गोदरेज प्रॉपर्टीज Q1 FY27: मुनाफा 46% घटकर ₹350 करोड़, राजस्व में 85% की तिमाही गिरावट
सारांश
मुख्य बातें
गोदरेज प्रॉपर्टीज ने 4 अगस्त 2026 को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) के नतीजे जारी किए, जिनमें मुनाफे और परिचालन राजस्व दोनों में तिमाही आधार पर तीव्र गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, बिक्री बुकिंग्स के मोर्चे पर कंपनी ने सालाना आधार पर 22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज कर मजबूत मांग का संकेत दिया।
मुनाफे और राजस्व में गिरावट का विवरण
जून तिमाही में कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ (पीएटी) तिमाही-दर-तिमाही 46 प्रतिशत घटकर ₹350 करोड़ रह गया, जो मार्च तिमाही में ₹650 करोड़ था। सालाना आधार पर भी मुनाफे में 41.7 प्रतिशत की गिरावट आई — एक वर्ष पूर्व इसी तिमाही में यह आँकड़ा ₹600 करोड़ था।
परिचालन राजस्व में गिरावट और भी तीखी रही। जून तिमाही में राजस्व घटकर ₹506 करोड़ रह गया, जबकि मार्च तिमाही में यह ₹3,458 करोड़ था — यानी तिमाही आधार पर 85 प्रतिशत की गिरावट। गौरतलब है कि सालाना आधार पर राजस्व में 16.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, क्योंकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह ₹435 करोड़ था।
परिचालन स्तर पर दबाव
ईबीआईटीडीए (EBITDA) के मोर्चे पर भी कंपनी का प्रदर्शन कमज़ोर रहा। अप्रैल-जून तिमाही में गोदरेज प्रॉपर्टीज ने ₹285 करोड़ का ईबीआईटीडीए घाटा दर्ज किया, जबकि एक वर्ष पूर्व इसी अवधि में यह घाटा ₹243 करोड़ था। कंपनी की अन्य आय भी घटकर ₹839 करोड़ रह गई, जो एक साल पहले ₹1,186 करोड़ थी।
यह ऐसे समय में आया है जब रियल एस्टेट क्षेत्र में मांग मजबूत बनी हुई है, लेकिन परियोजनाओं की डिलीवरी और राजस्व मान्यता (revenue recognition) की समयसीमा तिमाही परिणामों में उतार-चढ़ाव पैदा करती है — जो इस क्षेत्र की एक विशिष्ट लेखांकन विशेषता है।
बुकिंग्स में मजबूत प्रदर्शन
वित्तीय नतीजों की कमज़ोरी के बावजूद, बिक्री और मांग के मोर्चे पर कंपनी की स्थिति उत्साहजनक रही। जून तिमाही में कुल बुकिंग वैल्यू ₹8,651 करोड़ रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 22 प्रतिशत अधिक है। यह लगातार छठी तिमाही है जब कंपनी की बुकिंग्स ₹7,000 करोड़ से ऊपर रही हैं।
तिमाही के दौरान कंपनी ने 3,738 आवासीय इकाइयाँ बेचीं, जिनका कुल बिक्री योग्य क्षेत्रफल 62 लाख वर्ग फुट रहा। भौगोलिक दृष्टि से बेंगलुरु सबसे बड़े बाज़ार के रूप में उभरा, जहाँ से कुल बुकिंग्स का 44 प्रतिशत योगदान मिला। इसके बाद मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) का 21 प्रतिशत, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) का 18 प्रतिशत, पुणे का 11 प्रतिशत और हैदराबाद का 5 प्रतिशत योगदान रहा।
विलय को मंजूरी और कॉर्पोरेट पुनर्गठन
तिमाही नतीजों के साथ कंपनी के निदेशक मंडल ने गोदरेज हाउसिंग प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के गोदरेज प्रॉपर्टीज लिमिटेड में विलय को भी मंजूरी दे दी। कंपनी के अनुसार, इस विलय से कारोबारी ढाँचे को सरल और अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी।
शेयर बाज़ार पर असर
कमज़ोर वित्तीय नतीजों की प्रतिक्रिया में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर गोदरेज प्रॉपर्टीज का शेयर करीब 4 प्रतिशत गिरकर ₹1,992.80 के इंट्राडे निचले स्तर तक पहुँच गया। कंपनी का शेयर पिछले 52 हफ्तों में ₹2,351.60 के उच्चतम और ₹1,434 के न्यूनतम स्तर को छू चुका है। आगे चलकर निवेशकों की नज़र कंपनी की परियोजना डिलीवरी की गति और राजस्व मान्यता के सामान्यीकरण पर रहेगी।