24 सितंबर 2026
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राजद सांसद मनोज झा का बड़ा आरोप: सीईसी ज्ञानेश कुमार ने BJP के इशारे पर चुनाव प्रणाली में किया हेरफेर

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राजद सांसद मनोज झा का बड़ा आरोप: सीईसी ज्ञानेश कुमार ने BJP के इशारे पर चुनाव प्रणाली में किया हेरफेर

सारांश

राजद सांसद मनोज झा ने CEC ज्ञानेश कुमार पर सीधा हमला बोला — दो आयुक्तों की 14 आपत्तियों को आधार बनाकर कहा कि BJP के इशारे पर चुनाव प्रणाली की पवित्रता नष्ट की गई। गोवा, बंगाल, बिहार का हवाला; बिहार में महिला सुरक्षा और राम मंदिर चढ़ावा मामले पर भी तीखे सवाल।

मुख्य बातें

राजद सांसद मनोज झा ने 24 सितंबर 2026 को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर BJP के इशारे पर चुनाव प्रणाली में हेरफेर का आरोप लगाया।
रिपोर्ट के अनुसार चुनाव आयोग के दो आयुक्तों ने आयोग के फैसलों पर 14 बार आपत्ति दर्ज कराई थी।
झा ने गोवा , बंगाल और बिहार में चुनावी नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया।
बिहार में जमुई , दरभंगा , समस्तीपुर और पटना में महिलाओं से बदसलूकी की घटनाओं पर राज्य सरकार की आलोचना की।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय को गवाह बनाए जाने पर झा ने कहा — 'बड़े लोगों को महफूज रखा जाएगा।'

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद मनोज झा ने 24 सितंबर 2026 को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने अपने निजी स्वार्थ और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के इशारे पर देश की चुनाव प्रणाली में हेरफेर किया है। यह बयान उस रिपोर्ट के संदर्भ में आया है जिसमें खुलासा हुआ था कि चुनाव आयोग के दो अन्य चुनाव आयुक्तों ने आयोग के फैसलों पर 14 बार आपत्ति दर्ज कराई।

मुख्य आरोप और झा का बयान

मनोज झा ने कहा, 'चुनाव आयोग को लेकर खुलासे कल ही नहीं हुए बल्कि आज भी हुए हैं। ये सिर्फ खुलासे नहीं हैं — ये साफ तौर पर बता रहे हैं कि एक व्यक्ति ने अपने स्वार्थवश या किसी रसूखदार के कहने पर पूरे सिस्टम में कैसे हेरफेर किया और चुनावी नियमों की पवित्रता को तहस-नहस कर दिया।'

झा ने गोवा, बंगाल और बिहार के मामलों का हवाला देते हुए कहा कि हर जगह यही किया गया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त की संवैधानिक भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि 'आप बॉस नहीं हैं, आप फर्स्ट अमंग इक्वल्स हैं — आपने इस बुनियादी सिद्धांत को ही खत्म कर दिया है।'

चुनाव आयोग के प्रेस नोट पर सवाल

चुनाव आयोग द्वारा जारी प्रेस नोट को लेकर झा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उस प्रेस नोट में मीडिया द्वारा उठाए गए एक भी सवाल का जवाब नहीं दिया गया। झा ने यह भी कहा कि 'जब BJP उनके प्रेस नोट से पहले ही बचाव करने आ जाती है, तब पता चलता है कि यह रिश्ता कितना गहरा है।'

गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष लंबे समय से चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाता रहा है। असहमति के 14 बिंदुओं में से अधिकतर संवैधानिक प्रश्न थे, जिनका समाधान अभी तक सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं किया गया है।

बिहार में महिलाओं की सुरक्षा पर हमला

झा ने बिहार में महिलाओं के साथ हाल में हुई बदसलूकी की घटनाओं को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने जमुई, दरभंगा, समस्तीपुर और पटना की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा, 'आदमी घर से निकलने के बाद सुरक्षित लौटेगा या नहीं, इसके लिए प्रार्थना कर रहा है — क्या बनाकर रख दिया है?'

प्रधानमंत्री और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए झा ने कहा कि चुनाव के दौरान बिहार के लिए की गई तमाम वादाखिलाफियाँ अब जाहिर हो रही हैं और राज्य को उसके हाल पर छोड़ दिया गया है।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय पर सवाल

राम मंदिर चढ़ावा चोरी से जुड़ी चार्जशीट में चंपत राय को आरोपी के बजाय गवाह बनाए जाने पर भी झा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'कमाल की बात है, जिन पर आरोप था वो गवाह हो गए। छोटी मछलियाँ पकड़ी जाएंगी, बड़े लोगों को महफूज रखा जाएगा — आस्था के नाम पर वोट मांगो लेकिन उसी आस्था के साथ खिलवाड़ करो।'

इन तमाम मुद्दों पर विपक्ष की आवाज़ें एकजुट होती दिख रही हैं और आने वाले दिनों में संसदीय स्तर पर इन सवालों को उठाए जाने की संभावना बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह पारदर्शिता की कमी का संकेत है जो लोकतांत्रिक संस्थाओं की साख के लिए गंभीर है।
RashtraPress
24 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मनोज झा ने CEC ज्ञानेश कुमार पर क्या आरोप लगाए?
राजद सांसद मनोज झा ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अपने निजी स्वार्थ और BJP के इशारे पर चुनाव प्रणाली में हेरफेर किया और चुनावी नियमों की पवित्रता को नष्ट किया। उन्होंने गोवा, बंगाल और बिहार के मामलों का उल्लेख किया।
दो चुनाव आयुक्तों की 14 आपत्तियाँ किस बारे में थीं?
रिपोर्टों के अनुसार, चुनाव आयोग के दो आयुक्तों ने आयोग के फैसलों पर 14 बार आपत्ति दर्ज कराई थी, जिनमें से अधिकतर संवैधानिक प्रश्नों से संबंधित थीं। मनोज झा ने कहा कि इन असहमतियों का सार्वजनिक समाधान नहीं किया गया।
बिहार में महिला सुरक्षा पर झा ने क्या कहा?
झा ने जमुई, दरभंगा, समस्तीपुर और पटना में महिलाओं के साथ हुई बदसलूकी की घटनाओं का हवाला देते हुए बिहार सरकार की तीखी आलोचना की। उन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री अमित शाह से पूछा कि चुनाव में किए गए वादे कहाँ गए।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय को लेकर झा ने क्या कहा?
झा ने सवाल उठाया कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी की चार्जशीट में चंपत राय को आरोपी की जगह गवाह क्यों बनाया गया। उन्होंने कहा कि 'छोटी मछलियाँ पकड़ी जाएंगी और बड़े लोगों को महफूज रखा जाएगा।'
चुनाव आयोग के प्रेस नोट पर विपक्ष की क्या प्रतिक्रिया है?
मनोज झा ने कहा कि चुनाव आयोग के प्रेस नोट में मीडिया द्वारा उठाए गए किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि BJP का प्रेस नोट जारी होने से पहले ही बचाव में आना, आयोग और सत्तारूढ़ दल के बीच गहरे रिश्ते की ओर इशारा करता है।
राष्ट्र प्रेस
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