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झारखंड हाई कोर्ट में ₹35 करोड़ के डेटा सेंटर का उद्घाटन, CJI सूर्यकांत करेंगे शुभारंभ

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झारखंड हाई कोर्ट में ₹35 करोड़ के डेटा सेंटर का उद्घाटन, CJI सूर्यकांत करेंगे शुभारंभ

सारांश

झारखंड हाई कोर्ट में ₹35 करोड़ की लागत से बने डेटा सेंटर का उद्घाटन CJI जस्टिस सूर्यकांत आज शाम करेंगे। एआई कानूनी शोध, ऑफलाइन स्पीच रिकॉग्निशन और 24 घंटे ऑनलाइन दस्तावेज़ सेवाओं के साथ यह झारखंड की न्यायिक व्यवस्था का सबसे बड़ा तकनीकी उन्नयन है।

मुख्य बातें

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत सोमवार शाम 7:30 बजे झारखंड हाई कोर्ट के ₹35 करोड़ के डेटा सेंटर का उद्घाटन करेंगे।
डेटा सेंटर में उच्च क्षमता वाले जीपीयू सर्वर , नेटवर्क सुरक्षा प्रणाली, निर्बाध बिजली आपूर्ति और केंद्रीकृत बैकअप शामिल हैं।
न्यायाधीशों को ड्रैगन स्पीच रिकॉग्निशन सॉफ्टवेयर मिलेगा जो बिना इंटरनेट के भी काम करेगा।
सुप्रीम टुडे एआई सॉफ्टवेयर से पुराने फैसलों और कानूनी नज़ीरों की त्वरित खोज संभव होगी।
नागरिक सिविल अदालतों के दस्तावेजों के लिए 24 घंटे ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
हाई कोर्ट की नई वेबसाइट और मोबाइल एप से वादी व अधिवक्ता केस स्टेटस और सुनवाई सूची देख सकेंगे।

झारखंड हाई कोर्ट परिसर में ₹35 करोड़ की लागत से स्थापित अत्याधुनिक डेटा सेंटर का उद्घाटन सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत सोमवार शाम 7:30 बजे रांची में करेंगे। यह पहल झारखंड की न्यायिक प्रणाली को डिजिटल तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे मुकदमों के प्रबंधन, दस्तावेज़ सुरक्षा और आम नागरिकों के लिए न्यायिक पहुँच बेहतर होने की उम्मीद है।

डेटा सेंटर की तकनीकी संरचना

इस अत्याधुनिक डेटा सेंटर में उच्च क्षमता वाले जीपीयू सर्वर, आधुनिक नेटवर्क सुरक्षा प्रणाली, निर्बाध बिजली आपूर्ति, केंद्रीकृत भंडारण और बैकअप व्यवस्था शामिल है। इसके माध्यम से मुकदमों से जुड़ी सूचनाएँ, इलेक्ट्रॉनिक न्यायिक अभिलेख और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सेवाएँ अधिक सुरक्षित और सुचारु तरीके से संचालित की जा सकेंगी। अदालतों के संवेदनशील दस्तावेजों को डिजिटल रूप में सुरक्षित रखना भी अब सुलभ होगा।

न्यायिक अधिकारियों के लिए नई सुविधाएँ

उद्घाटन समारोह के दौरान न्यायिक अधिकारियों को ड्रैगन स्पीच रिकॉग्निशन सॉफ्टवेयर किट उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे न्यायाधीश और अन्य अधिकारी बोलकर आदेश, फैसले और ज़रूरी दस्तावेज़ तैयार कर सकेंगे। उल्लेखनीय यह है कि यह सॉफ्टवेयर बिना इंटरनेट कनेक्शन के भी काम करेगा, जिससे टाइपिंग में लगने वाला समय बचेगा और गोपनीय दस्तावेजों की सुरक्षा बनी रहेगी।

इसके अतिरिक्त, न्यायिक अधिकारियों को सुप्रीम टुडे एआई सॉफ्टवेयर की सुविधा भी मिलेगी। इस एआई टूल के ज़रिए पुराने अदालती फैसलों, कानूनी नज़ीरों और ज़रूरी संदर्भों को कम समय में खोजा जा सकेगा, जिससे कानूनी शोध और फैसलों का मसौदा तैयार करने में उल्लेखनीय सहायता मिलेगी।

आम नागरिकों और वादियों पर असर

आम लोगों और मुकदमों से जुड़े पक्षकारों के लिए भी अनेक डिजिटल सुविधाएँ शुरू की जा रही हैं। राज्य के सिविल न्यायालयों में आदेश, फैसले और अन्य दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियों के लिए अब 24 घंटे ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा, जिससे लोगों को बार-बार अदालतों के चक्कर लगाने की ज़रूरत नहीं रहेगी।

हाई कोर्ट की नई वेबसाइट और मोबाइल एप के माध्यम से वादी अपने मुकदमों की स्थिति, दैनिक आदेश और सुनवाई की सूची देख सकेंगे। अधिवक्ताओं के लिए व्यक्तिगत सुनवाई सूची की सुविधा भी उपलब्ध होगी — वे अपने नाम या पंजीकरण संख्या के आधार पर मुकदमों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और महत्वपूर्ण तारीखों को मोबाइल पर सुरक्षित रख पाएंगे।

उद्घाटन समारोह में कौन रहेगा उपस्थित

इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत के अलावा सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एस. चंद्रशेखर, जस्टिस अपरेश कुमार सिंह और झारखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एम. एस. सोनक सहित कई वरिष्ठ न्यायाधीश उपस्थित रहेंगे। गौरतलब है कि यह पहल ऐसे समय में आई है जब देशभर की अदालतों में लंबित मुकदमों की संख्या पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं और डिजिटलीकरण को इसके समाधान के रूप में देखा जा रहा है।

झारखंड हाई कोर्ट का यह कदम न्यायिक प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में एक नई इबारत लिख सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन होगी — तकनीकी ढाँचा खड़ा करना एक बात है, और न्यायिक अधिकारियों को उसे रोज़मर्रा की कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाना बिल्कुल दूसरी। देश की कई अदालतों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और ई-फाइलिंग जैसी प्रणालियाँ तकनीकी रूप से उपलब्ध होने के बावजूद कम इस्तेमाल होती हैं। ड्रैगन स्पीच और एआई लीगल सर्च जैसे उपकरण तभी परिवर्तनकारी होंगे जब प्रशिक्षण और जवाबदेही के पुख्ता तंत्र हों; अन्यथा यह एक और उद्घाटन-योग्य बुनियादी ढाँचा बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड हाई कोर्ट का नया डेटा सेंटर क्या है?
यह रांची स्थित झारखंड हाई कोर्ट परिसर में ₹35 करोड़ की लागत से स्थापित अत्याधुनिक डिजिटल आधारभूत ढाँचा है। इसमें जीपीयू सर्वर, नेटवर्क सुरक्षा प्रणाली और केंद्रीकृत बैकअप शामिल हैं, जो न्यायिक अभिलेखों, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और ई-सेवाओं को सुरक्षित रूप से संचालित करेंगे।
डेटा सेंटर का उद्घाटन कब और कौन करेगा?
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत सोमवार शाम 7:30 बजे इसका उद्घाटन करेंगे। समारोह में जस्टिस एस. चंद्रशेखर, जस्टिस अपरेश कुमार सिंह और झारखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एम. एस. सोनक सहित कई वरिष्ठ न्यायाधीश भी उपस्थित रहेंगे।
ड्रैगन स्पीच रिकॉग्निशन सॉफ्टवेयर न्यायाधीशों की कैसे मदद करेगा?
इस सॉफ्टवेयर से न्यायाधीश और न्यायिक अधिकारी बोलकर आदेश, फैसले और दस्तावेज़ तैयार कर सकेंगे। यह बिना इंटरनेट कनेक्शन के भी काम करेगा, जिससे टाइपिंग का समय बचेगा और गोपनीय दस्तावेजों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
आम नागरिकों को इन सुविधाओं से क्या फायदा होगा?
नागरिक अब सिविल न्यायालयों के दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियों के लिए 24 घंटे ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे, जिससे बार-बार अदालत जाने की ज़रूरत नहीं रहेगी। हाई कोर्ट की नई वेबसाइट और मोबाइल एप से वादी केस स्टेटस, दैनिक आदेश और सुनवाई की तारीखें भी देख सकेंगे।
सुप्रीम टुडे एआई सॉफ्टवेयर क्या करेगा?
यह एआई-आधारित कानूनी शोध उपकरण है जो न्यायिक अधिकारियों को पुराने अदालती फैसलों, कानूनी नज़ीरों और संबंधित संदर्भों को कम समय में खोजने में मदद करेगा। इससे फैसलों का मसौदा तैयार करना अधिक तेज और सटीक हो सकेगा।
राष्ट्र प्रेस
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