आईनॉक्स विंड का शेयर 10% टूटा, Q4 मुनाफा 45% घटकर ₹105.68 करोड़ पर
सारांश
मुख्य बातें
आईनॉक्स विंड के शेयर 2 जून 2026 को सोमवार के कारोबार में 10.04 प्रतिशत की तेज गिरावट के साथ ₹83.61 प्रति शेयर पर आ गए, जब कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) के लिए कमज़ोर वित्तीय नतीजे पेश किए। कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा साल-दर-साल 45 प्रतिशत घटकर ₹105.68 करोड़ रह गया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में ₹190.34 करोड़ था।
तिमाही नतीजों की मुख्य बातें
कंपनी की परिचालन से कुल आय Q4 FY26 में ₹1,305.50 करोड़ रही, जो पिछले वर्ष की इसी तिमाही के ₹1,310.65 करोड़ से मामूली कम है। हालाँकि, कुल परिचालन व्यय ₹1,103.01 करोड़ से बढ़कर ₹1,161.59 करोड़ हो गया, जिसने मार्जिन पर सीधा दबाव डाला।
मुनाफे में गिरावट का प्रमुख कारण तिमाही के दौरान परिचालन व्यय में आई तीव्र वृद्धि रही। कंपनी ने स्वयं स्वीकार किया कि क्रियान्वयन संबंधी चुनौतियाँ, भू-राजनीतिक व्यवधानों के चलते उपकरण व घटकों की आपूर्ति में बाधा, रसद संबंधी अड़चनें और ग्राहकों द्वारा भुगतान में देरी ने कार्यशील पूंजी की ज़रूरत को ऊँचा बनाए रखा।
ब्रोकरेज का आकलन
नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के अनुसार, आईनॉक्स विंड का Q4 FY26 प्रदर्शन उम्मीदों से काफी नीचे रहा। ब्रोकरेज के अनुमान में आय ₹2,150 करोड़ रहने की उम्मीद थी, जबकि वास्तविक आय केवल ₹1,240 करोड़ रही।
इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) लागत में साल-दर-साल 95 प्रतिशत की वृद्धि के कारण परिचालन लाभ मार्जिन (EBITDA मार्जिन) एक वर्ष पहले के 19.9 प्रतिशत से घटकर 16 प्रतिशत रह गया। इससे EBITDA अनुमानों से करीब 45 प्रतिशत कम रहा।
ऑर्डर बुक की स्थिति
तिमाही प्रदर्शन में कमज़ोरी के बावजूद, आईनॉक्स विंड ने बताया कि 31 मार्च 2026 तक उसकी ऑर्डर बुक 3.1 गीगावॉट पर मज़बूत बनी हुई है। कंपनी के अनुसार, यह बैकलॉग दो वर्ष से अधिक की आय की दृश्यता सुनिश्चित करता है और दीर्घकालिक व्यावसायिक स्थिरता का संकेत देता है।
भविष्य के अनुमान और जोखिम
नुवामा ने ज़मीनी स्तर की क्रियान्वयन चुनौतियों को देखते हुए अपने पूर्वानुमान घटाए हैं। ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2027 के लिए कार्यान्वयन अनुमान 1.6 गीगावॉट से घटाकर 1.4 गीगावॉट और वित्त वर्ष 2028 के लिए 2 गीगावॉट से घटाकर 1.75 गीगावॉट कर दिया है।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता विस्तार की रफ़्तार पर निवेशकों की नज़र बनी हुई है। आपूर्ति श्रृंखला में सुधार और भू-राजनीतिक दबाव में कमी आने की स्थिति में आगामी तिमाहियों में कंपनी के प्रदर्शन में सुधार की संभावना बनी रहेगी।