अंडर-23 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप: रोहित, जसकरण, चंद्रमोहन ने जीता ब्रॉन्ज, भारत ने झटके 6 पदक
सारांश
मुख्य बातें
लास वेगास में आयोजित अंडर-23 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप के अंतिम दिन, 19 अक्टूबर 2026 को भारतीय फ्रीस्टाइल पहलवानों ने अपने सभी पदक मुकाबलों में जीत दर्ज करते हुए देश का सिर ऊँचा किया। रोहित (57 किग्रा), जसकरण (65 किग्रा) और चंद्रमोहन (79 किग्रा) ने क्रमशः ब्रॉन्ज मेडल जीते और इस प्रतियोगिता में भारत के कुल पदकों की संख्या 6 तक पहुँचा दी। यह प्रदर्शन ग्रीको-रोमन, महिला कुश्ती और फ्रीस्टाइल — तीनों वर्गों में भारत की सामूहिक ताकत का प्रमाण है।
अंतिम दिन का घटनाक्रम
पदकों की दौड़ सबसे पहले 65 किग्रा वर्ग में जसकरण ने शुरू की। उन्होंने बेलारूस के मागोमेदखान मागामेदखानोव को कड़े मुकाबले में 8-5 से परास्त किया। गौरतलब है कि यह जसकरण का चार वर्षों में पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट था — और उन्होंने संयम व सटीक रणनीति के दम पर इसे यादगार बना दिया।
इसके बाद 79 किग्रा वर्ग में चंद्रमोहन ने तुर्की के इब्राहिम मेतेहान याप्राक को 5-2 से हराया। याप्राक इस चैंपियनशिप के पिछले संस्करण में रजत पदक विजेता रह चुके थे, जिससे इस जीत का महत्व और बढ़ जाता है।
अंत में 57 किग्रा वर्ग में रोहित ने आर्मेनिया के अरमान हारुत्युन्यान को 8-3 के स्पष्ट अंतर से हराया। रोहित 'रिपेचेज' के माध्यम से पदक मुकाबले में पहुँचे थे और उन्होंने यह दूसरा अवसर गँवाया नहीं।
भारत का समग्र पदक लेखा-जोखा
लास वेगास में भारत ने कुल 2 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज मेडल जीते। ग्रीको-रोमन वर्ग में विश्वजीत रामचंद्र मोरे ने 55 किग्रा में रजत पदक जीता। महिला कुश्ती में अमृता ने 72 किग्रा वर्ग में रजत और कोमल ने 59 किग्रा वर्ग में ब्रॉन्ज जीता। फ्रीस्टाइल टीम ने तीनों ब्रॉन्ज — रोहित (57 किग्रा), जसकरण (65 किग्रा) और चंद्रमोहन (79 किग्रा) — अपने नाम किए।
पहलवानों का संघर्ष और वापसी
तीनों फ्रीस्टाइल पहलवान सेमीफाइनल में हार का सामना कर चुके थे। यह ऐसे समय में आया जब पदक की उम्मीदें धूमिल पड़ने लगी थीं। लेकिन रिपेचेज और ब्रॉन्ज मुकाबलों में इन पहलवानों ने मानसिक दृढ़ता का परिचय देते हुए न सिर्फ अपने करियर को आगे बढ़ाया, बल्कि भारतीय कुश्ती की गहरी बेंच-स्ट्रेंथ का भी संकेत दिया।
आगे का रास्ता
यह प्रदर्शन भारतीय कुश्ती की युवा पीढ़ी के लिए एक सकारात्मक संकेत है। अंडर-23 स्तर पर मिली यह सफलता आने वाले सीनियर विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक चक्र के लिए मज़बूत नींव तैयार करती है। भारतीय कुश्ती महासंघ के लिए यह परिणाम निश्चित रूप से उत्साहजनक है।