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सुप्रीम कोर्ट में 5 नए न्यायाधीशों की शपथ आज, CJI सूर्यकांत दिलाएंगे पद की शपथ

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सुप्रीम कोर्ट में 5 नए न्यायाधीशों की शपथ आज, CJI सूर्यकांत दिलाएंगे पद की शपथ

सारांश

सुप्रीम कोर्ट में एक साथ पाँच न्यायाधीशों की नियुक्ति — चार उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश और एक वरिष्ठ अधिवक्ता — न्यायिक क्षमता विस्तार का स्पष्ट संकेत है। CJI सूर्यकांत आज सुबह 10:30 बजे शपथ दिलाएंगे, जिसके बाद न्यायाधीशों की कुल संख्या 37 पहुँच जाएगी।

मुख्य बातें

CJI न्यायमूर्ति सूर्यकांत 2 जून 2026 को सुबह 10:30 बजे सुप्रीम कोर्ट के 5 नए न्यायाधीशों को शपथ दिलाएंगे।
नवनियुक्त न्यायाधीश हैं — जस्टिस शील नागू , जस्टिस श्री चंद्रशेखर , जस्टिस संजीव सचदेवा , जस्टिस अरुण पल्ली और वरिष्ठ अधिवक्ता वी.
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 22 मई और 27 मई की बैठकों में इन नामों की सिफारिश की थी।
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने एक्स पर राष्ट्रपति की मंजूरी की जानकारी दी।
इन नियुक्तियों के बाद सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की कुल संख्या 37 हो जाएगी।

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति सूर्यकांत मंगलवार, 2 जून 2026 को सर्वोच्च न्यायालय के पाँच नवनियुक्त न्यायाधीशों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिशों पर कार्रवाई करते हुए इन नियुक्तियों को औपचारिक मंजूरी प्रदान कर दी है। इस नियुक्ति के बाद सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की कुल संख्या बढ़कर 37 हो जाएगी।

शपथ ग्रहण समारोह का विवरण

सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार, शपथ ग्रहण समारोह सुबह 10:30 बजे सुप्रीम कोर्ट के प्रशासनिक भवन परिसर (ABC) की तीसरी मंजिल स्थित ऑडिटोरियम में आयोजित किया जाएगा। रजिस्ट्री ने समारोह के लिए विशेष व्यवस्थाएँ की हैं और सुप्रीम कोर्ट सुरक्षा शाखा तथा CPWD सहित संबंधित समन्वय एजेंसियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। समारोह के दिन प्रशासनिक भवन परिसर में आम वाहनों की पार्किंग पर प्रतिबंध रहेगा; केवल रजिस्ट्रारों के वाहनों को प्रवेश की अनुमति होगी।

नवनियुक्त न्यायाधीश कौन हैं

जस्टिस शील नागू को मई 2011 में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया था और जुलाई 2024 में वे पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश बने।

जस्टिस श्री चंद्रशेखर जनवरी 2013 में झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश नियुक्त हुए और जनवरी 2025 में बॉम्बे उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का पदभार संभाला।

जस्टिस संजीव सचदेवा अप्रैल 2013 में दिल्ली उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश बने, मार्च 2015 में स्थायी न्यायाधीश हुए और जुलाई 2025 में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किए गए।

जस्टिस अरुण पल्ली दिसंबर 2013 में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश बने और अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किए गए।

वरिष्ठ अधिवक्ता वी. मोहना लंबे समय से सर्वोच्च न्यायालय में सक्रिय हैं और संवैधानिक, दीवानी तथा सेवा कानून से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण मामलों में पैरवी कर चुकी हैं। वे बार से सीधे सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश पद पर नियुक्त होने वाली विशिष्ट विधिवेत्ताओं में से एक हैं।

कॉलेजियम की सिफारिश और सरकार की मंजूरी

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 22 मई और 27 मई को हुई अपनी बैठकों में इन पाँचों नामों की सिफारिश की थी। मौजूदा 'मेमोरेंडम ऑफ प्रोसीजर' (MOP) के तहत CJI और सर्वोच्च न्यायालय के चार वरिष्ठतम न्यायाधीशों से मिलकर बना कॉलेजियम रिक्त पदों के लिए केंद्र को नाम भेजता है। केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी दी कि राष्ट्रपति ने CJI से परामर्श के बाद इन पाँचों की नियुक्ति को अनुमोदित कर दिया है।

सर्वोच्च न्यायालय की क्षमता पर असर

इन पाँच नियुक्तियों के बाद सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या 37 हो जाएगी, जिससे लंबित मामलों के त्वरित निपटारे में सहायता मिलने की उम्मीद है। गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय में स्वीकृत पदों की अधिकतम संख्या 34 + CJI = 34 तक सीमित रही है और इस विस्तार से न्यायिक बेंचों की उपलब्धता बढ़ेगी। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब देश में न्यायिक लंबितता एक गंभीर चिंता बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि अतीत में सिफारिशें महीनों लंबित रहती थीं। हालाँकि न्यायाधीशों की संख्या 37 पहुँचना स्वागतयोग्य है, असली प्रश्न यह है कि क्या यह विस्तार करोड़ों लंबित मामलों की गति पर वास्तविक असर डालेगा — या संख्या बढ़ाना पर्याप्त नहीं, बल्कि प्रक्रियागत सुधार भी उतने ही ज़रूरी हैं। वी. मोहना की बार-से-बेंच नियुक्ति विविधता के नज़रिए से महत्वपूर्ण है और कॉलेजियम की सोच में बदलाव का संकेत देती है।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुप्रीम कोर्ट के 5 नए न्यायाधीश कौन हैं?
नवनियुक्त पाँच न्यायाधीश हैं — जस्टिस शील नागू (पंजाब एवं हरियाणा HC के पूर्व CJ), जस्टिस श्री चंद्रशेखर (बॉम्बे HC के पूर्व CJ), जस्टिस संजीव सचदेवा (मध्य प्रदेश HC के पूर्व CJ), जस्टिस अरुण पल्ली (जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख HC के पूर्व CJ) और वरिष्ठ अधिवक्ता वी. मोहना। इनकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा CJI से परामर्श के बाद अनुमोदित की गई है।
शपथ ग्रहण समारोह कब और कहाँ होगा?
शपथ ग्रहण समारोह 2 जून 2026 को सुबह 10:30 बजे सुप्रीम कोर्ट के प्रशासनिक भवन परिसर (ABC) की तीसरी मंजिल स्थित ऑडिटोरियम में आयोजित होगा। CJI न्यायमूर्ति सूर्यकांत पाँचों न्यायाधीशों को पद की शपथ दिलाएंगे।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने इन नामों की सिफारिश कब की थी?
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 22 मई और 27 मई 2026 को हुई बैठकों में इन पाँचों नामों की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी थी। कॉलेजियम में CJI और सर्वोच्च न्यायालय के चार वरिष्ठतम न्यायाधीश शामिल होते हैं।
इन नियुक्तियों के बाद सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या कितनी होगी?
पाँच नई नियुक्तियों के बाद सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की कुल संख्या बढ़कर 37 हो जाएगी। इससे न्यायिक बेंचों की उपलब्धता बढ़ेगी और लंबित मामलों के निपटारे में तेज़ी आने की उम्मीद है।
वरिष्ठ अधिवक्ता वी. मोहना की नियुक्ति क्यों विशेष है?
वी. मोहना सीधे बार (वकालत) से सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश पद पर नियुक्त हुई हैं, जो अपेक्षाकृत दुर्लभ है। वे संवैधानिक, दीवानी और सेवा कानून के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय रही हैं और उनकी नियुक्ति न्यायपालिका में विविधता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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