18 अक्टूबर 2026
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अंडर-23 रेसलिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप: जसकरन और चंद्रमोहन ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में, भारत के 3 मेडल

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अंडर-23 रेसलिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप: जसकरन और चंद्रमोहन ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में, भारत के 3 मेडल

सारांश

लास वेगास में जारी अंडर-23 रेसलिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत के जसकरन और चंद्रमोहन ने सेमीफाइनल की बाधा पार नहीं की, लेकिन दोनों ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में हैं। अमृता के सिल्वर और कोमल के ब्रॉन्ज के साथ भारत के 3 मेडल हो चुके हैं — और वीजा विवाद के बावजूद यह दल अपना सर्वश्रेष्ठ दे रहा है।

मुख्य बातें

जसकरन ने 65 किग्रा फ्रीस्टाइल सेमीफाइनल में जापान के काइजी ओगिनो से 11-0 से हारकर ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में प्रवेश किया।
चंद्रमोहन 97 किग्रा सेमीफाइनल में ईरान के महदी मोहम्मद यूसुफीहाजिवर से 3-4 के करीबी अंतर से हारे।
अमृता ने महिलाओं की 72 किग्रा में सिल्वर और कोमल ने 59 किग्रा में ब्रॉन्ज जीतकर भारत की मेडल संख्या 3 पहुँचाई।
शिवम 97 किग्रा रेपेचेज में खेलेंगे; ईरानी प्रतिद्वंद्वी के फाइनल में पहुँचने से रास्ता खुला।
वीजा न मिलने के कारण भारत कई महिला और ग्रीको-रोमन वेट कैटेगरी में प्रतिस्पर्धा नहीं कर सका।

भारतीय पहलवान जसकरन और चंद्रमोहन 18 अक्टूबर 2026 को लास वेगास में जारी अंडर-23 रेसलिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप में अपने-अपने सेमीफाइनल मुकाबले गँवाने के बाद ब्रॉन्ज मेडल के लिए मैदान में उतरेंगे। फ्रीस्टाइल 65 किग्रा में जसकरन और 97 किग्रा वर्ग में चंद्रमोहन दोनों ने टूर्नामेंट में अपना दमदार प्रदर्शन जारी रखा है। इससे पहले भारतीय महिला पहलवान अमृता के सिल्वर मेडल के साथ भारत की मेडल तालिका में तीन पदक दर्ज हो चुके हैं।

जसकरन का सफर: अंडर-20 चैंपियन को हराया, सेमीफाइनल में मात

जसकरन ने 65 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए क्वार्टर फाइनल में अंडर-20 वर्ल्ड चैंपियन बैसेट को 6-3 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। यह जीत खास रही क्योंकि उन्होंने मुकाबले के शुरुआती 10 सेकंड से भी कम समय में 4-पॉइंट मूव से बढ़त हासिल कर ली। हालाँकि, सेमीफाइनल में जापान के काइजी ओगिनो ने उन्हें 11-0 के बड़े अंतर से शिकस्त दी, जिससे फाइनल का रास्ता बंद हो गया। अब जसकरन ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में भारत की उम्मीदें बनाए रखेंगे।

चंद्रमोहन का अभियान: तीन बड़ी जीत, सेमीफाइनल में करीबी हार

चंद्रमोहन ने अपने अभियान की जोरदार शुरुआत करते हुए क्वालीफिकेशन राउंड में जोसेफ ली सीली को तकनीकी प्राथमिकता के आधार पर 11-1 से हराया। प्री-क्वार्टर फाइनल में उन्होंने ब्राजील के कोरिया लीमा को 14-0 से और क्वार्टर फाइनल में जियोर्जी गोग्रिचियानी को तकनीकी प्राथमिकता से 14-4 से परास्त किया।

सेमीफाइनल में उनका सामना ईरान के पूर्व अंडर-20 और अंडर-23 वर्ल्ड चैंपियन महदी मोहम्मद यूसुफीहाजिवर से हुआ, जहाँ चंद्रमोहन 3-4 के करीबी अंतर से हार गए। यह हार निराशाजनक ज़रूर थी, लेकिन ब्रॉन्ज मेडल का मौका अभी बाकी है।

शिवम को रेपेचेज से मिलेगा मौका

शिवम, जो 97 किग्रा वर्ग में अपना पहला मुकाबला मुखमेद ताखिर यूसुफीहाजिवर से हार गए थे, अब रेपेचेज में उतरेंगे। गौरतलब है कि ईरानी पहलवान के फाइनल में पहुँचने से रेपेचेज का रास्ता खुला, जिससे शिवम को भी ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में पहुँचने का अवसर मिल सकता है।

भारत की मेडल तालिका और वीजा विवाद

इस चैंपियनशिप में भारत अब तक तीन मेडल जीत चुका है। अमृता ने महिलाओं की 72 किग्रा वेट कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता, जबकि कोमल ने महिलाओं के 59 किग्रा डिवीजन में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।

हालाँकि, भारत के लिए एक बड़ी चुनौती यह रही कि वह महिलाओं की 50 किग्रा, 55 किग्रा, 57 किग्रा और 62 किग्रा कैटेगरी तथा ग्रीको-रोमन शैली की 60 किग्रा, 77 किग्रा, 82 किग्रा, 97 किग्रा और 130 किग्रा वेट डिवीजन में अपने पहलवान नहीं उतार सका। इसका कारण यह बताया गया कि संबंधित पहलवानों को अंडर-20 आयु वर्ग में होने और पूर्णकालिक रोज़गार न होने के चलते अमेरिकी वीजा देने से मना कर दिया गया।

आगे क्या होगा

अब सभी नज़रें जसकरन और चंद्रमोहन के ब्रॉन्ज मेडल मुकाबलों पर टिकी हैं। यदि दोनों पदक जीतते हैं तो भारत की मेडल संख्या पाँच तक पहुँच सकती है, जो देश के अंडर-23 कुश्ती इतिहास में एक उल्लेखनीय उपलब्धि होगी। वीजा विवाद के बावजूद भारतीय दल का यह प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की युवा कुश्ती प्रतिभा का प्रमाण है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कहानी वीजा विवाद है — जहाँ एक दर्जन से अधिक श्रेणियों में भारतीय पहलवान मैदान में ही नहीं उतर सके। यह सवाल उठाता है कि अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए भारतीय खेल प्रशासन की तैयारी और वीजा प्रक्रिया में समन्वय कितना पर्याप्त है। यदि वीजा समस्या का समाधान होता तो भारत की मेडल संभावनाएँ कहीं अधिक होतीं — और यह चूक प्रशासनिक जवाबदेही का प्रश्न बनती है।
RashtraPress
18 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंडर-23 रेसलिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 में जसकरन का प्रदर्शन कैसा रहा?
जसकरन ने 65 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में अंडर-20 वर्ल्ड चैंपियन बैसेट को 6-3 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई, लेकिन जापान के काइजी ओगिनो से 11-0 से हार गए। वे अब ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में उतरेंगे।
चंद्रमोहन सेमीफाइनल में क्यों हारे?
चंद्रमोहन को सेमीफाइनल में ईरान के पूर्व अंडर-20 और अंडर-23 वर्ल्ड चैंपियन महदी मोहम्मद यूसुफीहाजिवर ने पॉइंट्स के आधार पर 4-3 से हराया। यह बेहद करीबी मुकाबला था और चंद्रमोहन ने इससे पहले तीन मुकाबलों में दमदार प्रदर्शन किया था।
इस चैंपियनशिप में भारत ने अब तक कितने मेडल जीते हैं?
भारत अब तक तीन मेडल जीत चुका है — अमृता ने महिलाओं की 72 किग्रा में सिल्वर और कोमल ने 59 किग्रा में ब्रॉन्ज जीता। जसकरन और चंद्रमोहन के ब्रॉन्ज मुकाबलों के बाद यह संख्या और बढ़ सकती है।
भारत के कई पहलवान लास वेगास में क्यों नहीं खेल सके?
अंडर-20 आयु वर्ग में होने और पूर्णकालिक रोज़गार न होने के कारण कई भारतीय पहलवानों को अमेरिकी वीजा देने से मना कर दिया गया। इस वजह से भारत महिला वर्ग की चार श्रेणियों और ग्रीको-रोमन की पाँच श्रेणियों में भाग नहीं ले सका।
शिवम को ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले का मौका कैसे मिला?
रेसलिंग के नियमों के अनुसार, जिस पहलवान से कोई खिलाड़ी हारता है, यदि वह पहलवान फाइनल में पहुँचता है तो हारने वाले को रेपेचेज का मौका मिलता है। शिवम को हराने वाले ईरानी पहलवान मुखमेद ताखिर यूसुफीहाजिवर फाइनल में पहुँच गए, जिससे शिवम को रेपेचेज में खेलने का अवसर मिला।
राष्ट्र प्रेस
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