2 नवंबर 2026
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संबित पात्रा का वाराणसी से हमला: रामलीला मैदान में 20 हजार भी नहीं जुटे, SIR गिनती भी ऐसी ही

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संबित पात्रा का वाराणसी से हमला: रामलीला मैदान में 20 हजार भी नहीं जुटे, SIR गिनती भी ऐसी ही

सारांश

भाजपा सांसद संबित पात्रा ने वाराणसी से विपक्ष पर दोहरा हमला बोला — रामलीला मैदान की रैली को 'फ्लॉप शो' बताया और SIR को कांग्रेस काल की परंपरा करार दिया। 12 में से 10 SIR कांग्रेस के समय हुए — यह तथ्य इस पूरे विवाद की धुरी है।

मुख्य बातें

भाजपा सांसद संबित पात्रा ने 2 नवंबर 2026 को वाराणसी में पत्रकारों से बात की।
पात्रा का दावा — रामलीला मैदान रैली में 10 लाख की भीड़ के दावे के बावजूद 20 हजार लोग भी नहीं आए; मैदान 50% खाली था।
पात्रा के अनुसार यह 12वाँ SIR है — जिनमें 10 SIR कांग्रेस शासन में हुए, 2 वर्तमान सरकार में।
राहुल गांधी के 13 करोड़ वोट चोरी के दावे को पात्रा ने निराधार बताया।
SIR को लेकर राजनीतिक टकराव आगामी विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में तेज हो रहा है।

भाजपा सांसद संबित पात्रा ने 2 नवंबर 2026 को वाराणसी पहुँचने पर पत्रकारों से बातचीत में विशेष मतदाता पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला और दावा किया कि रामलीला मैदान में विपक्षी रैली बुरी तरह विफल रही। पात्रा ने कहा कि 10 लाख की भीड़ के दावे के बावजूद मैदान में 20 हजार लोग भी नहीं पहुँचे।

काशी की भूमि से SIR विवाद पर पात्रा का पलटवार

पात्रा ने कहा कि SIR को लेकर देश में एक भ्रामक और उत्तेजक वातावरण बनाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह 12वाँ SIR है, जिनमें से 10 SIR कांग्रेस के शासनकाल में हुए और केवल दो वर्तमान सरकार के दौरान। उन्होंने आरोप लगाया कि जब कांग्रेस SIR कराती थी तो वह ठीक था, लेकिन अब मतदाता सूची के शुद्धीकरण की यही प्रक्रिया गलत बताई जा रही है।

राहुल गांधी के '13 करोड़ वोट चोरी' के आरोप पर प्रतिक्रिया

भाजपा सांसद ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस दावे को सिरे से खारिज किया जिसमें कथित तौर पर 13 करोड़ वोट चोरी का आरोप लगाया गया था। पात्रा ने तर्क दिया, 'अगर ऐसा हुआ होता तो आज देश की रूपरेखा कैसी होती? लोग देश की सड़कों पर होते और आंदोलन कर रहे होते।' उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त को 'एजेंट' कहना लोकतांत्रिक संस्थाओं पर अनुचित हमला है।

रामलीला मैदान रैली पर 'फ्लॉप शो' का दावा

पात्रा ने विपक्षी रैली को 'फ्लॉप शो' करार देते हुए कहा कि रामलीला मैदान 50 प्रतिशत खाली था। उनके अनुसार, जो भी संख्या विपक्ष देता है — चाहे रैली में भीड़ की हो या SIR की गिनती की — वह गलत निकलती है। यह बयान ऐसे समय आया है जब विपक्ष SIR को लेकर राष्ट्रव्यापी आंदोलन की कोशिश कर रहा है।

SIR विवाद की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि विशेष मतदाता पुनरीक्षण (SIR) एक नियमित प्रक्रिया है जिसके तहत मतदाता सूची को अद्यतन किया जाता है। विपक्ष का आरोप है कि इस बार के SIR में कुछ विशेष समुदायों के वोट बड़े पैमाने पर हटाए जा रहे हैं, जबकि भाजपा इसे मतदाता सूची की सफाई की सामान्य प्रक्रिया बता रही है। यह विवाद आने वाले विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में और अधिक तीखा हो गया है।

आगे क्या

SIR को लेकर विपक्षी दलों और सत्तारूढ़ भाजपा के बीच यह जुबानी जंग आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है। चुनाव आयोग की इस प्रक्रिया पर राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है और विभिन्न दल अपनी स्थिति को और मजबूत करने में जुटे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस मूल प्रश्न का उत्तर नहीं देता जो विपक्ष उठा रहा है — क्या इस बार SIR की प्रक्रिया में किसी विशेष समुदाय के मतदाताओं को असंगत रूप से हटाया जा रहा है। रामलीला मैदान की भीड़ पर बहस मुद्दे से ध्यान भटकाने की रणनीति लगती है। असली सवाल यह है कि SIR में पारदर्शिता और स्वतंत्र सत्यापन का तंत्र कितना मजबूत है — जिस पर न भाजपा और न ही विपक्ष सीधा जवाब दे रहा है।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

SIR (विशेष मतदाता पुनरीक्षण) क्या होता है?
SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण वह प्रक्रिया है जिसके तहत चुनाव आयोग मतदाता सूची को अद्यतन करता है — नए मतदाताओं को जोड़ता है और अपात्र या मृत मतदाताओं के नाम हटाता है। संबित पात्रा के अनुसार यह 12वाँ SIR है और पिछले 10 कांग्रेस के शासनकाल में हुए थे।
संबित पात्रा ने रामलीला मैदान रैली पर क्या कहा?
पात्रा ने दावा किया कि रामलीला मैदान की रैली 'फ्लॉप शो' रही — 10 लाख लोगों के आने के दावे के बावजूद 20 हजार लोग भी नहीं जुटे और मैदान 50 प्रतिशत खाली था। उन्होंने इसे विपक्ष की संख्या बढ़ा-चढ़ाकर बताने की आदत से जोड़ा।
राहुल गांधी के '13 करोड़ वोट चोरी' के दावे पर पात्रा की क्या प्रतिक्रिया थी?
पात्रा ने इस दावे को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि अगर सच में 13 करोड़ वोट चोरी हुए होते तो देशभर में आंदोलन होता और सड़कें भर जातीं, जो नहीं हुआ।
भाजपा SIR विवाद पर विपक्ष के आरोपों का जवाब कैसे दे रही है?
भाजपा का तर्क है कि SIR एक नियमित और पारदर्शी प्रक्रिया है जो मतदाता सूची की शुद्धता के लिए की जाती है। पात्रा ने ऐतिहासिक रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस ने खुद अपने शासनकाल में 10 बार यह प्रक्रिया की है।
SIR विवाद का आगामी चुनावों पर क्या असर पड़ सकता है?
SIR को लेकर विपक्षी दलों और भाजपा के बीच तीखी बयानबाजी आगामी विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में और तेज होने की संभावना है। मतदाता सूची की शुद्धता एक संवेदनशील चुनावी मुद्दा बन चुकी है।
राष्ट्र प्रेस
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