सॉफ्टबैंक का शेयर 13% टूटा, ओपनएआई आईपीओ में देरी की रिपोर्ट्स से निवेशकों में घबराहट
सारांश
मुख्य बातें
टोक्यो स्टॉक एक्सचेंज (TSE) पर सूचीबद्ध सॉफ्टबैंक ग्रुप के शेयरों में 26 जून को इंट्राडे कारोबार में 13 प्रतिशत की तीखी गिरावट दर्ज की गई — जो बीते तीन महीनों में कंपनी की सबसे बड़ी एकल-दिवसीय इंट्राडे गिरावट बताई जा रही है। इस बिकवाली की वजह उन रिपोर्ट्स को माना जा रहा है जिनमें कहा गया कि ओपनएआई का बहुप्रतीक्षित इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) अगले साल तक टल सकता है।
गिरावट की मुख्य वजह
रिपोर्ट्स के अनुसार, ओपनएआई के सलाहकारों ने आगाह किया है कि टेक्नोलॉजी शेयरों में जारी उतार-चढ़ाव से पब्लिक ऑफरिंग में संस्थागत निवेशकों की दिलचस्पी कम हो सकती है। इस चेतावनी के मद्देनज़र आईपीओ की समयसीमा अनिश्चित हो गई है और बाज़ार में सॉफ्टबैंक के शेयरों पर तत्काल दबाव बन गया।
गौरतलब है कि हाल के महीनों में ओपनएआई की जल्द लिस्टिंग की उम्मीदों ने ही सॉफ्टबैंक के शेयरों को ऊँचाई पर पहुँचाया था — यहाँ तक कि कंपनी का बाज़ार पूंजीकरण टोयोटा मोटर से भी अधिक हो गया था। अब उसी उम्मीद के कमज़ोर पड़ने से शेयरों में तेज़ पलटाव देखा गया।
सॉफ्टबैंक का ओपनएआई में दाँव
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अक्टूबर तक सॉफ्टबैंक का चैटजीपीटी निर्माता ओपनएआई में कुल निवेश लगभग $65 अरब डॉलर तक पहुँच जाएगा। ओपनएआई की पब्लिक लिस्टिंग को सॉफ्टबैंक के लिए एक अहम 'वैल्यू अनलॉकिंग' घटना माना जा रहा है — इससे उसके सबसे बड़े निवेशों में से एक की पारदर्शी बाज़ार-वैल्यूएशन सामने आती और समूह के विशाल प्राइवेट टेक्नोलॉजी पोर्टफोलियो का मूल्यांकन निवेशकों के लिए आसान हो जाता।
ओपनएआई की आईपीओ तैयारी
सीईओ सैम ऑल्टमैन की अगुवाई वाली ओपनएआई ने हाल ही में संभावित लिस्टिंग के लिए अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) के पास गोपनीय दस्तावेज़ दाखिल किए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी इस प्रक्रिया के लिए गोल्डमैन सैक्स और मॉर्गन स्टेनली के साथ मिलकर काम कर रही है, हालाँकि लिस्टिंग की सटीक समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं है।
बाज़ार विशेषज्ञों की राय
बाज़ार के जानकारों का कहना है कि ओपनएआई जैसे बड़े प्राइवेट निवेश की पब्लिक लिस्टिंग से सॉफ्टबैंक के शेयरों पर आमतौर पर दिखने वाला 'होल्डिंग-कंपनी डिस्काउंट' कम हो सकता था। देरी की खबरों ने इस उम्मीद पर पानी फेरा है और अनिश्चितता को फिर से हवा दी है।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक टेक्नोलॉजी शेयर पहले से दबाव में हैं और निवेशक बड़े आईपीओ को लेकर सतर्क रुख अपना रहे हैं। ओपनएआई की लिस्टिंग की दिशा और समयसीमा पर आने वाले हफ्तों में स्पष्टता मिलने की उम्मीद है, जो सॉफ्टबैंक के शेयरों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।