प्रियंका चोपड़ा जोनस की शॉर्ट फिल्म 'वी वर हियर' ऑस्कर रेस में क्वालिफाई, AI पर मॉक्यूमेंट्री को मिली बड़ी सफलता
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री और कार्यकारी निर्माता प्रियंका चोपड़ा जोनस की भारतीय शॉर्ट फिल्म 'वी वर हियर' ऑस्कर की दौड़ में शामिल होने के लिए योग्य हो गई है। 30 अक्टूबर 2026 को यह खबर सामने आई कि पाम स्प्रिंग्स इंटरनेशनल शॉर्टफेस्ट में पुरस्कार जीतने के बाद यह फिल्म अकादमी पुरस्कार की रेस में शामिल हो गई है। यह किसी भारतीय शॉर्ट फिल्म के लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।
फिल्म की कहानी और विषयवस्तु
'वी वर हियर' एक मॉक्यूमेंट्री फॉर्मेट में बनी शॉर्ट फिल्म है, जो भारत के एक छोटे शहर के तीन बुजुर्गों की कहानी है। ये तीनों एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के बढ़ते प्रभाव का विरोध करने के लिए घरेलू उपकरणों का रूप धारण कर लेते हैं। फिल्म आज के दौर की एक अत्यंत प्रासंगिक समस्या — तकनीक और मानवीय अस्तित्व के बीच टकराव — को हास्य और संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करती है।
फिल्म के राइटर-डायरेक्टर प्रणव भसीन ने कहा, 'वी वर हियर' एक छोटे और मजेदार आइडिया के तौर पर शुरू हुई थी। तीन अंकल जो एआई को रोकना चाहते हैं, लेकिन धीरे-धीरे मुझे उनसे, उनकी दोस्ती और उनके जिद्दी हौसले से प्यार हो गया।
पुरस्कार और ऑस्कर योग्यता
पाम स्प्रिंग्स इंटरनेशनल शॉर्टफेस्ट में फिल्म ने 'बेस्ट लाइव-एक्शन शॉर्ट फिल्म' और 'बेस्ट कॉमेडी शॉर्ट' — दो प्रमुख पुरस्कार जीते। यह उपलब्धि फिल्म की ऑस्कर रेस में प्रवेश की पात्रता का आधार बनी। गौरतलब है कि पाम स्प्रिंग्स शॉर्टफेस्ट विश्व के सबसे बड़े शॉर्ट फिल्म महोत्सवों में से एक है और इसकी मान्यता अकादमी पुरस्कार की चयन प्रक्रिया में अहम मानी जाती है।
इसके अलावा फिल्म को कई अन्य बड़े शॉर्ट फिल्म फेस्टिवलों में भी पुरस्कार मिल चुके हैं, जिससे इसकी अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता स्पष्ट होती है।
प्रियंका चोपड़ा जोनस की प्रतिक्रिया
कार्यकारी निर्माता के रूप में इस प्रोजेक्ट से जुड़ीं प्रियंका चोपड़ा जोनस ने इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए कहा, 'यह फिल्म एक ऐसे विषय पर मजेदार अंदाज में बात करती है, जो आज के समय में बहुत जरूरी है। मैं इस क्रिएटिव टीम को सपोर्ट करने के लिए एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर के तौर पर तुरंत तैयार हो गई, ताकि उनकी कहानी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे।'
यह ऐसे समय में आया है जब प्रियंका चोपड़ा जोनस हॉलीवुड और भारतीय सिनेमा दोनों में एक साथ सक्रिय हैं, और इस प्रोजेक्ट के माध्यम से उन्होंने नई पीढ़ी के भारतीय फिल्मकारों को मंच देने की अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है।
निर्देशक प्रणव भसीन का नजरिया
प्रणव भसीन ने कहा, 'भारत में हकीकत अक्सर कहानी से भी ज्यादा अजीब होती है और मॉक्यूमेंट्री फॉर्मेट की वजह से मैं फिल्म को असली लोगों और असली जगहों से जोड़े रख पाया, साथ ही यह भी दिखा पाया कि चीजें कितनी बेतुकी हो सकती हैं।' उन्होंने स्वीकार किया कि ऑस्कर रेस के लिए क्वालिफाई होना उनके लिए अप्रत्याशित था।
भसीन ने एंड्रयू स्कॉट और प्रियंका चोपड़ा जोनस जैसे अनुभवी कलाकारों व निर्माताओं के साथ काम करने को अपने करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा, 'एक यंग फिल्ममेकर के तौर पर, मेरे लिए यह बहुत बड़ी बात है।'
आगे की राह
अब जब फिल्म ऑस्कर की दौड़ में शामिल हो गई है, तो पूरी टीम इसे अधिकतम दर्शकों तक पहुँचाने के प्रयास में जुट गई है। यह फिल्म भारतीय शॉर्ट सिनेमा के लिए एक नई संभावना का संकेत देती है — जहाँ वैश्विक मंचों पर देसी कहानियाँ अपनी जगह बना रही हैं।