सीजेआई सूर्यकांत ने मंडी में 152 करोड़ रुपए के नए ज्यूडिशियल कोर्ट कॉम्प्लेक्स का शिलान्यास किया
सारांश
Key Takeaways
- नए कोर्ट कॉम्प्लेक्स का शिलान्यास सीजेआई सूर्यकांत ने किया।
- कॉम्प्लेक्स में आधुनिक सुविधाएं होंगी।
- यह परियोजना न्यायिक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण है।
- संवेदनशील मामलों के लिए सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
- भविष्य की जरूरतों के लिए अतिरिक्त स्थान भी आरक्षित है।
मंडी, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। हिमाचल प्रदेश के छोटी काशी मंडी में लगभग 152 करोड़ रुपए की लागत से एक नए ज्यूडिशियल कोर्ट कॉम्प्लेक्स का शिलान्यास रविवार को किया गया। इस समारोह में सीजेआई सूर्यकांत मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे।
निर्धारित ज्यूडिशियल कोर्ट कॉम्प्लेक्स लगभग 9.6 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किया जाएगा और इसमें अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया को और अधिक सुव्यवस्थित, सुगम और प्रभावी बनाना है, ताकि न्यायिक कार्यवाही तेज़ी और गुणवत्ता के साथ संचालित हो सके।
कॉम्प्लेक्स की संरचना इस तरह से बनाई गई है कि इसका प्रमुख कार्यात्मक क्षेत्र एक केंद्रीय कोर्टयार्ड के चारों ओर विकसित होगा। इसके आसपास अपीलीय न्यायालय, विभिन्न न्यायालयों के कक्ष और अधिवक्ताओं के लिए अलग ब्लॉक बनाए जाएंगे। इससे न्यायिक गतिविधियों के संचालन में सुविधा और बेहतर समन्वय सुनिश्चित होगा।
संवेदनशील मामलों का ध्यान रखते हुए इस परिसर में जुवेनाइल और संवेदनशील गवाह न्यायालय के लिए एक अलग ब्लॉक भी बनाया जाएगा। यहाँ बच्चों, महिलाओं और अन्य संवेदनशील गवाहों के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे बिना किसी भय या दबाव के न्यायिक प्रक्रिया में अपनी बात रख सकें।
इसके अतिरिक्त, भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए परिसर में अतिरिक्त कोर्ट ब्लॉकों के लिए भी पर्याप्त स्थान आरक्षित किया गया है। इससे आने वाले वर्षों में न्यायालयों की संख्या बढ़ने या न्यायिक गतिविधियों के विस्तार की स्थिति में अतिरिक्त भवनों का निर्माण करना सरल होगा।
यह परियोजना मंडी क्षेत्र के न्यायिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। स्थानीय लोगों और न्यायिक समुदाय को यह उम्मीद है कि नए कोर्ट कॉम्प्लेक्स के बनने से न्यायिक सेवाएं अधिक सुलभ और प्रभावी बनेंगी। इसके साथ ही, यहाँ बच्चों, महिलाओं और अन्य संवेदनशील गवाहों के लिए सुरक्षित और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि वे बिना किसी भय या दबाव के न्यायिक प्रक्रिया में भाग ले सकें।
इस कार्यक्रम में उनके साथ हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायाधिपति गुरमीत सिंह संधावालिया भी उपस्थित रहे।