सुप्रीम कोर्ट में 5 नए न्यायाधीशों की शपथ आज, CJI सूर्यकांत दिलाएंगे पद की शपथ
सारांश
मुख्य बातें
भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति सूर्यकांत मंगलवार, 2 जून 2026 को सर्वोच्च न्यायालय के पाँच नवनियुक्त न्यायाधीशों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिशों पर कार्रवाई करते हुए इन नियुक्तियों को औपचारिक मंजूरी प्रदान कर दी है। इस नियुक्ति के बाद सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की कुल संख्या बढ़कर 37 हो जाएगी।
शपथ ग्रहण समारोह का विवरण
सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार, शपथ ग्रहण समारोह सुबह 10:30 बजे सुप्रीम कोर्ट के प्रशासनिक भवन परिसर (ABC) की तीसरी मंजिल स्थित ऑडिटोरियम में आयोजित किया जाएगा। रजिस्ट्री ने समारोह के लिए विशेष व्यवस्थाएँ की हैं और सुप्रीम कोर्ट सुरक्षा शाखा तथा CPWD सहित संबंधित समन्वय एजेंसियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। समारोह के दिन प्रशासनिक भवन परिसर में आम वाहनों की पार्किंग पर प्रतिबंध रहेगा; केवल रजिस्ट्रारों के वाहनों को प्रवेश की अनुमति होगी।
नवनियुक्त न्यायाधीश कौन हैं
जस्टिस शील नागू को मई 2011 में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया था और जुलाई 2024 में वे पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश बने।
जस्टिस श्री चंद्रशेखर जनवरी 2013 में झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश नियुक्त हुए और जनवरी 2025 में बॉम्बे उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का पदभार संभाला।
जस्टिस संजीव सचदेवा अप्रैल 2013 में दिल्ली उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश बने, मार्च 2015 में स्थायी न्यायाधीश हुए और जुलाई 2025 में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किए गए।
जस्टिस अरुण पल्ली दिसंबर 2013 में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश बने और अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किए गए।
वरिष्ठ अधिवक्ता वी. मोहना लंबे समय से सर्वोच्च न्यायालय में सक्रिय हैं और संवैधानिक, दीवानी तथा सेवा कानून से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण मामलों में पैरवी कर चुकी हैं। वे बार से सीधे सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश पद पर नियुक्त होने वाली विशिष्ट विधिवेत्ताओं में से एक हैं।
कॉलेजियम की सिफारिश और सरकार की मंजूरी
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 22 मई और 27 मई को हुई अपनी बैठकों में इन पाँचों नामों की सिफारिश की थी। मौजूदा 'मेमोरेंडम ऑफ प्रोसीजर' (MOP) के तहत CJI और सर्वोच्च न्यायालय के चार वरिष्ठतम न्यायाधीशों से मिलकर बना कॉलेजियम रिक्त पदों के लिए केंद्र को नाम भेजता है। केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी दी कि राष्ट्रपति ने CJI से परामर्श के बाद इन पाँचों की नियुक्ति को अनुमोदित कर दिया है।
सर्वोच्च न्यायालय की क्षमता पर असर
इन पाँच नियुक्तियों के बाद सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या 37 हो जाएगी, जिससे लंबित मामलों के त्वरित निपटारे में सहायता मिलने की उम्मीद है। गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय में स्वीकृत पदों की अधिकतम संख्या 34 + CJI = 34 तक सीमित रही है और इस विस्तार से न्यायिक बेंचों की उपलब्धता बढ़ेगी। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब देश में न्यायिक लंबितता एक गंभीर चिंता बनी हुई है।