गो फैशन का Q2 मुनाफा 59% गिरकर ₹9 करोड़; राजस्व भी ₹217.6 करोड़ पर आया
सारांश
मुख्य बातें
गो फैशन (इंडिया) लिमिटेड — महिलाओं के बॉटमवियर ब्रांड गो कलर्स की संचालक कंपनी — ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (Q2 FY27) में कमज़ोर वित्तीय नतीजे दर्ज किए हैं। स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, कंपनी का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 59 प्रतिशत की तीखी गिरावट के साथ ₹9 करोड़ रह गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में ₹22 करोड़ था। इसी के साथ परिचालन राजस्व भी 3 प्रतिशत घटकर ₹217.6 करोड़ पर आ गया।
वित्तीय प्रदर्शन का पूरा ब्यौरा
कंपनी के परिचालन मुनाफे पर भी दबाव स्पष्ट रूप से दिखा। EBITDA (ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की आय) 21 प्रतिशत घटकर ₹53 करोड़ रह गया, जो एक वर्ष पहले की इसी तिमाही में ₹66.8 करोड़ था। EBITDA मार्जिन भी 29.8 प्रतिशत से सिकुड़कर 24.2 प्रतिशत पर आ गया — यानी मुनाफे पर दोहरा असर पड़ा।
गौरतलब है कि यह कंपनी के लिए लगातार दबाव वाली तिमाही रही, जबकि भारतीय रिटेल सेक्टर में त्योहारी मांग को लेकर आम तौर पर दूसरी तिमाही में उत्साह रहता है।
सीईओ का स्पष्टीकरण: त्योहारी कैलेंडर का असर
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) गौतम सरावगी ने कमज़ोर नतीजों के लिए त्योहारी सीजन के कैलेंडर में बदलाव को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, 'वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही और पहली छमाही में हमने अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं पर काम जारी रखा, लेकिन प्रमुख त्योहारों के तीसरी तिमाही में शिफ्ट होने के कारण कारोबार का प्रभाव पड़ा। आमतौर पर त्योहारी मांग से पहले हमारे बड़े फॉर्मेट स्टोर (LFS) भागीदारों को होने वाली सप्लाई इस बार अक्टूबर में स्थानांतरित हो गई।'
सरावगी ने यह भी कहा कि त्योहारी सीजन की शुरुआत अच्छी रही है और पूरे सीजन के समाप्त होने के बाद इसके वास्तविक प्रभाव का बेहतर आकलन किया जा सकेगा। इसका अर्थ है कि Q3 FY27 के नतीजे अधिक मज़बूत आने की उम्मीद है।
स्टोर विस्तार: छोटे बंद, बड़े खुले
30 सितंबर 2026 तक कंपनी का कुल रिटेल क्षेत्रफल बढ़कर 4.48 लाख वर्ग फुट हो गया, जो मार्च 2026 के अंत में 4.34 लाख वर्ग फुट था। दूसरी तिमाही में कंपनी ने 9 नए स्टोर खोले, जबकि 23 छोटे स्टोर बंद किए। यह रणनीतिक पुनर्संरचना बड़े फॉर्मेट स्टोर को प्राथमिकता देने की नीति को दर्शाती है।
कंपनी का कहना है कि बड़े स्टोर छोटे आउटलेट्स की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं, क्योंकि इनसे उत्पादों की व्यापक शृंखला प्रदर्शित करने और ग्राहकों को बेहतर खरीदारी अनुभव देने में मदद मिलती है।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय फैशन रिटेल सेक्टर में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है और उपभोक्ता खर्च में सतर्कता देखी जा रही है। गो फैशन के लिए तीसरी तिमाही (Q3 FY27) अहम परीक्षा होगी — त्योहारी मांग यदि अनुमान के अनुसार Q3 में आती है, तो साल भर के नतीजों पर इसका बड़ा प्रभाव पड़ेगा।