30 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

संबित पात्रा का राहुल गांधी पर पलटवार: रामलीला मैदान रैली पर रोक के आरोपों को बताया बेबुनियाद

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
संबित पात्रा का राहुल गांधी पर पलटवार: रामलीला मैदान रैली पर रोक के आरोपों को बताया बेबुनियाद

सारांश

BJP प्रवक्ता संबित पात्रा ने रामलीला मैदान रैली में रोक के राहुल गांधी के आरोपों को सीधे चुनौती दी और सबूत माँगे। साथ ही मॉक पार्लियामेंट के टलने, 'हाथ पकड़ी फोटो' की राजनीति और UP सीट बंटवारे के संभावित विवाद को उठाकर विपक्षी एकता की परत-दर-परत पड़ताल की।

मुख्य बातें

BJP प्रवक्ता संबित पात्रा ने 30 अक्टूबर 2026 को राहुल गांधी के रामलीला मैदान रैली रोक के आरोपों को निराधार बताया।
पात्रा ने विपक्ष से माँगा प्रमाण — कहा, तेलंगाना, बिहार या किसी राज्य से आए किसी व्यक्ति को रोके जाने की कोई तस्वीर या वीडियो सामने नहीं आई।
विपक्ष की प्रस्तावित मॉक पार्लियामेंट निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार नहीं हो सकी और आगे के लिए स्थगित की गई।
पात्रा ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच UP सीट बंटवारे पर टकराव की आशंका जताई।
UP विधान परिषद चुनाव में सपा की 5 सीटें जीतने के जश्न और 6 सीटों पर धांधली के आरोप को पात्रा ने विरोधाभासी बताया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता संबित पात्रा ने 30 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार करते हुए 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित इंडिया गठबंधन की रैली को लेकर उठाए जा रहे आरोपों को निराधार बताया। पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी का यह दावा कि केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय अलग-अलग राज्यों से आने वाले लोगों को रामलीला मैदान पहुँचने से रोक रहे हैं, पूरी तरह झूठा है और उन्होंने विपक्ष से इसका ठोस प्रमाण सामने रखने की चुनौती दी।

रोक के आरोप पर BJP की चुनौती

पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यदि सचमुच किसी को रोका गया है तो विपक्ष को यह बताना चाहिए कि तेलंगाना, बिहार या किसी अन्य राज्य से आने वाले किन लोगों को किस सड़क, मोड़ या स्थान पर रोका गया। उन्होंने तर्क दिया कि मीडिया के पास कैमरे हैं और आम नागरिक भी मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड कर सकते हैं — अब तक कोई तस्वीर या वीडियो प्रमाण सामने नहीं आया है। पात्रा ने राहुल गांधी से अपील की कि देश में 'झूठ और भ्रम का वातावरण' नहीं फैलाया जाना चाहिए।

मॉक पार्लियामेंट का टलना और संगठनात्मक कमज़ोरी

BJP प्रवक्ता ने विपक्ष की प्रस्तावित मॉक पार्लियामेंट के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार न हो पाने को भी विपक्ष की संगठनात्मक क्षमता की कमी से जोड़ा। पात्रा के अनुसार, विपक्षी दल अपने आयोजनों की व्यवस्था सही ढंग से नहीं कर पाते और अपनी आंतरिक खामियों को छिपाने के लिए सरकार पर आरोप मढ़ने की राजनीति करते हैं। गौरतलब है कि इंडिया गठबंधन के भीतर समन्वय को लेकर सवाल पहले भी उठते रहे हैं।

'हाथ पकड़ी फोटो' की राजनीति पर निशाना

पात्रा ने समाजवादी पार्टी सहित विपक्षी नेताओं की एक-दूसरे का हाथ थामकर तस्वीरें खिंचवाने की परंपरा को 'हाथ पकड़ी फोटो' की राजनीति करार दिया। उनका कहना था कि पिछले 12 वर्षों में विभिन्न चुनावों से पहले विपक्षी दलों ने इसी तरह एकजुटता का प्रदर्शन किया, किंतु सीटों के बंटवारे पर आते-आते यह एकता बिखर जाती है। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच संभावित सीट-विवाद का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 1 नवंबर को मंच पर साथ दिखने वाले नेता चुनाव आने पर अलग-अलग राहों पर चल सकते हैं।

UP विधान परिषद चुनाव और धांधली के आरोपों पर सवाल

पात्रा ने उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव के नतीजों को लेकर समाजवादी पार्टी के रुख पर विरोधाभास उजागर किया। उन्होंने कहा कि सपा एक ओर अपनी पाँच सीटों की जीत का जश्न मना रही है, वहीं दूसरी ओर छह सीटों पर भाजपा की जीत पर धांधली का आरोप लगा रही है। पात्रा ने कहा कि यदि चुनाव प्रक्रिया पर वास्तविक आपत्ति है तो पार्टी को जश्न छोड़कर तथ्यों के साथ जनता के सामने आना चाहिए।

वोट चोरी का मुद्दा और आगे का राजनीतिक परिदृश्य

भाजपा प्रवक्ता ने सर्वोच्च न्यायालय में लंबित वोट चोरी के मामले का भी संदर्भ दिया और कहा कि इस विषय पर कई बार तथ्यात्मक चर्चा हो चुकी है। उनके अनुसार, विपक्ष मॉक पार्लियामेंट और रामलीला मैदान रैली जैसे आयोजनों के ज़रिए चुनावी माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है, क्योंकि वह जनता के बीच सीधे मुकाबले में कमज़ोर स्थिति में है। पात्रा ने अंत में कहा कि जनता हर राजनीतिक गतिविधि पर नज़र रखे हुए है और सही समय पर जवाब देगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह अंतर्निहित सवाल को टाल देता है — क्या प्रशासनिक बाधाएँ हमेशा कैमरे पर पकड़ में आती हैं? विपक्ष की मॉक पार्लियामेंट का टलना वास्तव में संगठनात्मक कमज़ोरी का संकेत हो सकता है, लेकिन इसे सरकारी दबाव से पूरी तरह अलग करना आसान नहीं। UP विधान परिषद चुनाव पर सपा का दोहरा रुख — जीत का जश्न और धांधली का आरोप — पात्रा की आलोचना को वज़न देता है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूकती है वह यह है कि इंडिया गठबंधन की असली परीक्षा रैली में उमड़ने वाली भीड़ नहीं, बल्कि सीट-बँटवारे की मेज़ पर होगी।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी का यह दावा निराधार है कि केंद्र सरकार विभिन्न राज्यों से आने वाले लोगों को रामलीला मैदान रैली में पहुँचने से रोक रही है। उन्होंने राहुल गांधी से इसका ठोस प्रमाण — वीडियो या तस्वीर — सामने रखने की चुनौती दी।
रामलीला मैदान पर 1 नवंबर को कौन सी रैली होनी है?
1 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की रैली प्रस्तावित है, जिसमें कांग्रेस सहित कई विपक्षी दल हिस्सा लेने वाले हैं। BJP ने इस आयोजन की तैयारियों और उससे जुड़े दावों पर सवाल उठाए हैं।
विपक्ष की मॉक पार्लियामेंट क्यों टली?
विपक्ष की प्रस्तावित मॉक पार्लियामेंट निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार नहीं हो सकी और उसे स्थगित कर दिया गया। BJP प्रवक्ता पात्रा ने इसे विपक्षी एकता और संगठनात्मक क्षमता की कमी का प्रमाण बताया, हालाँकि विपक्ष की ओर से कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है।
UP विधान परिषद चुनाव पर सपा के रुख पर BJP ने क्या कहा?
पात्रा ने कहा कि समाजवादी पार्टी एक तरफ अपनी पाँच सीटों की जीत का जश्न मना रही है और दूसरी तरफ छह सीटों पर भाजपा की जीत को धांधली बता रही है। उन्होंने इसे विरोधाभासी रुख बताते हुए कहा कि यदि चुनाव में वास्तव में गड़बड़ी हुई है तो पार्टी को तथ्यों के साथ शिकायत करनी चाहिए।
क्या उत्तर प्रदेश में सपा और कांग्रेस के बीच सीट बँटवारे पर विवाद है?
अभी तक कोई आधिकारिक विवाद सामने नहीं आया है, लेकिन BJP प्रवक्ता पात्रा ने आशंका जताई कि चुनाव नज़दीक आने पर दोनों दलों के बीच सीट बँटवारे को लेकर टकराव हो सकता है। उन्होंने पिछले 12 वर्षों में विपक्षी गठजोड़ों के बिखरने के उदाहरण भी दिए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 घंटे पहले
  2. कल
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले