आईपीओ लॉक-इन अवधि के समाप्त होने के बाद फ्रैक्टल एनालिटिक्स और ऐ फाइनेंस के शेयरों में 7.4%25 तक की गिरावट

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आईपीओ लॉक-इन अवधि के समाप्त होने के बाद फ्रैक्टल एनालिटिक्स और ऐ फाइनेंस के शेयरों में 7.4%25 तक की गिरावट

सारांश

शेयर बाजार में चार कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई है। आईपीओ की लॉक-इन अवधि समाप्त होने के कारण निवेशकों को नुकसान हुआ है। क्या ये कंपनियां फिर से उभरेंगी?

Key Takeaways

  • फ्रैक्टल एनालिटिक्स के शेयरों में 4.35%25 की गिरावट आई।
  • ऐ फाइनेंस के शेयरों में 7.42%25 की गिरावट दर्ज की गई।
  • निवेशकों को 24.29%25 का नकारात्मक रिटर्न मिला।
  • लॉक-इन अवधि समाप्त होने से निवेशकों को नुकसान हुआ।
  • आने वाले महीनों में शेयर बाजार में 72 अरब डॉलर के शेयर ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो सकते हैं।

मुंबई, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। हाल ही में शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुई चार कंपनियों के शेयरों में आज गिरावट देखने को मिली, क्योंकि इनके आईपीओ की लॉक-इन अवधि समाप्त होने के बाद बड़ी संख्या में शेयर अब ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो गए।

फ्रैक्टल एनालिटिक्स के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई। कंपनी के शेयर लगभग 4.35 प्रतिशत तक गिर गए, क्योंकि करीब 0.69 करोड़ शेयर, जो कंपनी की कुल इक्विटी का लगभग 4 प्रतिशत हैं, अब ट्रेडिंग के लिए खुल गए।

दोपहर 1:50 बजे के आसपास कंपनी के शेयर 3.98 प्रतिशत की गिरावट के साथ 764.35 रुपए पर कारोबार करते दिखाई दिए। यह शेयर अब भी अपने आईपीओ प्राइस 900 रुपए से लगभग 12 प्रतिशत नीचे हैं।

इसी तरह, ऐ फाइनेंस के शेयरों में भी भारी बिकवाली का सामना करना पड़ा, और कंपनी के शेयर 7.42 प्रतिशत तक गिर गए, क्योंकि इसकी एक महीने की लॉक-इन अवधि समाप्त हो गई।

पिछले पांच दिनों में कंपनी के शेयरों में 14.64 प्रतिशत की गिरावट आई है, जबकि एक महीने में निवेशकों को लगभग 24.29 प्रतिशत का नकारात्मक रिटर्न मिला है। लॉक-इन समाप्त होने के बाद करीब 1.76 करोड़ शेयर, जो कंपनी की लगभग 7 प्रतिशत इक्विटी के बराबर हैं, अब बाजार में ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हैं।

इसके अलावा, पार्क मेडी वर्ल्ड के शेयरों में भी गिरावट आई। सोमवार को कंपनी के शेयर लगभग 3.2 प्रतिशत गिर गए, क्योंकि लगभग 0.85 करोड़ शेयर, यानी कंपनी की लगभग 2 प्रतिशत इक्विटी, लॉक-इन से बाहर आ गई।

नेफ्रोकेयर हेल्थ सर्विसेज के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई। कंपनी के शेयर लगभग 2.8 प्रतिशत गिर गए, क्योंकि करीब 0.28 करोड़ शेयर, जो कंपनी की लगभग 3 प्रतिशत इक्विटी हैं, 16 मार्च से ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो गए।

इस बीच, नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट की एक रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में आईपीओ लाने वाली 88 कंपनियों के प्री-लिस्टिंग निवेशकों की लॉक-इन अवधि 11 मार्च से 29 जून 2026 के बीच समाप्त होने वाली है।

इससे आने वाले महीनों में लगभग 72 अरब डॉलर (लगभग 6.6 लाख करोड़ रुपए) के शेयर बाजार में ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो सकते हैं, जिससे बाजार की धारणा और शेयरों की चाल पर असर पड़ सकता है।

Point of View

NationPress
19/03/2026

Frequently Asked Questions

आईपीओ लॉक-इन अवधि क्या होती है?
आईपीओ लॉक-इन अवधि वह समय है जब निवेशक अपनी हिस्सेदारी को बेच नहीं सकते। यह अवधि समाप्त होने पर निवेशक शेयरों को ट्रेडिंग के लिए खोल सकते हैं।
क्या यह गिरावट लंबे समय तक रहेगी?
यह गिरावट बाजार की धारणा और कंपनियों के प्रदर्शन पर निर्भर करती है। निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए।
कौन-सी कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई है?
फ्रैक्टल एनालिटिक्स, ऐ फाइनेंस, पार्क मेडी वर्ल्ड और नेफ्रोकेयर हेल्थ सर्विसेज के शेयरों में गिरावट देखी गई है।
क्या लॉक-इन अवधि समाप्त होने से शेयरों का मूल्य बढ़ सकता है?
लॉक-इन अवधि समाप्त होने के बाद शेयरों की अधिक मात्रा बाजार में आती है, जिससे मूल्य में स्थिरता या गिरावट आ सकती है।
क्या निवेशकों को अब शेयर खरीदने चाहिए?
निवेशकों को बाजार की स्थिति और कंपनियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के बाद ही निर्णय लेना चाहिए।
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