मनीषा भनवाला ने सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में जीता स्वर्ण, 0-6 से पिछड़कर 8-6 से की वापसी
सारांश
मुख्य बातें
पहलवान मनीषा भनवाला ने 31 अक्टूबर 2026 को कजाकिस्तान के अस्ताना में आयोजित सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में महिलाओं के 59 किलोग्राम भार वर्ग का स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वह यह खिताब जीतने वाली पहली भारतीय पहलवान बन गई हैं। खास बात यह रही कि फाइनल में वह 0-6 से पिछड़ रही थीं, फिर भी उन्होंने अमेरिका की एबिगेल नेट को 8-6 से मात देकर अभूतपूर्व जीत दर्ज की।
मुख्य घटनाक्रम
फाइनल मुकाबले में शुरुआत मनीषा के लिए बेहद कठिन रही। अमेरिकी पहलवान नेट ने एक 'फोर-प्वाइंट थ्रो' लगाया और भारत की ओर से हुई एक असफल चुनौती के कारण उन्हें एक और अंक मिला, जिससे वह 5-0 से आगे हो गईं। इसके बाद मनीषा को मिली चेतावनी से नेट की बढ़त 6-0 हो गई।
हार न मानने के जज्बे के साथ मनीषा ने पहले राउंड में एक 'स्टेप-आउट' अंक से खाता खोला। दूसरे राउंड में उन्होंने एक 'टेकडाउन' से अंतर कम किया और अमेरिकी खेमे की असफल चुनौती से मिले अतिरिक्त अंक के बाद 'पार टेरे' की स्थिति से हमले का मौका मिला।
मनीषा ने इस अवसर का पूरा फायदा उठाते हुए दो अंकों वाला 'गट-रेंच' दांव लगाया और स्कोर 6-6 से बराबर कर दिया। इसके बाद निर्णायक 'टेकडाउन' से वह 8-6 की बढ़त पर आ गईं और नेट की वापसी की तमाम कोशिशों को विफल करते हुए यादगार जीत दर्ज की।
फाइनल तक का सफर
मनीषा का पूरा अभियान शानदार रहा। उन्होंने प्री-क्वार्टर फाइनल में कनाडा की लॉरेंस ब्यूरेगार्ड को 6-2 से हराकर शुरुआत की। सेमीफाइनल में उन्होंने मंगोलिया की बोलोरतुया खुरेलखु को पराजित कर फाइनल में जगह पक्की की और फिर स्वर्ण पदक के मुकाबले में इतिहास रचा।
शिखर धवन की बधाई
भारत के पूर्व क्रिकेटर शिखर धवन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मनीषा को बधाई देते हुए लिखा, '0-6 से पिछड़ने के बाद वर्ल्ड चैंपियन बनना। क्या शानदार फाइटर हैं आप, मनीषा। आपने पूरे देश को गौरवान्वित किया है। बधाई हो।' यह टिप्पणी देशभर में खेल प्रेमियों के बीच तेजी से वायरल हुई।
ऐतिहासिक उपलब्धि का महत्व
गौरतलब है कि भारत कुश्ती में ओलंपिक और राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतता रहा है, लेकिन सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक अब तक अछूता था। मनीषा की यह जीत उस कमी को पूरा करती है और भारतीय महिला कुश्ती के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत करती है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय महिला पहलवानों ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार अपनी पहचान मजबूत की है। आगे भारतीय कुश्ती संघ से इस उपलब्धि पर विशेष सम्मान की संभावना है।