राहुल गांधी का मॉक पार्लियामेंट कार्यक्रम बारिश से स्थगित, 1 नवंबर को रामलीला मैदान में विपक्षी रैली
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि बारिश के कारण नई दिल्ली में आज होने वाला मॉक पार्लियामेंट कार्यक्रम एक दिन के लिए स्थगित कर दिया गया है और अब यह शनिवार, 31 अक्टूबर को उसी समय आयोजित किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि 1 नवंबर 2026 को रामलीला मैदान में पूरे विपक्ष की रैली और मार्च का आयोजन होगा, जिसमें राजनीतिक दलों के अतिरिक्त आम नागरिक, छात्र, पत्रकार और सिविल सोसायटी के प्रतिनिधि भी शामिल हो सकते हैं।
कार्यक्रम स्थगन की वजह
राहुल गांधी ने पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि बारिश के चलते आयोजकों ने सर्वसम्मति से आज का कार्यक्रम कल तक टालने का निर्णय लिया। उनका कहना था कि बारिश में वरिष्ठ नागरिकों को बैठने में असुविधा हो सकती थी, इसलिए यह फैसला किया गया। कार्यक्रम शनिवार को उसी निर्धारित समय पर होगा।
रामलीला मैदान की रैली का स्वरूप
राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि 1 नवंबर की रैली किसी एक राजनीतिक दल का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि इसमें हर वह व्यक्ति शामिल हो सकता है जो विरोध करना चाहता है। उन्होंने राजनीतिक और गैर-राजनीतिक संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, सिविल सोसायटी, पत्रकारों, कारोबारियों और नौकरीपेशा लोगों को इसमें आमंत्रित किया। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने भी विपक्षी एकजुटता का संदेश देते हुए कहा, 'हम सब इस लड़ाई में साथ हैं और इसे मिलकर जीतेंगे।'
राहुल गांधी के आरोप
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि दोनों कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार व उनकी टीम द्वारा भारतीय लोकतंत्र को कथित तौर पर नुकसान पहुँचाए जाने के मुद्दे पर आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गृह मंत्री की ओर से लोगों को दिल्ली आने से रोकने की कोशिश की जा रही है। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, तेलंगाना और पंजाब से आने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम लोगों को रोके जाने का प्रयास होने का दावा उन्होंने किया।
लोकतंत्र और मताधिकार पर बड़ा दावा
राहुल गांधी ने कहा, 'आप रामलीला मैदान में देखिएगा कि कितने लोग आते हैं और कितने लोगों को वे रोक पाते हैं। इससे आपको समझ में आ जाएगा कि देश में क्या हो रहा है।' उन्होंने कहा कि लोगों में भारी गुस्सा और भावनात्मक पीड़ा है, क्योंकि कथित तौर पर लाखों लोगों को उनके मताधिकार से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने संविधान, भारत की अवधारणा और नागरिकों के मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए सभी विपक्षी दलों की एकजुटता का भी आह्वान किया।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष चुनाव आयोग की कार्यशैली पर लगातार सवाल उठा रहा है। 1 नवंबर की रामलीला मैदान रैली की तैयारियाँ जोरों पर हैं और इसे विपक्षी गठबंधन की ताकत के प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि सिविल सोसायटी, छात्रों, युवाओं, मजदूरों और गृहिणियों सहित हर वर्ग के लोगों को इसमें शामिल होने का निमंत्रण दिया गया है।