ट्रंप का दावा: होर्मुज से 7 महीने पहले से ज़्यादा तेल आ रहा, ईरान युद्ध को सही ठहराया
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 31 अक्टूबर 2026 को फ्लोरिडा के डेटोना बीच में आयोजित एक चुनावी रैली में ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान का एक बार फिर बचाव किया। ट्रंप ने दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से अब सात महीने पहले की तुलना में कहीं अधिक तेल प्रवाहित हो रहा है, और ऊर्जा कीमतों को लेकर उठ रही आलोचनाओं को उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया।
ऑपरेशन और सैन्य दावे
रैली में ट्रंप ने कहा, 'हमने ऑपरेशन मिडनाइट हैमर और ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के ज़रिए ईरान की परमाणु संवर्धन क्षमता को पूरी तरह नष्ट कर दिया। हमने उन्हें सैन्य, आर्थिक और हर दूसरे मोर्चे पर हराया।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि अमेरिका का एकमात्र लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार न हों। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान की नौसेना और वायुसेना को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है — हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
युद्ध की ज़िम्मेदारी पर ट्रंप का रुख
ट्रंप ने इस बात से इनकार किया कि यह संघर्ष अमेरिका ने शुरू किया। उनके अनुसार, 'यह एक ऐसा संघर्ष है जिसे उन्होंने कई साल पहले शुरू किया था,' और 'ईरान 1979 से ही अमेरिका के खिलाफ युद्ध लड़ रहा है।' यह तर्क ट्रंप प्रशासन के उस लगातार आख्यान का हिस्सा है जिसमें अमेरिकी कार्रवाई को प्रतिक्रियात्मक, न कि आक्रामक, बताया जाता है।
ऊर्जा कीमतों पर आलोचना का जवाब
ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल प्रवाह बाधित होने की आशंकाओं और ऊर्जा मूल्य वृद्धि की आलोचनाओं को खारिज करते हुए दावा किया कि पेट्रोल की कीमतें उनके डेमोक्रेटिक पूर्ववर्तियों के कार्यकाल की तुलना में 'काफी नीचे आ गई हैं।' गौरतलब है कि वैश्विक ऊर्जा बाज़ार में होर्मुज की केंद्रीय भूमिका है, और इस क्षेत्र में कोई भी व्यवधान वैश्विक तेल आपूर्ति को प्रभावित कर सकता है।
रो खन्ना और वेनेजुएला संदर्भ
ट्रंप ने युद्ध की लागत पर सवाल उठाने के लिए डेमोक्रेटिक कांग्रेस सदस्य रो खन्ना पर भी निशाना साधा। ट्रंप ने कहा कि खन्ना ने शिकायत की थी कि 'हमने ईरान पर $25 अरब खर्च किए हैं,' लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि वेनेजुएला में अमेरिका ने इससे 'लगभग 10 गुना ज़्यादा कमाई की है।' ट्रंप के अनुसार, जनवरी में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हटाए जाने के बाद अमेरिका ने वहाँ के तेल क्षेत्र पर नियंत्रण कर लिया है। यह दावा भी विवादास्पद है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
व्यापक संदर्भ और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में चुनावी माहौल गर्म है और ईरान से जुड़ी विदेश नीति एक प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बनी हुई है। आलोचकों का कहना है कि ट्रंप के ये दावे राजनीतिक रैलियों में किए जाते हैं और इनके लिए स्वतंत्र सत्यापन की ज़रूरत है। आने वाले हफ्तों में अमेरिकी ऊर्जा आँकड़े और होर्मुज की स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय नज़र बनी रहेगी।