डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो देशों पर कड़ा प्रहार, कहा- 'इस समय को मत भूलिए'
सारांश
Key Takeaways
- डोनाल्ड ट्रंप का नाटो देशों पर तीखा आरोप
- ईरान के खिलाफ मदद न देने का मुद्दा
- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सुरक्षा की कमी
- नाटो को 'कागजी शेर' कहा
- अमेरिका की अकेले लड़ाई का दावा
वाशिंगटन, 26 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) देशों पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि इस समय को कभी 'भूलिएगा मत.'
राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ पोस्ट में ईरान के खिलाफ विवादास्पद शब्दों का उपयोग करते हुए कहा, "नाटो देशों ने ईरान जैसे पागल देश के खिलाफ कोई सहायता नहीं की। अमेरिका को नाटो से किसी चीज की आवश्यकता नहीं है, लेकिन यह समय कभी भूलिएगा मत!"
पिछले शुक्रवार (20 मार्च) को भी ट्रंप ने ईरान-इजरायल तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने में मदद न करने पर असंतोष व्यक्त किया था। उन्होंने नाटो को "कागजी शेर" कहकर संबोधित किया और सदस्य देशों को "कायर" बताते हुए कहा कि बिना अमेरिका के यह गठबंधन किसी काम का नहीं है। ट्रंप ने यह भी कहा कि नाटो देश केवल तेल की कीमतों पर शिकायत करते हैं, लेकिन सहायता के लिए आगे नहीं आते।
उन्होंने ट्रुथ सोशल पर आरोप लगाया कि नाटो सदस्य देश परमाणु-सक्षम ईरान को रोकने के लिए लड़ाई में भाग नहीं लेना चाहते, जबकि वे केवल तेल की बढ़ती कीमतों पर चर्चा करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सदस्य देश स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने में मदद करने को तैयार नहीं हैं, जो कि एक सामान्य सैन्य अभ्यास है और उनके अनुसार तेल की ऊंची कीमतों का मुख्य कारण है।
ट्रंप का आरोप है कि नाटो सहयोगी देश होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित करने में सहायता नहीं कर रहे हैं, जो कि तेल की ऊंची कीमतों का कारण है, जबकि यह एक आसान सैन्य कार्य है। उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध सैन्य रूप से जीता जा चुका है और अमेरिका को अब किसी देश की जरूरत नहीं है। फिर भी उन्होंने कहा कि हम इन नाटो सहयोगियों को याद रखेंगे, जिन्होंने इस कठिन समय में हमारा साथ नहीं दिया।