16 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अंडर-23 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप: कोमल ने 59 किग्रा में जीता कांस्य, अमृता पुजारी फाइनल में

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अंडर-23 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप: कोमल ने 59 किग्रा में जीता कांस्य, अमृता पुजारी फाइनल में

सारांश

लास वेगास में जारी अंडर-23 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में भारत की कोमल ने 59 किग्रा कांस्य जीता, जबकि अमृता पुजारी 72 किग्रा के फाइनल में पहुँच गई हैं। वीज़ा अड़चन के बावजूद भारत का दल मजबूत प्रदर्शन कर रहा है।

मुख्य बातें

कोमल ने 16 अक्टूबर 2026 को लास वेगास में 59 किलोग्राम वर्ग में कजाकिस्तान की विक्टोरिया खुसैनोवा को 7-2 से हराकर कांस्य पदक जीता।
अमृता पुजारी ने 72 किलोग्राम सेमीफाइनल में वेनजिन किउ को हराकर फाइनल में प्रवेश किया; शनिवार को यूक्रेन की इरीना जब्लॉत्स्का से मुकाबला।
स्वीटी (53 किग्रा) और वैष्णवी पाटिल (65 किग्रा) रिपेचेज के ज़रिये कांस्य पदक की दौड़ में।
विश्वजीत रामचंद्र मोरे ने ग्रीको-रोमन 55 किग्रा फाइनल में 12-13 से हारकर रजत पदक जीता।
वीज़ा न मिलने के कारण भारत 9 भार वर्गों में पहलवान नहीं उतार सका।
पिछले संस्करण (नोवी साद) में भारत ने 9 पदक (1 स्वर्ण, 1 रजत, 7 कांस्य) जीते थे।

भारतीय पहलवान कोमल ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को लास वेगास में जारी अंडर-23 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में महिलाओं के 59 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक हासिल किया। कांस्य पदक मुकाबले में कोमल ने कजाकिस्तान की विक्टोरिया खुसैनोवा को 7-2 के अंतर से पराजित किया। इसी दिन अमृता पुजारी ने महिलाओं के 72 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में जीत दर्ज कर फाइनल में प्रवेश किया।

कोमल का अभियान: चुनौतियों के बाद पदक

कोमल ने अपने अभियान की शुरुआत कनाडाई पहलवान एला मैरी फाइंडिंग को हराकर की। इसके बाद उन्होंने मोल्दोवा की मैडलिना प्रिसाकारी को 8-3 से मात दी। हालाँकि सेमीफाइनल में यूक्रेन की अलीना फिलिपोविच के खिलाफ उन्हें 1-13 से बड़ी हार झेलनी पड़ी। लेकिन कांस्य पदक मुकाबले में कोमल ने शानदार वापसी करते हुए देश की झोली में एक और पदक डाला।

अमृता पुजारी का फाइनल में प्रवेश

अमृता पुजारी ने 72 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में चीन की वेनजिन किउ को हराकर स्वर्ण पदक मुकाबले में जगह सुनिश्चित की। शनिवार को फाइनल में उनका सामना यूक्रेन की इरीना जब्लॉत्स्का से होगा। यह भारत के लिए महिला कुश्ती में स्वर्ण पदक जीतने का सुनहरा अवसर है।

स्वीटी और वैष्णवी पाटिल रिपेचेज में बनी हुई हैं

स्वीटी (53 किलोग्राम) को क्वार्टर फाइनल में क्रिस्टेल रोड्रिगेज डोबलर के हाथों 2-11 से शिकस्त मिली, लेकिन उनकी प्रतिद्वंद्वी के फाइनल में पहुँचने के कारण वे रिपेचेज के ज़रिये कांस्य पदक की दौड़ में बनी हुई हैं। इसी तरह वैष्णवी पाटिल (65 किलोग्राम) को रूस की एकातेरिना कोशकिना से 'टेक्निकल सुपीरियरिटी' के आधार पर हार का सामना करना पड़ा था। अब रिपेचेज में उनका मुकाबला जापान की हारुका कोबारू से होगा।

वीज़ा बाधा: कई भारतीय पहलवान नहीं उतर सके

भारत महिलाओं के 50 किलोग्राम, 55 किलोग्राम, 57 किलोग्राम और 62 किलोग्राम वर्ग तथा ग्रीको-रोमन शैली के 60 किलोग्राम, 77 किलोग्राम, 82 किलोग्राम, 97 किलोग्राम और 130 किलोग्राम भार वर्ग में अपने पहलवान नहीं उतार सका। इसका कारण यह था कि संबंधित पहलवानों की उम्र 20 वर्ष से कम थी और उनके पास कोई फुल-टाइम नौकरी नहीं थी, जिससे उन्हें वीज़ा नहीं मिल सका। यह बाधा भारतीय दल के कुल पदक अवसरों पर असर डालने वाली रही।

विश्वजीत मोरे का रजत और पिछले संस्करण का प्रदर्शन

गुरुवार को विश्वजीत रामचंद्र मोरे ने ग्रीको-रोमन वर्ग के पुरुषों के 55 किलोग्राम फाइनल में जॉर्जिया के कोबा कारुमिद्जे के हाथों 12-13 से हारकर रजत पदक जीता। अंडर-23 विश्व स्तर पर दो बार कांस्य पदक जीत चुके मोरे के लिए यह उनका पहला रजत पदक रहा। गौरतलब है कि सर्बिया के नोवी साद में आयोजित पिछले संस्करण में भारतीय पहलवानों ने कुल 9 पदक (1 स्वर्ण, 1 रजत, 7 कांस्य) जीते थे। लास वेगास संस्करण में भारत का प्रदर्शन वीज़ा बाधाओं के बावजूद आशाजनक बना हुआ है, और अमृता के फाइनल के साथ पदक संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन वीज़ा बाधा के चलते नौ भार वर्गों में पहलवानों का न उतर पाना एक गंभीर प्रशासनिक विफलता को उजागर करता है। 20 वर्ष से कम आयु और फुल-टाइम नौकरी न होने जैसे कारणों से वीज़ा न मिलना दर्शाता है कि भारतीय खेल प्रशासन अभी भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए दस्तावेज़ी तैयारी में पिछड़ा हुआ है। अगर यही स्थिति बनी रही, तो संभावित पदक विजेता पहलवान प्रतिस्पर्धा से पहले ही बाहर होते रहेंगे — जो प्रतिभा से बड़ी नीतिगत समस्या है।
RashtraPress
16 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंडर-23 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप 2026 में कोमल ने कौन-सा पदक जीता?
कोमल ने महिलाओं के 59 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीता। उन्होंने पदक मुकाबले में कजाकिस्तान की विक्टोरिया खुसैनोवा को 7-2 से हराया।
अमृता पुजारी का फाइनल में किससे मुकाबला होगा?
अमृता पुजारी का शनिवार को 72 किलोग्राम वर्ग के स्वर्ण पदक मुकाबले में यूक्रेन की इरीना जब्लॉत्स्का से सामना होगा। अमृता ने सेमीफाइनल में चीन की वेनजिन किउ को हराकर फाइनल में जगह बनाई।
भारत के कई पहलवान चैंपियनशिप में क्यों नहीं उतर सके?
उम्र 20 वर्ष से कम होने और फुल-टाइम नौकरी न होने के कारण कई भारतीय पहलवानों को वीज़ा नहीं मिला। इस कारण भारत नौ भार वर्गों में अपने पहलवान नहीं उतार सका।
विश्वजीत रामचंद्र मोरे ने इस चैंपियनशिप में क्या उपलब्धि हासिल की?
विश्वजीत रामचंद्र मोरे ने ग्रीको-रोमन 55 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में जॉर्जिया के कोबा कारुमिद्जे से 12-13 से हारकर रजत पदक जीता। यह अंडर-23 विश्व स्तर पर उनका पहला रजत पदक रहा।
पिछले अंडर-23 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में भारत का प्रदर्शन कैसा था?
सर्बिया के नोवी साद में आयोजित पिछले संस्करण में भारतीय पहलवानों ने कुल 9 पदक जीते थे — 1 स्वर्ण, 1 रजत और 7 कांस्य। लास वेगास संस्करण में भारत उस प्रदर्शन को बराबर करने या उससे आगे जाने की स्थिति में है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले