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वोट चोरी आरोप बेबुनियाद, आंदोलन से सरकार नहीं बदलती: केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले

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वोट चोरी आरोप बेबुनियाद, आंदोलन से सरकार नहीं बदलती: केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले

सारांश

जयपुर में केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले का तीखा बयान — वोट चोरी के आरोप बेबुनियाद हैं, चुनाव आयोग को निशाना बनाना गलत है, और बांग्लादेश-शैली के आंदोलन से भारत में सरकार नहीं बदलेगी। संविधान का राज यहाँ सर्वोपरि है।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने 23 अक्टूबर 2026 को जयपुर में वोट चोरी के सभी आरोपों को बेबुनियाद करार दिया।
उन्होंने कहा कि 2024 में एनडीए को अपेक्षित 400 सीटें नहीं मिलीं, फिर भी सरकार ने वोट चोरी का आरोप नहीं लगाया।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को आठवले ने निरर्थक बताया।
आठवले ने बांग्लादेश, श्रीलंका और नेपाल का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत में आंदोलन से सरकार नहीं बदलती।
2029 के चुनाव में भी एनडीए सरकार बनाने का पूरा विश्वास जताया।

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने 23 अक्टूबर 2026 को जयपुर में विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए वोट चोरी के आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद करार दिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बांग्लादेश-शैली के आंदोलन से भारत में सरकार नहीं बदली जा सकती, क्योंकि यहाँ संविधान का शासन है।

आठवले का विपक्ष पर हमला

आठवले पिंक सिटी प्रेस क्लब के 35वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे, जहाँ उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए संवाददाताओं को सम्मानित किया गया। इस तीन दिवसीय उत्सव का समापन आज हुआ। इसी अवसर पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने विपक्ष द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को निराधार बताया।

आठवले ने कहा, 'लोकतंत्र में बहुमत सरकार बदलता है। अनेक साल तक कांग्रेस पार्टी सत्ता में रही। 2024 में एनडीए की करीब 400 सीट आनी चाहिए थीं, लेकिन बहुत कम आईं। मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस की सीटें काफी बढ़ गईं, लेकिन हमने ऐसा आरोप नहीं लगाया कि वोट चोरी हुई। जहाँ पर हमारी सरकार आती है और हमें ज़्यादा वोट मिलते हैं, वहाँ पर विपक्ष वोट चोरी का आरोप लगाती है।'

चुनाव आयोग पर निशाना साधने को बताया गलत

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विपक्ष के पास लोकतांत्रिक अधिकार है कि वह मतदाताओं के पास जाए और अपनी सरकार लाने की कोशिश करे, लेकिन चुनाव आयोग को निशाना बनाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा, 'चुनाव आयोग को मतदाताओं की सही सूची बनानी चाहिए, इससे हम सहमत हैं। हर वोटर को वोटिंग करने का अधिकार है, उसे छीनना नहीं चाहिए। इसके लिए विपक्ष को सुझाव देने की आवश्यकता है।'

उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा माँगने से विपक्ष को कोई लाभ नहीं होगा। गौरतलब है कि हाल के चुनावी नतीजों के बाद से विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर बार-बार सवाल उठाए हैं।

बांग्लादेश और श्रीलंका का दिया उदाहरण

आठवले ने कहा, 'विपक्ष के पास आंदोलन करने का अधिकार है, लेकिन बांग्लादेश की तरह आंदोलन करके एकदम से सरकार नहीं बदली जा सकती। श्रीलंका और नेपाल में ऐसा हुआ, लेकिन भारत में यह संभव नहीं है। आंदोलन करने से सरकार नहीं बदलती। यहाँ पर संविधान का राज है।'

यह बयान ऐसे समय में आया है जब कुछ विपक्षी नेता लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर खुलकर सवाल उठा रहे हैं और जन-आंदोलन की बात कर रहे हैं।

मोदी सरकार पर जताया पूरा भरोसा

केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा, 'लोग जिसे चाहते हैं, उसे सरकार बनाने का अधिकार है। नरेंद्र मोदी को तीसरी बार देश का प्रधानमंत्री बनने का मौका मिला है। पीएम मोदी अच्छा काम करने वाले इंसान हैं। हमें पूरा विश्वास है कि 2029 में भी हमारी ही सरकार आएगी।'

आगे भी एनडीए अपनी इसी आत्मविश्वास के साथ विपक्ष की चुनौतियों का सामना करती रहेगी, ऐसा आठवले ने संकेत दिया।

संपादकीय दृष्टिकोण

उन पर विमर्श कम और आरोप-प्रत्यारोप ज़्यादा हो रहा है। बांग्लादेश और श्रीलंका का उदाहरण नाटकीय है, लेकिन भारतीय संदर्भ में यह तुलना तथ्यात्मक रूप से असंगत भी है। असली ज़रूरत चुनाव सुधारों पर खुली बहस की है, न कि संस्थाओं के बचाव या हमले की।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रामदास आठवले ने वोट चोरी के आरोपों पर क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने वोट चोरी के सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने तर्क दिया कि 2024 में एनडीए को भी अपेक्षित सीटें नहीं मिलीं, लेकिन सरकार पक्ष ने ऐसे कोई आरोप नहीं लगाए।
आठवले ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग पर क्या कहा?
आठवले ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा माँगने से विपक्ष को कोई फायदा नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग को निशाना बनाने की बजाय विपक्ष को सुझाव देने चाहिए।
क्या भारत में बांग्लादेश जैसे आंदोलन से सरकार बदल सकती है?
आठवले ने साफ कहा कि भारत में बांग्लादेश की तरह आंदोलन करके एकदम से सरकार नहीं बदली जा सकती। उनके अनुसार भारत में संविधान का राज है और केवल चुनावी बहुमत से ही सरकार बदलती है।
आठवले ने 2029 के चुनाव को लेकर क्या कहा?
आठवले ने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा कि 2029 के चुनाव में भी एनडीए की सरकार बनेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'अच्छा काम करने वाले इंसान' बताया।
पिंक सिटी प्रेस क्लब के 35वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में क्या हुआ?
जयपुर में पिंक सिटी प्रेस क्लब के 35वें स्थापना दिवस का तीन दिवसीय उत्सव 23 अक्टूबर 2026 को संपन्न हुआ। इसमें उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए संवाददाताओं को सम्मानित किया गया और केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले मुख्य अतिथि थे।
राष्ट्र प्रेस
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