राहुल गांधी पर BJP का पलटवार: 'बिना सबूत राष्ट्रपति के पास क्यों गए?' — संबित पात्रा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान पर तीखा पलटवार किया। BJP ने आरोप लगाया कि गांधी का बयान न केवल 'नालायक नेता' जैसा था, बल्कि उन्होंने राष्ट्रपति पद की गरिमा के साथ-साथ बुनियादी संवैधानिक प्रोटोकॉल की भी अनदेखी की।
संबित पात्रा की प्रेस कॉन्फ्रेंस में तीखे सवाल
BJP प्रवक्ता संबित पात्रा ने नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'शुक्रवार को कुछ राजनेता राष्ट्रपति भवन गए थे। वहाँ से बाहर निकलने के बाद राहुल गांधी का बयान एक नालायक नेता के बयान के बराबर है। मैं नालायक नेता इसलिए कहता हूँ कि आपने झूठ बोला। प्रधानमंत्री के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया। जिस तरह संवैधानिक संस्थाओं और पदों के लिए जिस प्रकार के शब्दों का प्रयोग किया, वो पूरा देश देख रहा है।'
पात्रा ने यह भी कहा कि इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ कि राष्ट्रपति को 'सड़क की लड़ाई' में घसीटने का प्रयास किया गया हो। उनके अनुसार, राहुल गांधी ने यह दावा करते हुए एक गंभीर प्रोटोकॉल उल्लंघन किया कि 'राष्ट्रपति ने भी माना कि विपक्ष सच कह रहा है।'
प्रोटोकॉल का सवाल: ज्ञापन स्वीकार करना सहमति नहीं
पात्रा ने स्पष्ट किया कि जब भी कोई प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपने जाता है, तो राष्ट्रपति उसे स्वीकार करती हैं — यह एक मानक औपचारिक प्रक्रिया है और किसी भी तरह की सहमति नहीं। उन्होंने कहा, 'यह बेसिक प्रोटोकॉल है, लेकिन राहुल गांधी को यह भी समझ नहीं आता।'
पात्रा ने राहुल गांधी के उस बयान को भी उद्धृत किया जिसमें उन्होंने कहा था कि 'राष्ट्रपति ने बोला कि अगर कोई सबूत है तो वो भी दें।' BJP ने इसी बिंदु पर विपक्ष को घेरते हुए कहा कि अगर राष्ट्रपति ने सबूत माँगे, तो इसका अर्थ यह है कि विपक्ष बिना सबूत लेकर ही राष्ट्रपति भवन पहुँच गया था।
वोट चोरी के आरोपों पर BJP का सीधा हमला
पात्रा ने आगे कहा कि विपक्ष 'वोट चोरी' का मुद्दा लगभग एक साल से उठा रहा है, इसलिए सबूत उनकी 'जेब में होने चाहिए थे।' उन्होंने कहा, 'जब चुनाव आयोग बुलाता है और EVM को हैक करने की चुनौती देता है, तो विपक्ष के लोग गायब हो जाते हैं। जब राष्ट्रपति सबूत माँगती हैं, तो बाद में देने की बात होती है। अगर बाद में ही सबूत देने हैं, तो बिना सबूत के राष्ट्रपति के पास क्यों गए थे?'
यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) की विश्वसनीयता पर लगातार सवाल उठाते रहे हैं, हालाँकि चुनाव आयोग इन दावों को बार-बार खारिज करता रहा है।
राहुल गांधी की योग्यता पर सवाल
संबित पात्रा ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में यह सवाल उठाया कि क्या राहुल गांधी किसी उच्च संवैधानिक पद पर बैठने के योग्य हैं। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे राजनीतिक माहौल में आया है जब विपक्षी गठबंधन और सत्तारूढ़ BJP के बीच संसदीय लड़ाई लगातार तेज होती जा रही है। आने वाले दिनों में कांग्रेस की ओर से BJP के इन आरोपों पर जवाब आने की संभावना है।