प्रियंका चोपड़ा जोनस ने 'ऑब्सेशन' की सराहना की, बोलीं — हॉलीवुड में अवसरों की बाधाएँ अब टूट रही हैं
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा जोनस ने बुधवार, 24 जून 2026 को कान्स लायंस सम्मेलन में निर्माता बनने की अपनी महत्वाकांक्षा और हॉलीवुड में बदलते परिदृश्य पर खुलकर विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि आज रचनात्मक प्रतिभाओं के लिए मनोरंजन उद्योग के दरवाज़े पहले की तुलना में कहीं अधिक सुलभ हो गए हैं।
ऑब्सेशन का उदाहरण — विचार ही असली पूंजी
प्रियंका ने कम बजट में बनी सफल हॉरर फिल्म 'ऑब्सेशन' का हवाला देते हुए कहा, 'अगर आपके पास कोई अच्छा विचार है तो आप उसे शूट कर सकते हैं, यूट्यूब पर डाल सकते हैं और वह 'ऑब्सेशन' जैसी फिल्म बन सकती है, जो हाल ही में रिलीज हुई है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि मनोरंजन उद्योग से जुड़े लोगों के लिए यह 'बेहद शानदार समय' है, क्योंकि 'आज के दौर में विचार ही आपकी सबसे बड़ी पूंजी हैं।'
करियर की शुरुआत — चुनौतियों से भरा सफर
प्रियंका ने अपने शुरुआती संघर्षों को याद करते हुए बताया कि उनके माता-पिता डॉक्टर थे और फिल्म उद्योग से उनका कोई सीधा संबंध नहीं था। उन्होंने कहा, 'जब मैंने शुरुआत की थी, तब यह बहुत सीमित और खास लोगों तक पहुँच वाला क्षेत्र था। अगर आपको फिल्म निर्माण में आना होता था तो पहले यह तय करना पड़ता था कि आप किस विभाग में काम करना चाहते हैं।'
गौरतलब है कि पिछले एक दशक से हॉलीवुड में अपना करियर बना रहीं प्रियंका ने यह भी बताया कि शुरुआत में उन्हें कहा जाता था कि भारतीय सिनेमा कभी हॉलीवुड जितना वैश्विक नहीं बन पाएगा, क्योंकि भारतीय फिल्में अंग्रेज़ी में नहीं बनतीं। उन्होंने कहा, 'मुझे बताया जाता था कि हमारी फिल्में हिंदी, तेलुगु, मराठी या अन्य भारतीय भाषाओं में हैं और हर कोई उन्हें नहीं समझता।'
प्रोडक्शन हाउस — नए फिल्मकारों को मंच देने की कोशिश
अभिनेत्री ने बताया कि उन्होंने अपना प्रोडक्शन हाउस इसलिए शुरू किया ताकि उन रचनात्मक लोगों को मंच मिल सके, जिनके पास बेहतरीन विचार तो हैं, लेकिन उद्योग के दरवाज़े खोलने के लिए ज़रूरी संसाधन या संपर्क नहीं हैं। उन्होंने कहा, 'मैं ऐसे नए फिल्मकारों का समर्थन करना चाहती हूँ जिनके पास शानदार विचार हैं, लेकिन उन अवसरों तक पहुँच नहीं है, जिन तक मैं उन्हें पहुँचाने में मदद कर सकती हूँ।'
हॉलीवुड में विविधता की चाहत
हाल ही में स्ट्रीमिंग हिट्स सिटाडेल और हेड्स ऑफ स्टेट का हिस्सा रहीं प्रियंका ने स्वीकार किया कि हिंदी सिनेमा में उन्हें जो विविधता और अवसर मिले, वैसे अभी हॉलीवुड में उनके अंग्रेज़ी भाषा के काम में नहीं मिले हैं। उन्होंने कहा, 'हिंदी सिनेमा में मैंने सर्वश्रेष्ठ निर्देशकों और कलाकारों के साथ काम किया है — लेकिन अमेरिका में अभी वैसी विविधता और अवसर उतने नहीं मिले हैं।'
स्ट्रीमिंग और महामारी ने बदला वैश्विक मनोरंजन का नक्शा
प्रियंका के अनुसार, स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स और कोविड-19 महामारी के दौरान बदली दर्शकों की आदतों ने दुनिया भर की सामग्री को नए दर्शक दिए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब गैर-अंग्रेज़ी कंटेंट — जैसे कोरियाई, स्पेनिश और भारतीय फिल्में — वैश्विक स्तर पर धूम मचा रही हैं। अब लोग विभिन्न देशों और भाषाओं की कहानियों को पहले से कहीं ज़्यादा अपनाने लगे हैं, जिससे वैश्विक मनोरंजन उद्योग में नई संभावनाएँ पैदा हुई हैं। प्रियंका चोपड़ा जोनस की यह बात संकेत देती है कि आने वाले वर्षों में वे निर्माता के रूप में और अधिक सक्रिय भूमिका निभाने की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं।