संबित पात्रा का राहुल गांधी पर पलटवार: रामलीला मैदान रैली पर रोक के आरोपों को बताया बेबुनियाद
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता संबित पात्रा ने 30 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार करते हुए 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित इंडिया गठबंधन की रैली को लेकर उठाए जा रहे आरोपों को निराधार बताया। पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी का यह दावा कि केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय अलग-अलग राज्यों से आने वाले लोगों को रामलीला मैदान पहुँचने से रोक रहे हैं, पूरी तरह झूठा है और उन्होंने विपक्ष से इसका ठोस प्रमाण सामने रखने की चुनौती दी।
रोक के आरोप पर BJP की चुनौती
पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यदि सचमुच किसी को रोका गया है तो विपक्ष को यह बताना चाहिए कि तेलंगाना, बिहार या किसी अन्य राज्य से आने वाले किन लोगों को किस सड़क, मोड़ या स्थान पर रोका गया। उन्होंने तर्क दिया कि मीडिया के पास कैमरे हैं और आम नागरिक भी मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड कर सकते हैं — अब तक कोई तस्वीर या वीडियो प्रमाण सामने नहीं आया है। पात्रा ने राहुल गांधी से अपील की कि देश में 'झूठ और भ्रम का वातावरण' नहीं फैलाया जाना चाहिए।
मॉक पार्लियामेंट का टलना और संगठनात्मक कमज़ोरी
BJP प्रवक्ता ने विपक्ष की प्रस्तावित मॉक पार्लियामेंट के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार न हो पाने को भी विपक्ष की संगठनात्मक क्षमता की कमी से जोड़ा। पात्रा के अनुसार, विपक्षी दल अपने आयोजनों की व्यवस्था सही ढंग से नहीं कर पाते और अपनी आंतरिक खामियों को छिपाने के लिए सरकार पर आरोप मढ़ने की राजनीति करते हैं। गौरतलब है कि इंडिया गठबंधन के भीतर समन्वय को लेकर सवाल पहले भी उठते रहे हैं।
'हाथ पकड़ी फोटो' की राजनीति पर निशाना
पात्रा ने समाजवादी पार्टी सहित विपक्षी नेताओं की एक-दूसरे का हाथ थामकर तस्वीरें खिंचवाने की परंपरा को 'हाथ पकड़ी फोटो' की राजनीति करार दिया। उनका कहना था कि पिछले 12 वर्षों में विभिन्न चुनावों से पहले विपक्षी दलों ने इसी तरह एकजुटता का प्रदर्शन किया, किंतु सीटों के बंटवारे पर आते-आते यह एकता बिखर जाती है। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच संभावित सीट-विवाद का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 1 नवंबर को मंच पर साथ दिखने वाले नेता चुनाव आने पर अलग-अलग राहों पर चल सकते हैं।
UP विधान परिषद चुनाव और धांधली के आरोपों पर सवाल
पात्रा ने उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव के नतीजों को लेकर समाजवादी पार्टी के रुख पर विरोधाभास उजागर किया। उन्होंने कहा कि सपा एक ओर अपनी पाँच सीटों की जीत का जश्न मना रही है, वहीं दूसरी ओर छह सीटों पर भाजपा की जीत पर धांधली का आरोप लगा रही है। पात्रा ने कहा कि यदि चुनाव प्रक्रिया पर वास्तविक आपत्ति है तो पार्टी को जश्न छोड़कर तथ्यों के साथ जनता के सामने आना चाहिए।
वोट चोरी का मुद्दा और आगे का राजनीतिक परिदृश्य
भाजपा प्रवक्ता ने सर्वोच्च न्यायालय में लंबित वोट चोरी के मामले का भी संदर्भ दिया और कहा कि इस विषय पर कई बार तथ्यात्मक चर्चा हो चुकी है। उनके अनुसार, विपक्ष मॉक पार्लियामेंट और रामलीला मैदान रैली जैसे आयोजनों के ज़रिए चुनावी माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है, क्योंकि वह जनता के बीच सीधे मुकाबले में कमज़ोर स्थिति में है। पात्रा ने अंत में कहा कि जनता हर राजनीतिक गतिविधि पर नज़र रखे हुए है और सही समय पर जवाब देगी।