अमृता पुजारी ने U-23 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में 72 किग्रा सिल्वर जीता, भारत के तीन मेडल
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय पहलवान अमृता पुजारी ने शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को अंडर-23 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में महिलाओं के 72 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक हासिल किया। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता अमेरिका के लास वेगास में आयोजित की जा रही है। अमृता के इस पदक के साथ इस चैंपियनशिप में भारत की कुल पदक संख्या तीन हो गई है।
फाइनल मुकाबला और अभियान का सफर
अमृता पुजारी ने शुरुआती दौर में लगातार दो 'पिनफॉल' जीत दर्ज कर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। सेमीफाइनल में उन्होंने वेनजिन किउ को 'पिन' करके फाइनल में प्रवेश किया। हालाँकि, गोल्ड मेडल मैच में यूक्रेन की इरीना जब्लॉत्स्का ने उन्हें 6-0 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। अमृता को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
भारत के अन्य पदक विजेता
इस चैंपियनशिप में विश्वजीत मोरे ने ग्रीको-रोमन 55 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीतकर इतिहास रचा — यह अंडर-23 स्तर पर इस स्पर्धा में भारत का पहला सिल्वर था। इससे पहले कोमल ने महिलाओं के 59 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीतकर भारत का खाता खोला था।
कोमल का कांस्य पदक अभियान
कोमल ने ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में कजाकिस्तान की विक्टोरिया खुसैनोवा को 7-2 से हराया। उन्होंने टूर्नामेंट की शुरुआत कनाडा की एला मैरी फाइंडिंग को हराकर की, फिर मोल्दोवा की मैडलिना प्रिसाकारी को 8-3 से पराजित किया। यूक्रेन की अलीना फिलिपोविच के खिलाफ 1-13 की हार के बाद कोमल ने रेपेचेज के रास्ते वापसी करते हुए पदक सुनिश्चित किया।
स्वीटी और वैष्णवी की रेपेचेज उम्मीदें
स्वीटी (53 किलोग्राम) और वैष्णवी पाटिल (65 किलोग्राम) क्वार्टर फाइनल में हारने के बावजूद रेपेचेज राउंड के ज़रिए कांस्य पदक की दौड़ में बनी हुई हैं। स्वीटी को क्रिस्टेल रोड्रिग्ज डोबलर के हाथों 11-2 से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन उनकी प्रतिद्वंद्वी फाइनल में पहुँच गई, जिससे रेपेचेज का रास्ता खुल गया। वैष्णवी पाटिल रूस की एकातेरिना कोशकिना से 'टेक्निकल सुपीरियरिटी' के आधार पर हारने के बाद अब जापान की हारुका कोबारू से भिड़ेंगी।
भारत के लिए बड़ी तस्वीर
गौरतलब है कि अंडर-23 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप युवा पहलवानों के लिए वैश्विक मंच पर खुद को साबित करने का अहम अवसर होती है और यहाँ प्रदर्शन सीनियर स्तर की तैयारी का संकेत देता है। भारत के तीन पदक — दो रजत और एक कांस्य — इस चैंपियनशिप में देश की बढ़ती कुश्ती प्रतिभा को रेखांकित करते हैं। यदि स्वीटी और वैष्णवी रेपेचेज में सफल रहती हैं, तो पदक संख्या और बढ़ सकती है।