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इंडिगो को Q4 में ₹2,537 करोड़ का घाटा, पिछले साल इसी तिमाही में था ₹3,067 करोड़ का मुनाफा

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इंडिगो को Q4 में ₹2,537 करोड़ का घाटा, पिछले साल इसी तिमाही में था ₹3,067 करोड़ का मुनाफा

सारांश

इंडिगो ने Q4 FY26 में ₹2,537 करोड़ का घाटा दर्ज किया — पिछले साल की इसी तिमाही में ₹3,067.5 करोड़ का मुनाफा था। EBITDA मार्जिन 27.5% से गिरकर 3.6% पर आ गया। मध्य पूर्व संघर्ष, वन-टाइम चार्ज और कमजोर यात्री संख्या ने मिलकर भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन को चुनौती में डाल दिया।

मुख्य बातें

इंटरग्लोब एविएशन को Q4 FY26 में ₹2,537 करोड़ का कंसोलिडेटेड शुद्ध घाटा हुआ, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में ₹3,067.5 करोड़ का मुनाफा था।
परिचालन आय 1% बढ़कर ₹22,438 करोड़ रही; लाभप्रदता पर ₹250 करोड़ के वन-टाइम चार्ज का भी असर।
EBITDA मार्जिन 27.5% से घटकर 3.6% पर आया; EBITDAR मार्जिन 26.9% से बढ़कर 28.5% हुआ।
यात्री संख्या सालाना आधार पर 1.1% घटकर 3.16 करोड़ रही; क्षमता 3.4% बढ़कर 43.6 बिलियन ASK पहुँची।
BSE पर शेयर 3.27% गिरकर ₹4,418.40 पर बंद हुए।

इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो की पैरेंट कंपनी) ने 29 मई 2026 को वित्त वर्ष 2025-26 की मार्च तिमाही (Q4) के नतीजे जारी किए, जिनमें ₹2,537 करोड़ का कंसोलिडेटेड शुद्ध घाटा दर्ज किया गया। यह आँकड़ा पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही के ₹3,067.5 करोड़ के शुद्ध लाभ के मुकाबले बड़ा उलटफेर है। कंपनी ने इस गिरावट के लिए वित्त वर्ष 2026 के दौरान बने बेहद चुनौतीपूर्ण कारोबारी माहौल को जिम्मेदार ठहराया है।

वित्तीय प्रदर्शन की मुख्य बातें

एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, तिमाही के दौरान एयरलाइन की परिचालन आय में सालाना आधार पर मात्र 1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह ₹22,438 करोड़ रही, जो एक साल पहले ₹22,152 करोड़ थी। इसके अतिरिक्त, कंपनी की लाभप्रदता पर ₹250 करोड़ के वन-टाइम चार्ज का भी असर पड़ा।

एयरलाइन का EBITDA तिमाही के दौरान ₹6,396 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में ₹5,953 करोड़ था — यानी EBITDA में सुधार हुआ। हालाँकि, EBITDA मार्जिन तेजी से घटकर 3.6 प्रतिशत रह गया, जो एक साल पहले 27.5 प्रतिशत था। वहीं EBITDAR मार्जिन बढ़कर 28.5 प्रतिशत हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 26.9 प्रतिशत था।

परिचालन स्तर पर स्थिति

ऑपरेशनल मोर्चे पर, मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के कारण आई बाधाओं के बावजूद इंडिगो की क्षमता में 3.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 43.6 बिलियन उपलब्ध सीट किलोमीटर (ASK) तक पहुँच गई। यह संकेत देता है कि एयरलाइन ने विस्तार की राह नहीं छोड़ी, भले ही बाहरी दबाव बने रहे।

दूसरी ओर, तिमाही के दौरान यात्री संख्या में सालाना आधार पर 1.1 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 3.16 करोड़ रही। यह गिरावट उस दौर में आई है जब भारतीय विमानन बाज़ार में माँग आमतौर पर मज़बूत मानी जाती रही है।

सीईओ की प्रतिक्रिया

इंटरग्लोब एविएशन के सीईओ राहुल भाटिया ने नतीजों पर टिप्पणी करते हुए कहा, 'वित्त वर्ष 2026 बेहद चुनौतीपूर्ण ऑपरेटिंग माहौल वाला साल रहा, जिसका हमारी मुनाफाखोरी पर बड़ा असर पड़ा।' उन्होंने यह भी जोड़ा, 'इन परिस्थितियों के बावजूद कंपनी के मुख्य कारोबार का प्रदर्शन मजबूत रहा। साल के दौरान हमारी क्षमता में 9.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और कुल आय में 6 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई।'

शेयर बाज़ार पर असर

नतीजों की घोषणा के दिन बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर इंटरग्लोब एविएशन के शेयर 3.27 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹4,418.40 प्रति शेयर पर बंद हुए। यह प्रतिक्रिया बताती है कि बाज़ार ने घाटे की खबर को गंभीरता से लिया। गौरतलब है कि भारतीय विमानन क्षेत्र में इंडिगो की बाज़ार हिस्सेदारी सबसे अधिक है, ऐसे में यह नतीजे पूरे सेक्टर के लिए एक संकेत माने जा सकते हैं।

आने वाली तिमाहियों में कंपनी का प्रदर्शन मध्य पूर्व संघर्ष की स्थिति, ईंधन की कीमतों और यात्री माँग की रफ्तार पर काफी हद तक निर्भर करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

भू-राजनीतिक व्यवधान और क्षमता विस्तार की होड़। EBITDA मार्जिन का 27.5% से 3.6% तक का पतन सिर्फ वन-टाइम चार्ज से नहीं समझाया जा सकता। असली सवाल यह है कि जब इंडिगो की बाज़ार हिस्सेदारी सबसे ऊँची है, तब भी मुनाफा इतना नाजुक क्यों है — और क्या विस्तार की रणनीति लाभप्रदता की कीमत पर आ रही है।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडिगो को Q4 FY26 में कितना घाटा हुआ?
इंटरग्लोब एविएशन को वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (मार्च तिमाही) में ₹2,537 करोड़ का कंसोलिडेटेड शुद्ध घाटा हुआ। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी को ₹3,067.5 करोड़ का शुद्ध लाभ हुआ था।
इंडिगो के घाटे की मुख्य वजहें क्या रहीं?
कंपनी ने कमजोर प्रदर्शन के लिए वित्त वर्ष 2026 के दौरान बेहद चुनौतीपूर्ण कारोबारी माहौल को जिम्मेदार ठहराया। इसमें मध्य पूर्व संघर्ष से आई परिचालन बाधाएँ, ₹250 करोड़ का वन-टाइम चार्ज और यात्री संख्या में 1.1% की गिरावट शामिल हैं।
इंडिगो का EBITDA मार्जिन Q4 FY26 में कितना रहा?
तिमाही के दौरान इंडिगो का EBITDA मार्जिन घटकर 3.6% रह गया, जो एक साल पहले 27.5% था। हालाँकि EBITDAR मार्जिन बढ़कर 28.5% हो गया, जो पिछले वर्ष 26.9% था।
नतीजों के बाद इंडिगो के शेयर पर क्या असर पड़ा?
29 मई 2026 को BSE पर इंटरग्लोब एविएशन के शेयर 3.27% की गिरावट के साथ ₹4,418.40 प्रति शेयर पर बंद हुए। बाज़ार ने घाटे की खबर को नकारात्मक रूप से लिया।
क्या इंडिगो का मुख्य कारोबार मजबूत रहा?
सीईओ राहुल भाटिया के अनुसार, घाटे के बावजूद कंपनी का मुख्य कारोबार मजबूत रहा। वित्त वर्ष 2026 में क्षमता में 9.5% और कुल आय में 6% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई।
राष्ट्र प्रेस
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