ट्रंप का बड़ा दावा: ईरान को हराने के बाद होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिकी क्षेत्र घोषित करूंगा
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 15 अगस्त को न्यूयॉर्क के गार्डन सिटी में एक भाषण के दौरान यह असाधारण दावा किया कि ईरान को पराजित करने के बाद वह होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को संयुक्त राज्य अमेरिका का हिस्सा घोषित कर देंगे। यह जलमार्ग दुनिया के सबसे रणनीतिक ऊर्जा गलियारों में से एक है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा गुज़रता है। ट्रंप ने इस दावे के लिए कोई कानूनी आधार या विस्तृत योजना नहीं बताई।
भाषण में क्या कहा ट्रंप ने
क्राइम और लॉ एनफोर्समेंट विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में ट्रंप ने कहा, 'ईरान को हराने के बाद, जो बहुत बुरी तरह से हार रहा है, बहुत जल्द मैं होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिका का भाग घोषित कर दूंगा।' उन्होंने इस मंच का उपयोग ईरान के विरुद्ध अमेरिकी सैन्य अभियान की व्यापक जानकारी साझा करने के लिए भी किया। हालाँकि, प्रस्तुत किए गए सैन्य आँकड़ों की पुष्टि के लिए उन्होंने कोई स्वतंत्र साक्ष्य नहीं दिया।
ईरानी सैन्य क्षमता पर ट्रंप के दावे
ट्रंप ने कथित तौर पर दावा किया कि ईरान की नौसेना पूरी तरह नष्ट हो चुकी है। उन्होंने कहा, 'उनके पास कुल 159 जहाज थे — वे सभी अभी समुद्र की गहराई में हैं।' इसके अलावा उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान के सभी 212 लड़ाकू विमान मार गिराए जा चुके हैं। ट्रंप ने कहा, 'उनका हर हवाई जहाज मार गिराया गया।' इन आँकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
नेतृत्व संकट और वार्ता की मुश्किलें
ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के वरिष्ठ नेतृत्व के कमज़ोर पड़ने से भविष्य की किसी भी राजनयिक वार्ता में बाधाएँ आ सकती हैं। उनके शब्दों में, 'उनका नेतृत्व समाप्त हो चुका है। बातचीत करने के लिए कोई नहीं है — यह एक समस्या है।' यह टिप्पणी उल्लेखनीय है क्योंकि ट्रंप प्रशासन ने इससे पहले ईरान के साथ परमाणु वार्ता की संभावना जताई थी।
परमाणु खतरे का हवाला
भाषण में ट्रंप ने ईरान के विरुद्ध अमेरिकी सैन्य बल के उपयोग का बचाव करते हुए कहा कि यह कदम तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए अनिवार्य था। उन्होंने दावा किया कि ईरान की मिसाइल और ड्रोन निर्माण क्षमता भी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो चुकी है, और उसके रडार व खुफिया तंत्र को भी निष्क्रिय कर दिया गया है।
होर्मुज दावे की अंतरराष्ट्रीय पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान और ओमान के बीच स्थित है और अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के तहत एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग माना जाता है। इस पर किसी एक देश का एकतरफा दावा अंतरराष्ट्रीय कानून की दृष्टि से अत्यंत विवादास्पद होगा। ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वे किस कानूनी या राजनयिक ढाँचे के तहत ऐसा कदम उठाने की योजना बना रहे हैं।