ओबामा बनाम ट्रंप: मध्यावधि चुनाव से 5 दिन पहले ईरान युद्ध और महंगाई पर तीखी नोकझोंक
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव से ठीक पाँच दिन पहले पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच जुबानी संग्राम अपने चरम पर पहुँच गया है। ओबामा ने ईरान युद्ध, बढ़ती महंगाई और टैरिफ नीति पर ट्रंप प्रशासन को घेरा, जबकि ट्रंप ने व्हाइट हाउस नवीनीकरण से लेकर ईरान परमाणु समझौते तक हर मोर्चे पर पलटवार किया। इस चुनावी घमासान के बीच ट्रंप ने ओहायो गवर्नर पद के उम्मीदवार विवेक रामास्वामी के लिए भी समर्थन जुटाया।
ओबामा का हमला: ईरान युद्ध और महंगाई
बराक ओबामा ने बुधवार, 29 अक्टूबर को जॉर्जिया के अटलांटा क्षेत्र में एक रैली को संबोधित किया। यह रैली सीनेटर जॉन ओसॉफ और गवर्नर पद की उम्मीदवार कीशा लांस बॉटम्स के समर्थन में आयोजित की गई थी। ओबामा ने ट्रंप पर आरोप लगाया कि उन्होंने एक ऐसे अनावश्यक युद्ध की शुरुआत की, जिसकी न किसी ने माँग की थी और न ही इसके लिए किसी ने मतदान किया था।
ओबामा ने कहा, 'यही वजह है कि तेल की कीमतें बढ़ रही हैं। यही वजह है कि डीजल महंगा हो रहा है और लगभग हर चीज़ की कीमत बढ़ रही है।' उन्होंने आगे जोड़ा, 'सात महीने पहले किए गए वादों, बयानों और घोषणाओं के विपरीत यह युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ है — यह अब भी जारी है।'
ओबामा ने कनाडा के साथ ट्रंप के व्यापारिक टकराव पर भी व्यंग्यात्मक प्रहार किया। उन्होंने कहा कि इस 'व्यापार युद्ध' में अमेरिका का सामना किसी बड़े दुश्मन से नहीं, बल्कि कनाडा से है — वह देश जिसने अमेरिका को मेपल सिरप और अभिनेता मार्टिन शॉर्ट दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ओबामा की एक पुरानी टिप्पणी पर प्रतिक्रिया में पूरी सरकारी मशीनरी सक्रिय कर दी गई, जबकि असल मुद्दा महंगाई का था।
ट्रंप का पलटवार: नवीनीकरण से ईरान समझौते तक
डोनाल्ड ट्रंप ने ओहायो के चिलिकोथ में एक रैली को संबोधित करते हुए व्हाइट हाउस के नवीनीकरण पर ओबामा की आलोचना का जवाब दिया। ट्रंप ने कहा, 'मैंने इसका खर्च खुद उठाया। मैंने इसे ठीक कराया और अब यह पहले से अधिक सुंदर और बेहतर स्थिति में है।' उन्होंने ओबामा पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें साफ-सफाई और टूटे हुए पत्थरों व फुटपाथों की मरम्मत की समझ नहीं है।
ट्रंप ने 2015 के ईरान परमाणु समझौते को अपने जीवन में देखे गए 'सबसे मूर्खतापूर्ण समझौतों' में से एक करार दिया। उन्होंने ओबामा के चुनाव प्रचार अभियान पर भी निशाना साधते हुए कहा कि ओबामा पहले हिलेरी क्लिंटन के साथ जुड़े, जो हार गईं, फिर कमला हैरिस के साथ, जिन्हें भी हार का सामना करना पड़ा।
विवेक रामास्वामी और भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवार
ट्रंप ने चिलिकोथ रैली में सीनेटर जॉन हस्टेड के साथ-साथ भारतीय-अमेरिकी उद्यमी विवेक रामास्वामी के लिए भी प्रचार किया, जो ओहायो के गवर्नर पद के लिए रिपब्लिकन उम्मीदवार हैं। ट्रंप ने रामास्वामी के उस चुनावी विज्ञापन का बचाव किया, जिसमें उनकी डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी एमी एक्टन की माँ दिखाई गई हैं। हालाँकि, एनबीसी4 की रिपोर्ट के अनुसार, विज्ञापन में एक्टन की माँ ने यह नहीं कहा कि उनकी बेटी ने रामास्वामी के बारे में झूठ बोला।
गौरतलब है कि 3 नवंबर के चुनाव में रामास्वामी के अलावा अन्य भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवार भी मैदान में हैं — प्रतिनिधि सभा में रो खन्ना, प्रमिला जयपाल, राजा कृष्णमूर्ति, अमी बेरा, श्री थानेदार और सुहास सुब्रमण्यम फिर से चुनाव लड़ रहे हैं। इसके अतिरिक्त, नित्या रमन लॉस एंजिलिस के मेयर पद के लिए और रिपब्लिकन सरिता कोमतिरड्डी न्यूयॉर्क के अटॉर्नी जनरल पद के लिए प्रतिस्पर्धा में हैं।
सर्वेक्षण: डेमोक्रेट्स को बढ़त
राष्ट्रीय स्तर के चुनावी सर्वेक्षणों में डेमोक्रेटिक पार्टी को बढ़त मिलती दिख रही है। 19 और 20 अक्टूबर को किए गए एनपीआर/पीबीएस न्यूज-मारिस्ट सर्वेक्षण के अनुसार, प्रतिनिधि सभा के लिए संभावित मतदाताओं में डेमोक्रेट्स को 52% और रिपब्लिकन को 44% समर्थन मिला। 24 से 26 अक्टूबर के बीच हुए हार्वर्ड कैप्स/हैरिस सर्वेक्षण में डेमोक्रेट्स को 52% और रिपब्लिकन को 48% समर्थन का अनुमान लगाया गया, जबकि इसी सर्वेक्षण में ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग 39% दर्ज की गई।
आगे क्या
जॉर्जिया में ओबामा ने मतदाताओं से शुक्रवार की समयसीमा से पहले ही मतदान करने की अपील की। यह ऐसे समय में आया है जब दोनों दलों के नेता अंतिम दिनों में स्विंग स्टेट्स में जोरदार प्रचार अभियान चला रहे हैं। 3 नवंबर को होने वाले मतदान के परिणाम न केवल अमेरिकी संसद की संरचना बदल सकते हैं, बल्कि ट्रंप प्रशासन के शेष कार्यकाल की दिशा भी तय करेंगे।