9 जुलाई 2026
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राहुल गांधी के 'मोदी विदाई' बयान पर संबित पात्रा का पलटवार, बोले — देश में अशांति फैलाने की साज़िश

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राहुल गांधी के 'मोदी विदाई' बयान पर संबित पात्रा का पलटवार, बोले — देश में अशांति फैलाने की साज़िश

सारांश

कांग्रेस की बैठक में राहुल गांधी के 'एक साल में मोदी विदाई' के दावे पर BJP सांसद संबित पात्रा ने पलटवार किया — इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के बजाय अस्थिरता के ज़रिए सरकार गिराने की मानसिकता बताया और 2019 के पुराने बयान का हवाला देकर इसे एक सुनियोजित पैटर्न करार दिया।

मुख्य बातें

राहुल गांधी ने कांग्रेस की अल्पसंख्यक सलाहकार समिति की बैठक में दावा किया कि अगले एक वर्ष में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'विदाई' तय है।
BJP सांसद संबित पात्रा ने 24 मई 2026 को प्रेस वार्ता में इस बयान को 'देश में भ्रम तथा अशांति फैलाने की कोशिश' बताया।
पात्रा ने 2019 के एक पुराने बयान का हवाला दिया जिसमें राहुल गांधी ने मोदी के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन की भविष्यवाणी की थी।
BJP ने मोदी सरकार को 140 करोड़ देशवासियों का समर्थन प्राप्त होने का दावा किया।
भाजपा ने राहुल गांधी के बयान को 'गैर-जिम्मेदाराना' और लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ मानसिकता का परिचायक बताया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद संबित पात्रा ने 24 मई 2026 को नई दिल्ली में एक प्रेस वार्ता में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 'विदाई' वाले बयान की कड़ी निंदा की और आरोप लगाया कि विपक्ष लोकतांत्रिक प्रक्रिया को दरकिनार कर देश में अस्थिरता और अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने इसे 'देश में भ्रम तथा अशांति फैलाने की साज़िश' करार दिया।

विवाद की जड़ — राहुल गांधी का दावा

दरअसल, कांग्रेस की अल्पसंख्यक सलाहकार समिति की एक बैठक में राहुल गांधी ने यह दावा किया था कि अगले एक वर्ष में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'विदाई' तय है और बढ़ता आर्थिक असंतोष इसका प्रमुख कारण बनेगा। इस बयान के सार्वजनिक होते ही राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया शुरू हो गई।

संबित पात्रा की तीखी प्रतिक्रिया

पात्रा ने प्रेस वार्ता में कहा कि यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी ने इस प्रकार की टिप्पणी की हो। उन्होंने 2019 का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय भी राहुल गांधी ने संसद में ऐसा बयान दिया था जिसमें उन्होंने कहा था कि एक समय ऐसा आएगा जब लोग सड़कों पर उतरकर प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन करेंगे। पात्रा ने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी ने उस समय भी बेहद शांत और संयमित प्रतिक्रिया दी थी।'

BJP सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी के हालिया बयान से स्पष्ट संकेत मिलता है कि विपक्ष लोकतांत्रिक प्रक्रिया के बजाय अस्थिरता के ज़रिए सरकार को अस्थिर करने की मानसिकता रखता है। उन्होंने कहा कि 'ऐसे बयान बिना किसी राजनीतिक मंशा के नहीं दिए जाते।'

मोदी सरकार की स्थिरता पर BJP का दावा

पात्रा ने कहा कि वर्तमान समय में पूरी दुनिया युद्ध और आर्थिक चुनौतियों से जूझ रही है, लेकिन भारत प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मजबूती से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार को 140 करोड़ देशवासियों का समर्थन और विश्वास प्राप्त है तथा सरकार लगातार राष्ट्रहित और जनसेवा के कार्यों में लगी हुई है।

BJP का आधिकारिक रुख

भाजपा ने राहुल गांधी के बयान को 'गैर-जिम्मेदाराना' बताते हुए कहा कि भारत का लोकतंत्र और संविधान बेहद मजबूत है और देश की सरकार जनता के जनादेश से चलती है। पार्टी ने इस बयान को लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ मानसिकता का परिचायक करार दिया।

आगे क्या

यह बयानबाज़ी ऐसे समय में आई है जब संसद के आगामी सत्र से पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तनाव पहले से ही बढ़ा हुआ है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के बयान राजनीतिक तापमान को और ऊँचा करेंगे, जबकि दोनों पक्ष अपने-अपने मतदाता आधार को साधने में जुटे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि सहज प्रतिक्रिया। गौरतलब है कि विपक्ष के ऐसे दावे अक्सर चुनावी चक्र या संसद सत्र से ठीक पहले आते हैं, जो एजेंडा-सेटिंग का काम करते हैं। दूसरी ओर, BJP का 2019 के बयान को बार-बार उद्धृत करना यह दर्शाता है कि पार्टी राहुल गांधी की छवि को 'अस्थिरता के प्रतीक' के रूप में स्थापित करने की दीर्घकालिक कोशिश में है। असली सवाल यह है कि क्या आर्थिक असंतोष का जो आधार राहुल गांधी ने उठाया, उस पर कोई ठोस बहस होगी — या यह विवाद केवल बयानबाज़ी तक सिमट जाएगा।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी का 'मोदी विदाई' बयान क्या था?
राहुल गांधी ने कांग्रेस की अल्पसंख्यक सलाहकार समिति की बैठक में दावा किया कि अगले एक वर्ष में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'विदाई' तय है और बढ़ता आर्थिक असंतोष इसका कारण बनेगा। यह बयान सार्वजनिक होते ही राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया।
संबित पात्रा ने इस बयान पर क्या कहा?
BJP सांसद संबित पात्रा ने 24 मई 2026 को प्रेस वार्ता में कहा कि यह बयान देश में भ्रम तथा अशांति फैलाने की कोशिश है और विपक्ष लोकतांत्रिक प्रक्रिया के बजाय अस्थिरता के ज़रिए सरकार को गिराने की मानसिकता रखता है। उन्होंने 2019 के एक पुराने बयान का हवाला भी दिया।
BJP ने 2019 का कौन-सा बयान याद दिलाया?
पात्रा ने कहा कि 2019 में भी राहुल गांधी ने संसद में यह बयान दिया था कि एक समय ऐसा आएगा जब लोग सड़कों पर उतरकर प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन करेंगे। BJP के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने उस समय शांत और संयमित प्रतिक्रिया दी थी।
BJP ने मोदी सरकार की स्थिरता के बारे में क्या दावा किया?
BJP सांसद पात्रा ने दावा किया कि मोदी सरकार को 140 करोड़ देशवासियों का समर्थन और विश्वास प्राप्त है। उन्होंने कहा कि भारत का लोकतंत्र और संविधान मजबूत है और सरकार जनता के जनादेश से चलती है।
इस विवाद का राजनीतिक संदर्भ क्या है?
यह बयानबाज़ी ऐसे समय में आई है जब संसद के आगामी सत्र से पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तनाव पहले से बढ़ा हुआ है। आलोचकों का कहना है कि दोनों पक्ष अपने-अपने मतदाता आधार को साधने के लिए इस तरह के बयानों का उपयोग करते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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