29 जुलाई 2026
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संबित पात्रा का राहुल गांधी पर पलटवार: 'सदन में असंसदीय भाषा और निराधार आरोप बर्दाश्त नहीं'

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संबित पात्रा का राहुल गांधी पर पलटवार: 'सदन में असंसदीय भाषा और निराधार आरोप बर्दाश्त नहीं'

सारांश

BJP सांसद संबित पात्रा ने राहुल गांधी के संसद में दिए बयानों को निराधार और असंसदीय बताते हुए सीधी चुनौती दी — अमित शाह के काफिले के दावे को 'झूठ' कहा, माइक बंद होने के आरोप को खारिज किया और सुरक्षा बलों पर लगाए आरोपों को देश की सेना का मनोबल गिराने वाला करार दिया।

मुख्य बातें

BJP सांसद संबित पात्रा ने बुधवार को नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी के संसद में दिए बयानों पर पलटवार किया।
पात्रा ने 'इडियट' शब्द को असंसदीय बताया और कहा कि किरेन रिजिजू ने नियम पुस्तिका से यह स्पष्ट किया है।
राहुल गांधी के अमित शाह के 30 वाहनों के काफिले वाले दावे को पात्रा ने 'पूरी तरह झूठ' करार दिया।
राहुल गांधी के माइक्रोफोन बंद होने के दावे को भी पात्रा ने खारिज किया — कहा लाल बत्ती जल रही थी यानी माइक चालू था।
सुरक्षा बलों पर लगाए आरोपों को पात्रा ने 'बेहद अनुचित' बताया और सभी दलों से सेना का मनोबल न गिराने की अपील की।
पात्रा ने कांग्रेस सरकारों पर आरोप लगाया कि आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और असम में छात्र आंदोलनों के दौरान 800 से अधिक छात्रों की मौत हुई।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने बुधवार को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा पलटवार किया। पात्रा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी संसद में तथ्यहीन दावे कर रहे हैं, असंसदीय भाषा का उपयोग कर रहे हैं और सुरक्षा बलों के विरुद्ध भ्रामक बयान देकर उनका मनोबल कमज़ोर करने की कोशिश कर रहे हैं।

असंसदीय भाषा पर विवाद

संबित पात्रा ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन में नियम पुस्तिका दिखाकर कई बार स्पष्ट किया है कि 'इडियट' शब्द असंसदीय है और इसका प्रयोग सदन की मर्यादा के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद विपक्ष लगातार इस शब्द का इस्तेमाल कर रहा है, जो संसदीय परंपराओं का उल्लंघन है।

यह ऐसे समय में आया है जब संसद के मानसून सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है और सदन की कार्यवाही बाधित होने की घटनाएँ सामने आई हैं।

अमित शाह के काफिले पर राहुल के दावे को चुनौती

पात्रा ने राहुल गांधी के उस दावे को सीधे चुनौती दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 30 वाहनों के काफिले के साथ पहुँचे थे। पात्रा ने कहा, "आज मैं राहुल गांधी को चुनौती देता हूँ कि हमारे साथ आइए और गाड़ियाँ गिनिए। बताइए अमित शाह का 30 गाड़ियों का काफिला कहाँ था? क्या जो व्यक्ति सदन के अंदर पाँच मिनट तक नहीं बैठ सकता, वह बाहर खड़े होकर गाड़ियाँ गिन सकता है?"

उन्होंने यह भी कहा कि उनके अनुसार प्रधानमंत्री के काफिले में भी 30 वाहन नहीं होते, और इस दावे को उन्होंने 'पूरी तरह झूठ' करार दिया। उन्होंने कहा, "अमित शाह ऐसे नेता हैं जिनसे नक्सली तक डरते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उन्होंने दिन-रात मेहनत कर देश को नक्सलवाद से मुक्त करने की दिशा में काम किया।"

माइक्रोफोन विवाद और 'विक्टिम कार्ड' पर तंज

पात्रा ने राहुल गांधी के उस दावे को भी खारिज किया जिसमें उन्होंने कहा था कि सदन में उनका माइक्रोफोन बंद कर दिया गया। पात्रा ने कहा, "मैं सदन में मौजूद था। राहुल गांधी कह रहे थे कि उनका माइक बंद है, जबकि लाल बत्ती जल रही थी — लाल बत्ती का अर्थ है कि माइक्रोफोन चालू था।"

उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, "क्या आप जानते हैं कि राहुल गांधी हमेशा अपने हाथ जेब में क्यों रखते हैं? क्योंकि दोनों जेबों में वे हमेशा 'विक्टिम कार्ड' लेकर चलते हैं।"

सुरक्षा बलों पर आरोपों की निंदा

पात्रा ने संसद में कांग्रेस नेताओं द्वारा लगाए गए उन आरोपों को 'पूरी तरह गलत और झूठा' बताया, जिनमें कहा गया था कि सुरक्षा बलों ने लड़कियों के कपड़े फाड़े। उन्होंने कहा, "हमारे सशस्त्र बल और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं और भारत माता की अस्मिता की सुरक्षा करते हैं। संसद में खड़े होकर ऐसे आरोप लगाना बेहद अनुचित और गंभीर मामला है।"

उन्होंने यह भी कहा कि कुछ नेता, जो बाद में कांग्रेस में शामिल हुए, पहले भी जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर में सुरक्षा बलों पर इसी तरह के आरोप लगा चुके हैं। पात्रा ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे ऐसा कोई नैरेटिव न गढ़ें जिससे देश के सुरक्षा बलों का मनोबल कमज़ोर हो।

कांग्रेस के इतिहास पर हमला

पात्रा ने आज़ादी के 75 वर्षों का हवाला देते हुए कहा कि जब भी केंद्र में कांग्रेस या कांग्रेस-समर्थित सरकारें रहीं, उनकी प्राथमिकता 'जेन-जी' यानी गांधी परिवार रही, न कि देश की युवा पीढ़ी। उन्होंने आरोप लगाया कि आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और असम के छात्र आंदोलनों के दौरान कांग्रेस सरकारों ने छात्रों पर गोली चलवाई, जिसमें 800 से अधिक छात्रों की मौत हुई — हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि राष्ट्र प्रेस ने नहीं की है। आगे यह विवाद संसद में और तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस बड़े पैटर्न का हिस्सा है जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों संसद की बहस को सदन के बजाय मीडिया में लड़ना पसंद करते हैं। अमित शाह के काफिले की गिनती जैसे विवाद असल मुद्दों — सदन में व्यवधान, असंसदीय भाषा की परिभाषा और सुरक्षा बलों की जवाबदेही — से ध्यान भटकाते हैं। सुरक्षा बलों पर आरोपों की निंदा जायज़ है, लेकिन पात्रा ने कांग्रेस शासनकाल के जिन ऐतिहासिक दावों का हवाला दिया — जैसे 800 छात्रों की मौत — उनका स्वतंत्र सत्यापन ज़रूरी है। बिना तथ्य-जाँच के ऐसे आँकड़े उछालना उसी 'तथ्यहीन दावे' की श्रेणी में आता है जिसका आरोप वे विपक्ष पर लगा रहे हैं।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
BJP सांसद संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी संसद में तथ्यहीन दावे कर रहे हैं, 'इडियट' जैसी असंसदीय भाषा का प्रयोग कर रहे हैं और सुरक्षा बलों के बारे में भ्रामक बयान देकर उनका मनोबल गिराने की कोशिश कर रहे हैं। पात्रा ने यह बात बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही।
अमित शाह के काफिले को लेकर क्या विवाद है?
राहुल गांधी ने दावा किया था कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 30 वाहनों के काफिले के साथ पहुँचे थे। संबित पात्रा ने इस दावे को 'पूरी तरह झूठ' बताते हुए राहुल गांधी को चुनौती दी कि वे साथ आकर गाड़ियाँ गिनें।
संसद में माइक्रोफोन बंद होने का विवाद क्या है?
राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि सदन में उनका माइक्रोफोन बंद कर दिया गया। पात्रा ने इसे खारिज करते हुए कहा कि उस समय सदन में लाल बत्ती जल रही थी, जिसका अर्थ है कि माइक्रोफोन चालू था।
सुरक्षा बलों पर लगाए आरोपों पर पात्रा ने क्या कहा?
पात्रा ने संसद में कांग्रेस नेताओं द्वारा सुरक्षा बलों पर लगाए गए आरोपों को 'पूरी तरह गलत और झूठा' बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान सशस्त्र बलों का मनोबल गिराते हैं और सभी राजनीतिक दलों से ऐसा नैरेटिव न गढ़ने की अपील की।
'इडियट' शब्द असंसदीय क्यों है?
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन में नियम पुस्तिका दिखाकर स्पष्ट किया है कि 'इडियट' शब्द असंसदीय है और इसका प्रयोग सदन में नहीं किया जा सकता। पात्रा के अनुसार, इसके बावजूद विपक्ष इस शब्द का लगातार उपयोग कर रहा है।
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