30 अक्टूबर 2026
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'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली: छत्तीसगढ़ कांग्रेस नेता दिल्ली रवाना, 1 नवंबर को रामलीला मैदान में जुटान

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'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली: छत्तीसगढ़ कांग्रेस नेता दिल्ली रवाना, 1 नवंबर को रामलीला मैदान में जुटान

सारांश

'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली से पहले छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने दिल्ली कूच किया। 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाले इस राष्ट्रीय आंदोलन में विपक्ष वोट चोरी और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग को केंद्र में रखेगा — यह विपक्षी एकता की अगली बड़ी परीक्षा है।

मुख्य बातें

छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ कांग्रेस नेता 30 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के लिए रवाना हुए।
1 नवंबर 2026 को रामलीला मैदान में AICC की 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली का आयोजन।
राज्यसभा सांसद फूलो देवी नेताम , नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत , पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू और विधायक संदीप साहू प्रमुख प्रतिभागियों में शामिल।
कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग दोहराई।
नेताओं ने भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ यात्रा' को लक्ष्य बनाते हुए पार्टी पर कथित वोट चोरी के गंभीर आरोप लगाए — जिन्हें भाजपा ने खारिज किया है।

छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ कांग्रेस नेता 30 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं, ताकि 1 नवंबर को रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली में शिरकत कर सकें। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के निर्देश पर बुलाए गए इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में महागठबंधन के नेताओं और देशभर से कार्यकर्ताओं की बड़ी तादाद शामिल होने की उम्मीद है।

नेताओं ने क्या कहा

कांग्रेस की राज्यसभा सांसद फूलो देवी नेताम ने कहा, 'रामलीला मैदान में एक राष्ट्रीय आंदोलन होने जा रहा है, जिसमें महागठबंधन के सभी नेता और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहेंगे। यह एक बहुत बड़ी रैली होगी और हम भी इसमें हिस्सा लेने जा रहे हैं।' उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की 'लोकतंत्र बचाओ यात्रा' पर तंज कसते हुए कहा कि इतने दिनों तक भाजपा को लोकतंत्र बचाने की सुध नहीं आई।

नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने कहा कि छत्तीसगढ़ से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता दिल्ली पहुँच रहे हैं। उन्होंने कहा, 'कुछ लोग आज जा रहे हैं और कुछ लोग कल जाएंगे। हमारा लक्ष्य इस राष्ट्रीय आंदोलन को सफल बनाना है।'

रैली का उद्देश्य

पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि यह रैली वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों, विशेष रूप से कथित वोट चोरी के मुद्दे पर केंद्रित है। उनके अनुसार, कांग्रेस नेता राहुल गांधी इस विषय को तथ्यात्मक रूप से देशभर में उठाते रहे हैं।

साहू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के वोटों को बदला व समाप्त किया जाता रहा है और इसी आधार पर भाजपा केंद्र व राज्यों में सरकार बनाती आ रही है — हालाँकि ये आरोप कांग्रेस के दृष्टिकोण से हैं और भाजपा ने इन्हें खारिज किया है। उन्होंने यह भी कहा कि संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग हो रहा है, जो कथित तौर पर इस आंदोलन की प्रमुख पृष्ठभूमि है।

मुख्य चुनाव आयुक्त पर माँग

विधायक संदीप साहू ने कहा कि AICC का स्पष्ट निर्देश है कि सभी नेता और कार्यकर्ता इस रैली में पहुँचें। उन्होंने बताया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल लगातार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग कर रहे हैं।

संदीप साहू ने यह भी आरोप लगाया कि मीडिया में हुए कथित खुलासों की अवहेलना करके भाजपा मुख्य चुनाव आयुक्त का बचाव कर रही है, जिसे उन्होंने 'दुर्भाग्यजनक' बताया। ये आरोप कांग्रेस के पक्ष से हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

भाजपा पर तीखे हमले

नेता प्रतिपक्ष महंत ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा, 'भाजपा वाले हमेशा बहाना ढूंढते रहते हैं, किसी न किसी तरीके से बचने का रास्ता खोजते हैं। लेकिन अब उनके बचने के दिन खत्म हो गए हैं।' सांसद नेताम ने भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ यात्रा' पर कहा कि जिस तरह से 'लोकतंत्र की हत्या हो रही है', उसके बाद इस तरह की यात्रा निकालने पर 'शर्म आनी चाहिए।' ये सभी कथन संबंधित नेताओं के अपने आरोप हैं।

आगे की दिशा

1 नवंबर 2026 की इस रैली को राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष की एकजुटता की परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी INDIA गठबंधन अपनी एकता बनाए रखने की कोशिश में जुटा है। रैली के बाद कांग्रेस की अगली रणनीति पर पार्टी स्तर पर चर्चा होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

देश बचाओ' रैली कांग्रेस की उस बड़ी रणनीति का हिस्सा है जो चुनाव आयोग की विश्वसनीयता को केंद्रीय राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है — एक दाँव जो मतदाताओं में संस्थागत अविश्वास गहरा कर सकता है। विडंबना यह है कि भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ यात्रा' भी इसी समयरेखा पर है, जो दर्शाता है कि दोनों दल एक ही नैरेटिव के लिए होड़ में हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग संवैधानिक संस्थाओं के राजनीतिकरण की बहस को और तेज़ करती है, जबकि इन आरोपों का कोई स्वतंत्र सत्यापन अब तक सामने नहीं आया है। असली सवाल यह है कि रामलीला मैदान की भीड़ विपक्षी INDIA गठबंधन की घटती एकता के बीच कितना राजनीतिक वज़न रखती है।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली क्या है और कब होगी?
यह अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) द्वारा आयोजित एक राष्ट्रीय विपक्षी रैली है, जो 1 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में होनी है। इसमें महागठबंधन के नेता और देशभर के कार्यकर्ता शामिल होंगे।
छत्तीसगढ़ से कौन-कौन से नेता इस रैली में जा रहे हैं?
राज्यसभा सांसद फूलो देवी नेताम, नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत, पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू और विधायक संदीप साहू समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता 30 अक्टूबर और 31 अक्टूबर को दिल्ली रवाना हो रहे हैं।
कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग क्यों की है?
कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार निष्पक्ष नहीं हैं और मीडिया में हुए कथित खुलासों के बाद उन्हें पद छोड़ना चाहिए। ये आरोप कांग्रेस के दृष्टिकोण से हैं; भाजपा ने इन्हें खारिज किया है।
भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ यात्रा' क्या है और कांग्रेस ने इस पर क्या कहा?
भाजपा ने भी इसी दौरान 'लोकतंत्र बचाओ यात्रा' की घोषणा की है। कांग्रेस नेताओं ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि जो पार्टी खुद 'लोकतंत्र की हत्या' कर रही है, उसे ऐसी यात्रा निकालने पर शर्म आनी चाहिए — हालाँकि ये कांग्रेस के राजनीतिक आरोप हैं।
इस रैली का व्यापक राजनीतिक महत्व क्या है?
यह रैली विपक्षी INDIA गठबंधन की एकता और ताकत की एक बड़ी परीक्षा मानी जा रही है। कांग्रेस वोट चोरी और संस्थागत पारदर्शिता के मुद्दे को आगामी चुनावी राजनीति में केंद्रीय बनाने की कोशिश कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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