पूर्व रेलवे का छह महीने में अभूतपूर्व विस्तार: 115 नए ट्रेन ठहराव से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में सुधार
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पूर्व रेलवे ने पिछले छह महीनों में यात्री सुविधाओं को अभूतपूर्व तरीके से विकसित करते हुए एक महत्वपूर्ण पहल की है। विभिन्न मंडलों में कुल 104 एक्सप्रेस/मेल ट्रेनों और 11 यात्री ट्रेनों को नए ठहराव दिए गए हैं, जिससे कुल 115 अतिरिक्त सेवाएं शुरू हुई हैं। यह कदम दूरदराज के क्षेत्रों और प्रमुख शहरी केंद्रों के बीच की दूरी को प्रभावी ढंग से कम कर रहा है, जिससे क्षेत्रीय यात्रा, व्यापार और सामाजिक-आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
पूर्व रेलवे के इस विस्तार का दायरा काफी व्यापक है। इसमें सैलार, पांडबेश्वर, अंडाल जंक्शन, अंबिका कालना, महिपाल रोड, त्रिबेणी, कुल्टी, बराकर, सुल्तानगंज, कहलगांव, सिमुलतला और कई और स्टेशन शामिल हैं। इन नए ठहरावों से स्थानीय निवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है।
इस पहल का उद्देश्य केवल ट्रेन रुकवाना नहीं, बल्कि लोगों के जीवन को सरल बनाना है। नए ठहरावों से स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, बाजारों तक पहुंच में आसानी होगी, पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। कई ऐसे क्षेत्र जहां पहले ट्रेनें गुजरती थीं लेकिन नहीं रुकती थीं, अब सीधे जुड़े हैं। इससे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के लोग बड़े शहरों, अस्पतालों, शिक्षा संस्थानों और बाजारों तक तेजी से पहुंच सकते हैं।
कुछ प्रमुख उदाहरणों में 13033/13034 ट्रेन अब महिपाल रोड, त्रिबेणी, संकोपारा हॉल्ट और लालबाग कोर्ट रोड पर रुकेगी। 13019/13020 को सिमुलतला में ठहराव मिला है। धरहरा स्टेशन पर 14003/14004, 15097/15098 और 12253/12254 ट्रेनें रुकेंगी। कहलगांव में 13429/13430 का ठहराव जोड़ा गया है।
पूर्व रेलवे के अनुसार, यह विस्तार यात्री-केंद्रित नीति का हिस्सा है। इन नए ठहरावों से यात्रा समय बचेगा, भीड़ कम होगी और कनेक्टिविटी मजबूत होगी। स्थानीय समुदायों ने इस निर्णय का स्वागत किया है। कई जगहों पर लोग वर्षों से ऐसे ठहराव की मांग कर रहे थे। अब ये क्षेत्र मुख्य रेल नेटवर्क से जुड़कर विकास की मुख्यधारा में शामिल होंगे।
यह पहल 'विकसित भारत' के विजन से जुड़ी है, जहां रेलवे केवल परिवहन का माध्यम नहीं, बल्कि विकास का साधन बनता है। पूर्व रेलवे ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी यात्री मांग के अनुसार ऐसे विस्तार जारी रहेंगे। इससे क्षेत्रीय असमानता कम होगी और हर नागरिक को बेहतर कनेक्टिविटी प्राप्त होगी।