5 नवंबर 2026
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एसआईआर विवाद: संबित पात्रा का राहुल गांधी पर हमला — 'डेटा नहीं, सिर्फ हंगामा'; कांग्रेस पर भ्रम फैलाने का आरोप

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एसआईआर विवाद: संबित पात्रा का राहुल गांधी पर हमला — 'डेटा नहीं, सिर्फ हंगामा'; कांग्रेस पर भ्रम फैलाने का आरोप

सारांश

भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने बेंगलुरु में कांग्रेस पर एसआईआर को लेकर 'भ्रम और अराजकता' फैलाने का आरोप लगाया। राहुल गांधी को 'डेटाहीन' करार देते हुए उन्हें सुप्रीम कोर्ट या चुनाव आयोग में सबूत पेश करने की खुली चुनौती दी। यह विवाद तब और गहरा है जब कांग्रेस 13 करोड़ वोट चोरी का दावा कर रही है।

मुख्य बातें

संबित पात्रा ने 5 नवंबर 2026 को बेंगलुरु में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस पर एसआईआर को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।
पात्रा ने राहुल गांधी को 'डेटाहीन' करार दिया और कहा कि वे महज हंगामे के लिए विरोध करते हैं।
कांग्रेस के 13 करोड़ वोट चोरी के दावे को भाजपा ने खारिज किया; एसआईआर के तहत लगभग तीन करोड़ मतदाताओं को नोटिस भेजे गए थे।
पात्रा ने राहुल गांधी और कांग्रेस को चुनौती दी कि सबूत चुनाव आयोग या सर्वोच्च न्यायालय में पेश करें।
कर्नाटक के मंत्री सतीश जारकीहोली के बयान का हवाला देते हुए पात्रा ने कहा कि राज्य में एसआईआर पर कोई आपत्ति नहीं है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं सांसद संबित पात्रा ने 5 नवंबर 2026 को बेंगलुरु स्थित भाजपा के प्रदेश मुख्यालय जगन्नाथ भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर देशभर में 'भ्रम' और 'अराजकता' फैला रही है। उन्होंने सीधे कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके पास कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है और वे महज हंगामे के लिए विरोध कर रहे हैं।

मुख्य आरोप और बयान

पात्रा ने कहा, 'राहुल गांधी के पास कोई डेटा नहीं है, वे सिर्फ हंगामा करते हैं। उन्हें नहीं पता कि देश में क्या हो रहा है, लेकिन वे सड़कों पर उतरकर हंगामा करते हैं। साथ ही वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बहस करना चाहते हैं।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी संसद में पाँच-छह मिनट भी नहीं बैठते और बहसों में हिस्सा लेने के बजाय अक्सर सदन से बाहर आते-जाते रहते हैं।

पात्रा ने कहा कि भाजपा युवाओं, मीडिया और आम जनता तक पहुँचकर यह समझा रही है कि चुनाव आयोग (ECI) जैसी संवैधानिक संस्थाएँ किस प्रकार काम करती हैं। उनके अनुसार, 'एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए भाजपा सभी तक पहुँचने की कोशिश कर रही है।'

एसआईआर प्रक्रिया पर भाजपा का पक्ष

पात्रा ने स्पष्ट किया कि एसआईआर के तहत 'अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लिकेट' श्रेणी के नाम हटाना एक सामान्य और नियमित प्रक्रिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस चाहती है कि मृत लोगों के नाम मतदाता सूची में बने रहें। उन्होंने यह भी बताया कि जिन मतदाताओं के नाम गलती से हटाए गए हैं, वे आवेदन देकर उन्हें पुनः शामिल करा सकते हैं।

पात्रा के अनुसार, एसआईआर प्रक्रिया के दौरान कथित तौर पर लगभग तीन करोड़ मतदाताओं को नोटिस भेजे गए थे, परंतु अनेक लोगों ने कोई जवाब नहीं दिया। कांग्रेस के इस दावे को कि देशभर में 13 करोड़ वोट चोरी हो गए हैं, पात्रा ने खारिज करते हुए कहा कि मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया में सभी राजनीतिक दलों के बूथ-स्तरीय एजेंट (BLA) शामिल थे।

'इंडिया' गठबंधन पर सवाल और आंतरिक विरोधाभास

पात्रा ने राहुल गांधी से माँग की कि वे पहले अपने 'इंडिया' गठबंधन के साथियों — आम आदमी पार्टी (AAP) प्रमुख अरविंद केजरीवाल और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी — के साथ अपने संबंध स्पष्ट करें। उन्होंने याद दिलाया कि राहुल गांधी ने पहले केजरीवाल को अपना दोस्त बताया था, किंतु पंजाब में 'आप' सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाया था।

पात्रा ने यह भी दावा किया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राहुल गांधी ने ममता बनर्जी नीत सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए भाजपा की जीत की भविष्यवाणी की थी।

कर्नाटक के घटनाक्रम और डीके शिवकुमार प्रकरण

कर्नाटक के मंत्री सतीश जारकीहोली के उस बयान का उल्लेख करते हुए, जिसमें कहा गया था कि कर्नाटक में एसआईआर प्रक्रिया पर कोई आपत्ति नहीं है, पात्रा ने राहुल गांधी को सुझाव दिया कि वे कर्नाटक आकर इस मुद्दे पर जारकीहोली से चर्चा करें।

दिल्ली में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई एक घटना का जिक्र करते हुए पात्रा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को धक्का देकर दूर कर दिया, जिससे शिवकुमार की आँखों में आँसू आ गए। पात्रा ने कहा, 'राहुल गांधी और गांधी परिवार का अहंकार तो देखिए।' उन्होंने कर्नाटक के हाल के विधान परिषद चुनावों में बैलेट पेपर के बावजूद भाजपा की जीत का भी उल्लेख किया। उन्होंने 'वेस्टर्न ग्रेजुएट्स' निर्वाचन क्षेत्र में शिल्पा बडमनवर पर फर्जी मतदान के आरोप का जिक्र करते हुए राहुल गांधी से इस पर स्पष्टीकरण माँगा।

चुनाव आयोग की स्वायत्तता और आगे का रास्ता

चुनाव आयोग को 'कठपुतली' बताने के कांग्रेस के आरोप को पात्रा ने पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की रक्षा करना हर राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस पहले ही सर्वोच्च न्यायालय में एसआईआर प्रक्रिया को चुनौती दे चुकी है।

पात्रा ने कांग्रेस को खुली चुनौती दी कि यदि उनके पास चुनावी धाँधली का कोई ठोस सबूत है, तो वे उसे चुनाव आयोग या सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करें। प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र, प्रदेश महासचिव व विधायक वी. सुनील कुमार, प्रदेश महासचिव प्रीतम गौड़ा, मुख्य प्रवक्ता अश्वथ नारायण और भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक धीरज मुनिराजू भी उपस्थित थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो तीन करोड़ नोटिसों में से इतनी बड़ी संख्या का जवाब क्यों नहीं आया? पात्रा का 'सुप्रीम कोर्ट जाओ' वाला तर्क तब तक अधूरा है जब तक सरकार स्वयं नामों के विलोपन का सार्वजनिक, श्रेणीवार ब्यौरा नहीं देती। संवैधानिक संस्थाओं की रक्षा का आह्वान सही है, लेकिन जवाबदेही की माँग उससे टकराती नहीं — दोनों एक साथ चल सकते हैं।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) क्या है और इस पर विवाद क्यों है?
एसआईआर यानी 'विशेष गहन पुनरीक्षण' चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची को अद्यतन करने की प्रक्रिया है, जिसमें मृत, स्थानांतरित, अनुपस्थित और डुप्लिकेट मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि इस प्रक्रिया में 13 करोड़ वैध मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए गए, जबकि भाजपा इसे सामान्य एवं नियमित प्रशासनिक कदम बता रही है।
संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर क्या-क्या आरोप लगाए?
भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि उनके पास एसआईआर या किसी भी घटनाक्रम पर कोई तथ्यात्मक डेटा नहीं है और वे महज हंगामा खड़ा करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल संसद में पाँच-छह मिनट भी नहीं बैठते और बहस में हिस्सा लेने से बचते हैं।
भाजपा ने कांग्रेस के '13 करोड़ वोट चोरी' के दावे का जवाब कैसे दिया?
पात्रा ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि मतदाता सूची तैयार करने की पूरी प्रक्रिया सभी दलों के बूथ-स्तरीय एजेंटों की जानकारी में हुई थी। उन्होंने कांग्रेस को चुनौती दी कि यदि उनके पास सबूत हैं तो वे चुनाव आयोग या सर्वोच्च न्यायालय में प्रस्तुत करें, न कि सड़कों पर हंगामा करें।
कर्नाटक के मंत्री सतीश जारकीहोली का इस विवाद में क्या महत्व है?
कर्नाटक के मंत्री सतीश जारकीहोली ने कहा था कि राज्य में एसआईआर प्रक्रिया पर कोई आपत्ति नहीं है। भाजपा ने इस बयान को कांग्रेस के खिलाफ हथियार के रूप में इस्तेमाल किया और राहुल गांधी से माँग की कि वे कर्नाटक आकर अपने ही दल के मंत्री से इस विषय पर चर्चा करें।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद भाजपा की आगे की रणनीति क्या होगी?
पात्रा के बयानों के अनुसार, भाजपा एसआईआर से जुड़े तथ्यों को युवाओं, मीडिया और आम नागरिकों तक पहुँचाने की मुहिम जारी रखेगी और संवैधानिक संस्थाओं की रक्षा को अपना एजेंडा बनाएगी। साथ ही पार्टी ने कांग्रेस से माँग की है कि वह सार्थक बहस के लिए तैयार रहे।
राष्ट्र प्रेस
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