ट्रंप का दावा: होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी नियंत्रण, ईरान संघर्ष 'पूर्ण युद्ध' नहीं
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 5 सितंबर 2026 को स्पष्ट किया कि ईरान के साथ चल रहा अमेरिकी टकराव एक 'पूर्ण युद्ध' नहीं, बल्कि रुक-रुक कर होने वाला 'सैन्य संघर्ष' है। उन्होंने यह भी दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका का मज़बूत नियंत्रण स्थापित हो चुका है और तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने से सफलतापूर्वक रोक दिया गया है।
'युद्ध नहीं, सैन्य टकराव' — ट्रंप की परिभाषा
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा, 'देखिए, मैं आपको बताता हूं, बहुत से लोग इसे युद्ध नहीं कहते। मैं इसे मिलिट्री कॉन्फ्लिक्ट कहता हूं, क्योंकि हमारे लिए यह कोई बड़ी बात नहीं है।' यह टिप्पणी तब आई जब उनसे पूछा गया कि उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने इस टकराव को 'युद्ध' मानने से इनकार क्यों किया, जबकि ईरान पर हमले फिर से शुरू हो चुके हैं।
ट्रंप ने इस ऑपरेशन में 18 अमेरिकी सैनिकों की मौत स्वीकार की, लेकिन तर्क दिया कि वियतनाम और अफगानिस्तान जैसे लंबे युद्धों से इसकी तुलना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा, 'यह रुक-रुक कर होने वाली घटना है। हम बीच-बीच में हमले करते रहते हैं। अभी कोई सक्रिय लड़ाई नहीं चल रही।'
होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी दावा
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा के लिए ईरान द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले रडार, विमान और अन्य सैन्य उपकरण नष्ट कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि अमेरिकी माइनस्वीपर्स ने इस रणनीतिक जलमार्ग से बारूदी सुरंगें हटा दी हैं और तेल की खेप निर्बाध रूप से गुज़र रही है। उनके शब्दों में, 'होर्मुज जलडमरूमध्य पर हमारा नियंत्रण है और यह नियंत्रण बहुत मज़बूत है।'
गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया के कुल समुद्री तेल व्यापार का लगभग पाँचवाँ हिस्सा गुज़रता है, जिससे इस जलमार्ग का भू-राजनीतिक महत्व अत्यंत अधिक है।
'पिकएक्स' पर दोबारा हमले की चेतावनी
ट्रंप ने 'पिकएक्स' नामक स्थान पर किसी भी गतिविधि की स्थिति में पुनः हमले की चेतावनी दी। उन्होंने कहा, 'हम बहुत जल्द पिकएक्स पर हमला कर सकते हैं, अगर वहां कुछ भी हो रहा होगा। अगर कुछ भी गलत होता है, तो हम उन पर ज़ोरदार हमला करेंगे।' उन्होंने यह भी दावा किया कि अगर अमेरिका अभी ऑपरेशन समाप्त कर दे, तो ईरान को दोबारा खड़ा होने में 25 साल लगेंगे।
चीन और शी जिनपिंग से अपील
चीन और ईरान के संबंधों पर सवाल के जवाब में ट्रंप ने बताया कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से इस संघर्ष में हस्तक्षेप न करने का आग्रह किया था। ट्रंप ने कहा, 'मैंने राष्ट्रपति शी से कहा कि कृपया इसमें शामिल न हों। वे असल में शामिल नहीं हैं, चीन की बहुत कम भागीदारी है।'
ट्रंप ने यह भी स्वीकार किया कि चीन को होर्मुज जलडमरूमध्य से बड़ी मात्रा में तेल की आपूर्ति होती है, लेकिन उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में नई पाइपलाइनें और ज़मीनी मार्ग इस जलमार्ग के विकल्प बन रहे हैं।
आगे क्या होगा
ट्रंप ने टकराव समाप्त करने की कोई निश्चित समय-सीमा नहीं बताई। उन्होंने कहा, 'मैं चाहता हूं कि मैं यहां से हट जाऊं ताकि अगले राष्ट्रपति को इसकी चिंता न करनी पड़े।' विश्लेषकों के अनुसार, इस संघर्ष की परिभाषा को लेकर व्हाइट हाउस की भाषा और कांग्रेस की जवाबदेही के बीच तनाव आने वाले हफ्तों में और गहरा सकता है।