सीजेआई सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट में DGHS विस्तार खंड का उद्घाटन किया, दिल्ली सरकार को दिया धन्यवाद
सारांश
मुख्य बातें
भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने 15 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट परिसर में दिल्ली सरकार स्वास्थ्य सेवा (DGHS) केंद्र के विस्तार खंड का उद्घाटन किया। यह केंद्र सर्वोच्च न्यायालय के बार सदस्यों और कर्मचारियों को आयुर्वेद, होम्योपैथी तथा एलोपैथी सहित कई चिकित्सा सुविधाएँ एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराएगा। उद्घाटन के अवसर पर सीजेआई ने दिल्ली सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
उद्घाटन की मुख्य बातें
पत्रकारों से बातचीत में सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, 'दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग और दिल्ली सरकार के सहयोग से यहाँ बार सदस्यों और हमारे स्टाफ के लिए स्वास्थ्य केंद्र का उद्घाटन किया गया है। इसमें आयुर्वेद, होम्योपैथी, एलोपैथी समेत सारी सुविधाएँ दी गई हैं।' उन्होंने यह भी बताया कि इस केंद्र से विशेषज्ञ अस्पतालों तक सीधी कनेक्टिविटी सुनिश्चित की गई है, जो इसे पहले से अधिक उपयोगी बनाती है।
उन्होंने जोड़ा, 'स्वास्थ्य एक ऐसा विषय है जिस पर कोई समझौता नहीं हो सकता। मैं बहुत खुश हूँ कि आज बार सदस्यों और स्टाफ के लिए बहुत अच्छी सुविधा की शुरुआत हुई है। मैं दिल्ली सरकार का आभार व्यक्त करता हूँ।'
विशेष अस्पतालों से सीधा जुड़ाव
विस्तारित DGHS केंद्र को मौलाना आज़ाद इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज और राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल सहित कई विशिष्ट अस्पतालों से सीधे जोड़ा गया है। इसके अलावा केंद्र में अल्ट्रासाउंड सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जो परिसर में उपचार की गुणवत्ता को नई ऊँचाई देती है।
पृष्ठभूमि: पहले भी हुआ था उद्घाटन
गौरतलब है कि इससे पहले 17 सितंबर 2024 को तत्कालीन सीजेआई न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ ने सुप्रीम कोर्ट परिसर में दिल्ली सरकारी स्वास्थ्य केंद्र (DGHC) का उद्घाटन किया था। उस अवसर पर उन्होंने कहा था, 'यह स्वास्थ्य केंद्र दिल्ली सरकार के सहयोग से वकीलों, वादियों को बुनियादी चिकित्सा उपचार प्रदान करने के लिए स्थापित किया गया है। यहाँ ब्लड रिपोर्ट, ईएनटी, बिस्तर जैसी अन्य सुविधाएँ भी हैं।' अब विस्तार खंड के शामिल होने से इस केंद्र का दायरा और गहराई दोनों बढ़ी हैं।
बार के नज़रिए से अहमियत
वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा, 'यह लंबे समय से माँग थी क्योंकि वकील सुबह से शाम तक अदालत में काम करते हैं और बहुत तनाव होता है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इसलिए जरूरी है। इसमें दो डॉक्टर और बुनियादी सुविधाएँ हैं। इस पहल के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश को बधाई देता हूँ।' यह टिप्पणी दर्शाती है कि न्यायिक समुदाय में लंबे समय से ऐसे केंद्र की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
आगे की राह
सुप्रीम कोर्ट परिसर में बहु-विशेषज्ञता वाले स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना न्यायिक कर्मियों के कल्याण की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। यह ऐसे समय में आया है जब न्यायपालिका और राज्य सरकारें मिलकर सेवाओं को परिसर स्तर पर सुलभ बनाने की दिशा में प्रयास कर रही हैं। आने वाले समय में इस मॉडल को अन्य अदालत परिसरों में भी अपनाए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।