क्या भाजपा ने कभी वोट चोरी कर राज किया? रामकृपाल यादव का स्पष्ट जवाब

सारांश
Key Takeaways
- भाजपा ने कभी वोट चोरी नहीं किया है।
- राहुल गांधी पर लगाये गए आरोप गंभीर हैं।
- लोकतंत्र को बचाना महत्वपूर्ण है।
- विपक्ष के पास मुद्दों की कमी है।
- चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है।
गया, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री रामकृपाल यादव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा कि गुजरात मॉडल केवल 'वोट चोरी' का मॉडल है। भाजपा नेता रामकृपाल यादव ने स्पष्ट किया कि भाजपा ने कभी भी वोट चोरी करके सत्ता नहीं हासिल की।
उन्होंने कहा कि गुजरात ने कभी भी वोट चोरी नहीं की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जनता ने स्वीकार किया, पहले उन्हें मुख्यमंत्री बनाया और अब वे पीएम बने हैं। भाजपा और एनडीए ने कभी भी वोट चोरी करके शासन नहीं किया। यह कार्य केवल कांग्रेस पार्टी का रहा है, जिसने 60 वर्षों तक देश में वोटों की डकैती की है। यदि बिहार में ऐसे लोगों के हाथ में सत्ता आ गई, तो लोकतंत्र का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों पर भाजपा नेता रामकृपाल यादव ने कहा कि यदि वे जीतते हैं तो बब्बर शेर कहलाएंगे, लेकिन यदि हारते हैं तो बहाने बनाएंगे। वे कहेंगे, 'ईवीएम में गड़बड़ी हुई,' 'ऐसा हुआ,' 'वैसा हुआ,' 'वोट चोरी हो गए,' और इन्हीं आधार पर राजनीति कर रहे हैं। राहुल गांधी इतने गंभीर नहीं हैं। आज वे विपक्ष के साये में हैं; जहां भी जाते हैं, विपक्ष के बलि का बकरा बन जाते हैं।
रामकृपाल यादव ने कांग्रेस पार्टी और राजद पर भी हमला किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है; वे मतदाता पुनरीक्षण के नाम पर वोटरों के बीच भ्रम फैला रहे हैं। चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव लोगों में भ्रम फैला रहे हैं। बिहार में सभी जानते हैं कि जो भी नाम कटा है, वे घुसपैठियों और मृतक लोगों के हैं। इन सबने बेवजह चुनाव आयोग पर हमला किया है।