देवास में शराब माफिया के ट्रक से कुचले TI दिलीप पुरी: परिवार को ₹1 करोड़ और पत्नी को नौकरी
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के देवास जिले में खातेगांव के थाना प्रभारी (TI) दिलीप पुरी को रविवार की देर रात शराब से भरे ट्रक ने रौंद दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना ने राज्य की राजनीति को गरमा दिया है और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) तथा विपक्षी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के बीच तीखी जुबानी जंग छिड़ गई है। घटना 2 नवंबर 2026 को सामने आई।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, हरदा से गुजरात की ओर जा रहे अवैध शराब से भरे ट्रक को रोकने की कोशिश में थाना प्रभारी दिलीप पुरी थे। ड्राइवर ने ट्रक रोकने के बजाय उन्हें रौंद दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना तब और गहरी हो जाती है जब हाल ही में देवास में जहरीली शराब कांड की भी चर्चा थी।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया और परिजनों को सहायता
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर इस घटना को 'अत्यंत दुखद एवं पीड़ादायक' बताया। उन्होंने कहा, 'कर्तव्य निर्वहन करते हुए थाना प्रभारी दिलीप पुरी के दिवंगत होने का समाचार अत्यंत दुखद एवं पीड़ादायक है। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।' यादव ने घोषणा की कि दिलीप पुरी की पत्नी को सब-इंस्पेक्टर (SI) के पद पर अनुकंपा नियुक्ति और परिवार को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता दी जाएगी। मामले की जांच के लिए स्पेशल डीजी उपेंद्र जैन को तत्काल घटनास्थल रवाना किया गया है।
सियासी वार-पलटवार
कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने आरोप लगाया कि प्रारंभिक जांच में इस मामले के तार कांग्रेस नेता राहुल जायसवाल और उनके भाई मनीष जायसवाल से जुड़ते दिख रहे हैं, जो कथित तौर पर टिमरनी की उस शराब दुकान में पार्टनर हैं जिससे इस मामले के सूत्र जुड़े हैं। दुकान के मैनेजर भूपेंद्र राणा ने पुलिस को इस बाबत अहम जानकारियाँ दी हैं। सारंग ने बताया कि राहुल जायसवाल कांग्रेस के खातेगांव विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी हैं और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के करीबी माने जाते हैं।
दूसरी तरफ, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने तंज कसते हुए कहा, 'मध्य प्रदेश में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब खाकी भी सुरक्षित नहीं है। जब कानून के रक्षकों की ही सरेआम हत्या हो रही हो तो आम आदमी अपनी सुरक्षा की क्या उम्मीद करे?' वहीं, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए पूछा, 'आखिर शराब माफिया पर लगाम कसने में आपकी सरकार क्यों नाकाम है?'
BJP का पलटवार
BJP के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. हितेश वाजपेई ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि देवास के जहरीली शराब कांड से लेकर TI दिलीप पुरी की हत्या तक, हर बार शराब माफिया के तार कांग्रेस से क्यों जुड़ते हैं। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पटवारी से जवाब माँगा। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में अवैध शराब के खिलाफ चल रही कार्रवाइयाँ पहले से सुर्खियों में थीं।
आगे क्या होगा
स्पेशल डीजी उपेंद्र जैन द्वारा जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। ₹1 करोड़ की सहायता राशि और पत्नी को SI पद पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दे दिए गए हैं। राज्य में अवैध शराब तस्करी पर अब नए सिरे से राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव बढ़ने के आसार हैं।