रामलीला मैदान रैली 1 नवंबर: इंडिया गठबंधन की तैयारी तेज, एनडीए ने व्यापारी-विरोधी बताया
सारांश
मुख्य बातें
इंडिया गठबंधन की 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित रैली को लेकर विपक्षी दलों ने तैयारियाँ पूरी तरह तेज कर दी हैं। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार, 29 अक्टूबर को मैदान का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया। विपक्षी नेता इस रैली को ऐतिहासिक बताने का दावा कर रहे हैं, जबकि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने इसे व्यापारियों के हितों के विरुद्ध करार दिया है।
रैली की तैयारियाँ और व्यवस्थाएँ
कांग्रेस नेता देवेंद्र यादव ने बताया कि प्रियंका गांधी ने रैली में आने वाले प्रतिभागियों की सुविधाओं — जिनमें पीने का पानी, चिकित्सा सुविधाएँ, बैठने की व्यवस्था, आवागमन के मार्ग और प्रवेश द्वारों की संख्या शामिल हैं — पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि दिल्ली के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों से भी बड़ी तादाद में लोग इस रैली में शामिल होने आ रहे हैं।
कांग्रेस नेता उदय भानु के अनुसार, रैली को युवाओं का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है और हर राज्य से हज़ारों की संख्या में युवा दिल्ली पहुँच रहे हैं। कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने दावा किया कि उम्मीद से कहीं अधिक लोग रैली में भाग लेने के लिए आ रहे हैं।
विपक्ष की माँगें और रैली का उद्देश्य
झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की नेता महुआ माजी ने कहा कि यदि केंद्र सरकार हठधर्मिता छोड़कर चुनाव आयोग से जुड़ी विपक्ष की माँगों को स्वीकार कर ले, तो इंडिया गठबंधन का आंदोलन 30 सेकंड के भीतर समाप्त हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष की माँगें अत्यधिक नहीं, बल्कि न्याय की माँग हैं।
माजी ने यह भी कहा कि इंडिया गठबंधन व्यापारियों के साथ खड़ा है और उन्हें किसी तरह की परेशानी पहुँचाना गठबंधन का उद्देश्य कतई नहीं है। उल्लेखनीय है कि यह रैली मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर आयोजित की जा रही है।
प्रतिभागियों को रोकने के आरोप
पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि कई राज्यों में लोगों को रैली में शामिल होने से रोकने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने तेलंगाना में ट्रेनों के रद्द होने का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि इससे दिल्ली आने के इच्छुक लोगों पर असर पड़ा है। हालाँकि, उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इंडिया गठबंधन पीछे हटने वाला नहीं है।
एनडीए और वीएचपी की प्रतिक्रिया
मुंबई में विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के नेता श्रीराज नायर ने कहा कि लगातार चुनावी हार के बावजूद विपक्ष आत्ममंथन करने के बजाय अपनी हार का ठीकरा दूसरों पर फोड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को अपनी राजनीतिक रणनीति और जनता के बीच अपने काम का विश्लेषण करना चाहिए।
नायर ने विपक्ष पर तुष्टीकरण की राजनीति करने और हिंदू-विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया। उन्होंने चुनावी हार के लिए SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) को जिम्मेदार ठहराने को अनुचित बताते हुए विपक्ष के वोट चोरी के आरोपों को 'काल्पनिक कहानी' कहा और इसे देश में अराजकता फैलाने की कोशिश बताया। एमएलसी चुनाव का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि बैलेट पेपर से हुए चुनावों के नतीजों पर भी विपक्ष को विचार करना चाहिए।
आगे क्या होगा
यह रैली ऐसे समय में हो रही है जब दिल्ली में निकट भविष्य में चुनावी सरगर्मी बढ़ने की संभावना है। गठबंधन के नेताओं का दावा है कि 1 नवंबर की रैली एक ऐतिहासिक जनसमर्थन का प्रदर्शन होगी। दोनों पक्षों की तीखी प्रतिक्रियाओं को देखते हुए यह स्पष्ट है कि इस रैली को लेकर राजनीतिक तापमान आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है।