क्या विकास की राह पर भारत है, जबकि विपक्ष विभाजनकारी राजनीति कर रहा है?

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क्या विकास की राह पर भारत है, जबकि विपक्ष विभाजनकारी राजनीति कर रहा है?

सारांश

भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने विभाजनकारी राजनीति पर कड़ा प्रहार किया। क्या विपक्ष का यह रवैया देश के विकास को प्रभावित करेगा? जानिए इस महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस के प्रमुख बिंदुओं को।

Key Takeaways

  • संबित पात्रा का विपक्ष पर विभाजनकारी राजनीति का आरोप
  • जिहाद का संदर्भ और उसके निहितार्थ
  • भारत की आर्थिक वृद्धि का उल्लेख
  • ममता बनर्जी सरकार पर घोटाले के आरोप
  • जनता का मोदी के विकास नीतियों के प्रति समर्थन

भुवनेश्वर, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना महमूद मदनी, समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि देश में विभाजनकारी बयानबाजी और गलत जानकारी फैलाने की सुनियोजित कोशिश हो रही है, जिसका देश की एकता और विकास पर गंभीर असर पड़ सकता है।

संबित पात्रा ने भोपाल में हुई जमीयत उलेमा-ए-हिंद की बैठक में मौलाना मदनी के भाषण को 'उत्तेजक और विवादित' करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मदनी ने लोगों को कहा कि देश तय करो और आक्रामकता की स्थिति में जिहाद का रास्ता अपनाओ। पात्रा ने कहा कि यह बयान न सिर्फ गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि देश विरोधी भी है।

उन्होंने स्पष्ट किया, "ऐसा बयान समाज में गलतफहमी फैलाने और शांत माहौल को बिगाड़ने की कोशिश है। यह बेहद आपत्तिजनक है।"

मौलाना मदनी के उस बयान पर भी पात्रा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने सुप्रीम कोर्ट पर सरकार के प्रभाव में काम करने का आरोप लगाया था। पात्रा ने कहा कि यह आरोप लोकतंत्र और संविधान की मूल भावना पर हमला है। उन्होंने मांग की कि सुप्रीम कोर्ट को इस बयान का संज्ञान लेना चाहिए, क्योंकि इससे लोगों का भरोसा सबसे बड़ी न्यायिक संस्था से कमजोर हो सकता है।

उन्होंने कहा, "अगर एक आम नागरिक यह कहे तो उस पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है, ऐसे में मदनी द्वारा दिया गया बयान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।" संबित पात्रा ने मदनी के वंदे मातरम संबंधी टिप्पणी को भी अपमानजनक बताया। उन्होंने कहा, "वंदे मातरम भारत की आत्मा है। यह कोई धार्मिक नारा नहीं, बल्कि मातृभूमि का प्रणाम है। आजादी की लड़ाई में लाखों लोग इसे कहते हुए शहीद हुए। वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने के अवसर पर ऐसे बयान देना देश को बांटने की कोशिश है।"

उन्होंने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर एसआईआर को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव दावा कर रहे हैं कि एसआईआर से नौकरियां खत्म होंगी, आरक्षण घटेगा और महंगाई बढ़ेगी, जबकि यह सब निराधार है।

पात्रा ने तंज कसते हुए कहा, "अखिलेश यादव एसआईआर को समझे बिना राजनीति कर रहे हैं। चुनाव आते ही यह महागठबंधन जनता को डराने की कोशिश करता है।" उन्होंने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव का नाम लेते हुए बिहार चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि हार की आशंका होते ही विपक्ष झूठ और डर फैलाने लगता है।

संबित पात्रा ने देश की आर्थिक स्थिति पर बात करते हुए ताजा आंकड़ों का जिक्र किया और कहा कि दूसरी तिमाही में भारत की जीडीपी में 8.2 प्रतिशत की वृद्धि ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण है। उन्होंने कहा, "अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां 6.5 से 7.5 प्रतिशत तक का अनुमान लगा रही थीं, लेकिन भारत ने सभी अनुमानों को पीछे छोड़ दिया। कृषि, उद्योग, सेवा क्षेत्र और डिजिटल इकोनॉमी सभी मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं। वैश्विक मंदी के बीच यह उपलब्धि भारत की मजबूत आर्थिक नीतियों का परिणाम है।"

उन्होंने ममता बनर्जी सरकार पर हमला करते हुए आरोप लगाया कि मालदा बाढ़ राहत के नाम पर बड़ा घोटाला किया गया। उनके अनुसार, 14,000 लाभार्थियों के लिए 100 करोड़ रुपए जारी हुए थे, लेकिन इस राशि का दुरुपयोग किया गया। उन्होंने बताया कि कोलकाता हाई कोर्ट पहले ही एक कैग ऑडिट करवा चुका है और अनियमितताएं सामने आने के बाद दूसरा ऑडिट भी आदेशित किया गया है।

पात्रा का आरोप है कि टीएमसी सरकार आरोपी अधिकारियों और लाभार्थियों को बचाने की कोशिश कर रही है। पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में कहा, "एक तरफ देश आर्थिक रिकॉर्ड तोड़ रहा है, दूसरी तरफ विपक्ष जिहाद जैसे बयान, एसआईआर पर भ्रम और घोटालों की राजनीति में उलझा है। देश विकास चाहता है, झूठ और विभाजन नहीं।"

उन्होंने दावा किया कि जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकास नीतियों के साथ खड़ी है, न कि विभाजनकारी राजनीति के साथ।

Point of View

हम समझते हैं कि इस समय देश को एकता और विकास की दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत है। विपक्ष की बयानबाजी को राजनीतिक दृष्टिकोण से देखना आवश्यक है, लेकिन जनहित और राष्ट्रहित सर्वोपरि होने चाहिए।
NationPress
29/11/2025

Frequently Asked Questions

संबित पात्रा ने किस पर हमला किया?
उन्होंने जमीयत उलेमा-ए-हिंद के मौलाना महमूद मदनी, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी पर हमला किया।
क्या पात्रा ने जीडीपी के बारे में क्या कहा?
उन्होंने बताया कि भारत की जीडीपी में 8.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो ऐतिहासिक है।
क्या ममता बनर्जी सरकार पर आरोप लगाए गए?
हाँ, पात्रा ने मालदा बाढ़ राहत के नाम पर घोटाले का आरोप लगाया।
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