रैली को ट्रोल करने का आरोप लगाया।
मनोज पांडे ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में 29 लाख वोट काटे गए और निष्पक्ष चुनाव होते तो ममता बनर्जी फिर सरकार बनातीं।
मनोज झा ने JDU और राज्यसभा सभापति पर भी परोक्ष टिप्पणी की, 'पंच परमेश्वर की भूमिका' निभाने की अपेक्षा जताई।
आगामी पंजाब चुनाव को लेकर पांडे ने BJP के प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए किसान आंदोलन में सिखों के साथ हुए व्यवहार का हवाला दिया।

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने 2 नवंबर 2026 को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग दोहराते हुए कहा कि यह केवल वोट चोरी नहीं, बल्कि 'नाइंसाफी और बेईमानी का एक पूरा आर्किटेक्चर' खड़ा किया गया है। झामुमो नेता मनोज पांडे ने भी रामलीला मैदान में हुई इंडिया ब्लॉक की रैली को ऐतिहासिक बताते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधा।

मनोज झा का चुनाव आयोग पर हमला

मनोज झा ने कहा, 'यह सिर्फ वोट चोरी नहीं है, बल्कि नाइंसाफी और बेईमानी का एक आर्किटेक्चर खड़ा किया गया है, जिसके प्रतीक पुरुष हैं ज्ञानेश कुमार और जिनकी डोर भारत सरकार के सबसे शीर्ष स्तर के दो नेताओं के हाथ में है।' उन्होंने कहा कि रैली ने एक स्पष्ट संदेश दिया है और इस संदेश के मद्देनज़र ज्ञानेश कुमार को स्वयं कहना चाहिए कि 'मैं छोड़ता हूँ।' राजद सांसद ने यह भी चेताया कि अन्यथा लोकतंत्र अपने को बचाने के लिए 'और कई विकल्पों को तलाश सकता है।'

मनोज झा ने विपक्ष को 'अराजक' बताए जाने पर पलटवार करते हुए कहा कि छात्रों का अपने हित की बात करना, लोगों का ईमानदार व्यवस्था माँगना और सवाल पूछना — ये कभी भी अराजकता की श्रेणी में नहीं आते। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब इंडिया गठबंधन चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर लगातार सवाल उठाता रहा है।

रैली के बाद राजनीतिक हलचल

झामुमो नेता मनोज पांडे ने रामलीला मैदान की रैली को 'अभूतपूर्व' बताते हुए उन लोगों को 'सिरफिरा' करार दिया जो इसे फ्लॉप कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने एआई से सामग्री बनाकर रैली का मज़ाक उड़ाने की कोशिश की, लेकिन 'ऐसी हास्यास्पद बातें बोलकर वे खुद हास्य के पात्र बन रहे हैं।' पांडे ने यह भी कहा कि जब केंद्र सरकार ने अपने पुलिसकर्मी लगाकर व्यापारियों के प्रतिष्ठान बंद करवाए, तो इससे सरकार की 'हताशा और निराशा' साफ़ नज़र आई।

पश्चिम बंगाल और पंजाब पर टिप्पणी

मनोज पांडे ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में 29 लाख वोट काट दिए गए और चुनाव निष्पक्ष होते तो तृणमूल कांग्रेस (TMC) की नेता ममता बनर्जी आज भी सरकार बनाने में सक्षम होतीं। आगामी पंजाब चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि BJP यदि एक भी सीट जीत ले तो बहुत होगा, और किसान आंदोलन में सिखों के साथ हुए व्यवहार का हवाला देते हुए BJP पर 'फूट डालो और राज करो' की नीति अपनाने का आरोप लगाया।

JDU और राज्यसभा सभापति पर सवाल

मनोज झा ने जनता दल (यूनाइटेड) — JDU — की भूमिका पर भी इशारा करते हुए कहा कि वे 'नूरा-कुश्ती' में नहीं पड़ना चाहते और JDU की स्थिति पर वे पहले ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में विस्तार से बोल चुके हैं। उन्होंने राज्यसभा के सभापति से अपेक्षा जताई कि वे 'पंच परमेश्वर की भूमिका' निभाएँ। यह टिप्पणी संसदीय गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है।

आगे क्या

इंडिया ब्लॉक की रैली के बाद इन बयानों से यह स्पष्ट है कि विपक्ष चुनाव आयोग की विश्वसनीयता को केंद्रीय राजनीतिक मुद्दा बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है। आलोचकों का कहना है कि CEC के इस्तीफे की माँग एक संवैधानिक संस्था को दबाव में लाने की कोशिश है, जबकि इंडिया ब्लॉक का तर्क है कि यह लोकतंत्र की रक्षा के लिए ज़रूरी जवाबदेही है। अगले कुछ दिनों में संसद सत्र और पंजाब चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ यह विवाद और तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन संवैधानिक दृष्टि से जटिल — मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की प्रक्रिया सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश जैसी ही है, जो विपक्ष की इस रणनीति की व्यावहारिक सीमाएँ उजागर करती है। इंडिया ब्लॉक चुनाव आयोग को केंद्रीय चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश में है, लेकिन यह तभी कारगर होगा जब वह ठोस साक्ष्य-आधारित कानूनी चुनौती पेश करे, केवल मंच से बयानबाज़ी न करे। '29 लाख वोट काटे गए' जैसे दावे गंभीर हैं, किंतु इन्हें सत्यापन-योग्य तथ्यों से पुष्ट करना होगा। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूकती है, वह यह है कि यह विवाद पंजाब चुनाव से ठीक पहले आया है — जहाँ विपक्षी एकता और चुनावी विश्वसनीयता दोनों दाँव पर हैं।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मनोज झा ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग क्यों की?
राजद सांसद मनोज झा ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में 'बेईमानी और नाइंसाफी का पूरा आर्किटेक्चर' खड़ा किया गया है, जिसके प्रतीक CEC ज्ञानेश कुमार हैं। उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान की रैली ने यह संदेश दे दिया है कि ज्ञानेश कुमार को स्वयं पद छोड़ना चाहिए।
रामलीला मैदान की इंडिया ब्लॉक रैली को लेकर विवाद क्या है?
इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने 2 नवंबर 2026 को रामलीला मैदान में हुई रैली को 'ऐतिहासिक और अभूतपूर्व' बताया। वहीं BJP समर्थकों ने AI-निर्मित सामग्री का हवाला देकर इसे 'फ्लॉप' करार दिया, जिसे झामुमो नेता मनोज पांडे ने 'हास्यास्पद' और 'सिरफिरापन' कहा।
मनोज पांडे ने पश्चिम बंगाल में 29 लाख वोट काटे जाने का क्या आरोप लगाया?
झामुमो नेता मनोज पांडे ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में 29 लाख वोट काट दिए गए और यदि चुनाव निष्पक्ष होते, तो ममता बनर्जी आज भी राज्य में सरकार बना सकती थीं। यह दावा उन्होंने BJP पर 'फूट डालो और राज करो' की नीति अपनाने के आरोप के साथ जोड़ा।
मनोज झा ने JDU और राज्यसभा सभापति पर क्या कहा?
राजद सांसद मनोज झा ने कहा कि वे 'नूरा-कुश्ती' में नहीं पड़ना चाहते और JDU की स्थिति पर पहले ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोल चुके हैं। उन्होंने राज्यसभा सभापति से अपेक्षा जताई कि वे 'पंच परमेश्वर की भूमिका' निभाएँ, जो संसदीय संचालन में तटस्थता का संकेत देती है।
पंजाब चुनाव को लेकर इंडिया ब्लॉक का क्या रुख है?
झामुमो नेता मनोज पांडे ने कहा कि पंजाब में BJP यदि एक सीट भी जीत ले तो बहुत होगा। उन्होंने किसान आंदोलन के दौरान सिखों के साथ हुए व्यवहार का हवाला देते हुए BJP पर 'संकीर्ण मानसिकता' और 'फूट डालो राज करो' की नीति अपनाने का आरोप लगाया।
राष्ट्र प्रेस
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