ईडी ने ऑनलाइन गेमिंग घोटाले में सागर डैश को किया गिरफ्तार, ₹9 करोड़ फ्रीज़; 3 दिन की हिरासत
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की मुंबई जोनल ऑफिस-II ने ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाज़ी घोटाले के मामले में सागर डैश को 27 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई है। विशेष कोर्ट (पीएमएलए), मुंबई ने आरोपी को 3 दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया है।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला ऑल पैनल एक्सचेंज के ज़रिए संचालित ऑनलाइन गेमिंग, सट्टेबाज़ी और उससे जुड़ी साइबर धोखाधड़ी से संबंधित है। ईडी की जाँच 3 प्राथमिकी (FIR) के आधार पर शुरू हुई थी, जिनमें शिकायतकर्ताओं को ऑनलाइन गेमिंग और साइबर फ्रॉड के ज़रिए करोड़ों रुपये का नुकसान पहुँचाया गया था।
मनी लॉन्ड्रिंग का तरीका
जाँच में खुलासा हुआ कि ठगी की रकम को हैदराबाद स्थित जुबली हिल्स मर्केंटाइल कोऑपरेटिव बैंक के कई फर्जी खातों के ज़रिए घुमाया गया और फिर अलग-अलग शेल कंपनियों में स्थानांतरित कर दिया गया। इन शेल कंपनियों से बड़ी राशि बेंगलुरु स्थित नागरभावी क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी के नोडल खाते में भेजी गई थी।
यह खाता सागर डैश द्वारा स्थापित आर्मस्ट्रांग एक्सचेंज प्राइवेट लिमिटेड के लिए संचालित किया जा रहा था। जाँच में यह भी सामने आया कि डैश ने नागरभावी क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी के केवाईसी दस्तावेज़ों का दुरुपयोग करते हुए क्रिप्टो अकाउंट खोला था। उसी सोसाइटी के बैंक खाते के माध्यम से कथित तौर पर सैकड़ों करोड़ रुपये घुमाए गए, जिनमें से एक बड़ा हिस्सा अवैध गेमिंग और सट्टेबाज़ी प्लेटफॉर्म से आई आपराधिक आय से जुड़ा पाया गया।
तलाशी और पिछली कार्रवाई
इस मामले में ईडी पहले पुणे, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, सूरत और मेहसाणा (गुजरात) में कई ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है। उस दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज़ ज़ब्त किए गए और विभिन्न बैंक खातों में जमा करीब ₹9 करोड़ की राशि फ्रीज़ की गई थी। गौरतलब है कि इसी मामले में इससे पहले एडसॉम फिनटेक प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ राम यू. रामधानी को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।
ईडी का रुख
प्रवर्तन निदेशालय ने कहा है कि वह अवैध वित्तीय नेटवर्क का पर्दाफाश करने और पीएमएलए, 2002 को सख्ती से लागू करने के अपने अभियान पर दृढ़ है। यह ऐसे समय में आया है जब ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में देशभर में तेज़ी देखी जा रही है। मामले में आगे की जाँच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ भी संभव हैं।