ओबामा का ट्रंप पर बड़ा हमला: टैरिफ, ईरान युद्ध को महंगाई का जिम्मेदार बताया
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 25 अक्टूबर 2026 को ओहायो के क्लीवलैंड में एक चुनावी रैली के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला बोला और उनकी ईरान नीति, टैरिफ फैसलों तथा इमिग्रेशन पर सख्ती को देश में बढ़ती महंगाई का सीधा जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनावों को 'सिस्टम का सर्किट ब्रेकर' करार देते हुए मतदाताओं से ट्रंप प्रशासन पर लगाम लगाने की अपील की।
रैली का मकसद और माहौल
ओबामा क्लीवलैंड के पब्लिक ऑडिटोरियम में डेमोक्रेट उम्मीदवारों के समर्थन में पहुँचे थे — इनमें ओहायो के गवर्नर पद की उम्मीदवार एमी एक्टन और अमेरिकी सीनेट के लिए पूर्व सीनेटर शेरोड ब्राउन शामिल हैं। यह रैली मिडटर्म चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में हुई, जब राजनीतिक तापमान अपने चरम पर है।
ओबामा ने रैली के बाद मिशिगन के डेट्रॉइट का रुख किया, जहाँ उन्होंने वहाँ के डेमोक्रेट उम्मीदवारों के पक्ष में भी प्रचार किया।
ईरान युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट पर चेतावनी
ईरान के मुद्दे पर ओबामा ने कहा, 'ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं थे क्योंकि मैंने एक ऐसा समझौता किया था जिसे सबने स्वीकार किया था। उस समझौते ने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोके रखा और इसके लिए मुझे कोई मिसाइल नहीं चलानी पड़ी।' उन्होंने कहा कि वे कूटनीति के रास्ते पर चले थे।
ओबामा के अनुसार, सात महीने बाद हालात पलट चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 'हमारे सहयोगियों और सैन्य ठिकानों पर हमले हुए हैं, अमेरिकी नागरिक मारे गए हैं, सैकड़ों घायल हुए हैं, हमारे मिसाइल भंडार कम हो गए हैं और अब ईरान को होर्मुज स्ट्रेट पर प्रभाव हासिल हो गया है।' गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट वह संकरा जलमार्ग है जिससे दुनिया के तेल बाज़ारों तक — भारत सहित एशिया के कई देशों तक — कच्चे तेल की बड़ी आपूर्ति होती है।
उन्होंने कहा, 'यही वजह है कि तेल की कीमतें बढ़ी हैं। यही कारण है कि डीजल महंगा हुआ है।'
टैरिफ नीति और कनाडा पर तंज
व्यापार नीति पर निशाना साधते हुए ओबामा ने कहा कि ट्रंप को पहले ही आगाह किया गया था कि टैरिफ की कीमत अंततः आम उपभोक्ताओं को चुकानी पड़ती है। उनके अनुसार, टैरिफ ने भी महंगाई को हवा देने में योगदान दिया है।
ओबामा ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'और अब वह जिस बड़े ट्रेड वॉर की शुरुआत कर रहे हैं, वह उस कथित 'खतरनाक साम्राज्य' कनाडा के खिलाफ है।' इस पर रैली में मौजूद लोग हँस पड़े। उन्होंने कहा, 'यही वो लोग हैं जिन्होंने हमें मेपल सिरप और अभिनेता मार्टिन शॉर्ट दिए हैं।'
इमिग्रेशन, भ्रष्टाचार के आरोप और रिपब्लिकन की चुप्पी
इमिग्रेशन पर ओबामा ने कहा कि वे हमेशा से मानते रहे हैं कि सीमा सुरक्षित और व्यवस्थित होनी चाहिए और जो लोग अमेरिका आना चाहते हैं वे कानूनी रास्ते से आएं। उन्होंने याद दिलाया कि अपने राष्ट्रपति काल में सीमा सुरक्षा को लेकर उन्हें अपनी ही पार्टी की आलोचना झेलनी पड़ी थी।
ओबामा ने कहा, 'मुझे याद नहीं कि किसी ने चुनाव प्रचार के दौरान यह कहा हो कि नकाब पहने एजेंट हमारी सड़कों पर दौड़ेंगे।' उन्होंने ट्रंप पर एक वेनेजुएलाई अरबपति को माफी देने, मेम कॉइन और सरकारी ठेकों के ज़रिए निजी फायदा उठाने का आरोप लगाया। ओबामा ने कहा, 'हमने पहले कभी ऐसा राष्ट्रपति नहीं देखा।' उन्होंने व्हाइट हाउस में नवीनीकरण कार्यों पर तंज कसते हुए कहा कि ट्रंप को 'एचजीटीवी पर होना चाहिए।'
ओबामा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस में रिपब्लिकन नेता ट्रंप को रोकने के लिए कुछ नहीं कर रहे और इस संदर्भ में ओहायो के सीनेटर उम्मीदवार जॉन हस्टेड का नाम विशेष रूप से लिया। उन्होंने ओहायो के गवर्नर पद के रिपब्लिकन उम्मीदवार विवेक रामास्वामी के उस चुनावी विज्ञापन की भी आलोचना की जो एमी एक्टन को निशाना बनाता है।
क्या होगा आगे
3 नवंबर के मिडटर्म चुनाव अब महज कुछ दिन दूर हैं और ओबामा जैसे बड़े नाम का मैदान में उतरना डेमोक्रेट्स की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। ओहायो और मिशिगन दोनों ही राज्यों में मुकाबला करीबी बताया जा रहा है। ओबामा के भाषण ने महंगाई, विदेश नीति और जवाबदेही को एक साथ मिडटर्म के केंद्रीय मुद्दे के रूप में स्थापित करने की कोशिश की — और इसके प्रभाव का असली अंदाज़ा मतपेटी खुलने के बाद ही होगा।