क्या यूपी में न्यायिक व्यवस्था से जुड़े कार्यों को पूरा करने में देर नहीं लगती?

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क्या यूपी में न्यायिक व्यवस्था से जुड़े कार्यों को पूरा करने में देर नहीं लगती?

सारांश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न्यायपालिका के सशक्तिकरण और यूपी में न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत के साथ मिलकर छह जिलों में एकीकृत न्यायालय परिसर का शिलान्यास किया गया है। यह कदम न्याय प्राप्ति की प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाएगा।

मुख्य बातें

न्यायपालिका का सशक्तिकरण .
छह जिलों में एकीकृत न्यायालय परिसर .
न्याय प्राप्ति की प्रक्रिया में सुधार .
उच्चतम न्यायालय की प्रेरणा .
सुविधाजनक इंफ्रास्ट्रक्चर .

चंदौली, १७ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। देश के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में शनिवार को चंदौली में छह जिलों (चंदौली, महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस और औरैया) के एकीकृत न्यायालय परिसर का शिलान्यास और भूमि पूजन किया।

मुख्यमंत्री योगी ने मुख्य न्यायाधीश को स्मृति चिह्न प्रदान किया और सभी न्यायमूर्तियों का स्वागत किया। अपने संबोधन में, उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के सशक्तिकरण के लिए न्यायपालिका का सशक्त होना आवश्यक है। आम आदमी को न्याय प्राप्त करने में सहजता होनी चाहिए, इसके लिए अच्छी इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता है। यूपी सरकार न्यायिक व्यवस्था से जुड़े कार्यों में तेजी से प्रगति कर रही है और हमें सुशासन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए न्यायिक सुविधाओं को मजबूत करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन यूपी के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां न्यायपालिका के इतिहास का नया अध्याय शुरू हो रहा है। उन्होंने उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की पुरानी बातों का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि न्याय सभी नागरिकों के लिए सहजता से उपलब्ध होना चाहिए। मुख्य न्यायाधीश की प्रेरणा से यूपी के छह जनपदों में यह सुविधा उपलब्ध हो रही है, और अगले कुछ महीनों में चार अन्य जनपदों में भी यह सुविधा शुरू होगी।

सीएम योगी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने २०१४ में आने के बाद 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' और 'ईज ऑफ लिविंग' के लिए कई सुधार किए हैं। उन्होंने प्रयागराज में एक कार्यक्रम के दौरान बताया कि कोर्ट कॉम्प्लेक्स भी इंटीग्रेटेड होना चाहिए। यूपी सरकार ने १० जनपदों में इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स के लिए स्वीकृति दी है।

सीएम ने आगे कहा कि पहले चरण में चंदौली समेत छह जनपदों के लिए धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है, और सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। एलएंडटी जैसी विश्व प्रसिद्ध कंपनियों द्वारा निर्माण कार्य शुरू होगा। यहां कोर्ट कॉम्प्लेक्स, अधिवक्ताओं के लिए चैंबर, न्यायिक अधिकारियों के लिए आवास, कैंटीन, पार्किंग और खेल की सुविधाएं रहेंगी।

सीएम योगी ने इस बात पर जोर दिया कि हर जनपद में ऐसे कोर्ट कॉम्प्लेक्स होने चाहिए और चंदौली में इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जा रहा है। उन्होंने चंदौली के जनप्रतिनिधियों और अधिवक्ताओं को इस कार्य में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण है। न्यायपालिका की मजबूती लोकतंत्र के लिए आवश्यक है और यह सुनिश्चित करना कि हर नागरिक को न्याय सुलभ हो, सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न्यायालय परिसर का शिलान्यास कब किया?
उन्होंने यह शिलान्यास १७ जनवरी को किया।
कौन से जिलों में एकीकृत न्यायालय परिसर बनाए जा रहे हैं?
चंदौली, महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस और औरैया में ये परिसर बनाए जा रहे हैं।
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य न्याय की प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाना है।
राष्ट्र प्रेस
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