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देवास के चंदना में 10 मौतें: परिजनों का शराब पर आरोप, SDM ने बताया प्राकृतिक कारण

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देवास के चंदना में 10 मौतें: परिजनों का शराब पर आरोप, SDM ने बताया प्राकृतिक कारण

सारांश

देवास के चंदना में 10 मौतें — परिजन शराब को दोष दे रहे हैं, प्रशासन प्राकृतिक कारण बता रहा है। विपक्ष का दावा है कि यह तीन महीनों में राज्य का तीसरा ऐसा मामला है। सच्चाई अभी भी जाँच की राह देख रही है।

मुख्य बातें

मध्य प्रदेश के देवास जिले के चंदना क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों में लगभग 10 मौतें दर्ज की गई हैं।
मृतकों के परिजनों ने कथित तौर पर राहुल , दीपक , भीमा और ओम प्रकाश समेत अन्य की मौत का कारण शराब सेवन बताया है।
SDM अभिषेक शर्मा ने जहरीली शराब से किसी भी संबंध से इनकार करते हुए सभी मौतों को प्राकृतिक कारणों से बताया।
विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने दावा किया कि यह तीन महीनों में राज्य में इस तरह का तीसरा मामला है और 13 मौतें हुई हैं।
सिंघार ने आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना के खिलाफ कार्रवाई और निष्पक्ष जाँच की माँग की है।
मौतों का वास्तविक कारण अभी तक स्वतंत्र रूप से सिद्ध नहीं हुआ है; पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है।

मध्य प्रदेश के देवास जिले के चंदना क्षेत्र में 24 अक्टूबर 2026 तक पिछले कुछ दिनों में लगभग 10 लोगों की मौत के बाद परिजनों और प्रशासन के बीच तीखा विरोधाभास सामने आया है। शोकाकुल परिवारों का कथित तौर पर आरोप है कि मृतकों ने मौत से पहले शराब का सेवन किया था, जबकि स्थानीय प्रशासन ने जहरीली शराब से किसी भी संबंध को सिरे से नकार दिया है। मौतों का वास्तविक कारण अभी तक विवादित बना हुआ है और स्वतंत्र जाँच की माँग उठ रही है।

परिजनों के आरोप: शराब के बाद बिगड़ी हालत

मृतकों के परिजनों ने बताया कि राहुल, दीपक, भीमा और ओम प्रकाश ने अपने कार्यस्थल पर बीमार पड़ने से पहले शराब का सेवन किया था। परिवार के एक सदस्य के अनुसार, शराब पीने के बाद ये लोग घर नहीं लौटे और कार्यस्थल पर ही बेचैनी महसूस होने लगी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहाँ तीनों की एक साथ मौत हो गई।

रामचंद्र परमार ने अपने बेटे राहुल परमार की मौत के बारे में बताया कि शराब पीने के बाद राहुल को सीने में दर्द हुआ, चक्कर आए और वे गिर पड़े। उन्होंने कहा, 'फिर उनके मुँह से झाग निकलने लगा। जब प्रशासन आया, तो मैंने उन्हें बताया कि मेरे बेटे की मौत शराब के कारण हुई है।'

राहुल की पत्नी कविता परमार ने कहा कि उनके पति को पहले कभी सीने में दर्द या उल्टी की शिकायत नहीं थी। उन्होंने गाँव की शराब की दुकान बंद करने की माँग करते हुए कहा, 'जो मेरे साथ हुआ, वह किसी और के साथ नहीं होना चाहिए।' उल्लेखनीय है कि परिजनों के ये बयान उनके व्यक्तिगत आरोपों को दर्शाते हैं और मौत के कारण की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करते।

प्रशासन का पक्ष: प्राकृतिक कारणों से हुईं मौतें

देवास के उप-मंडल मजिस्ट्रेट अभिषेक शर्मा ने स्पष्ट किया कि चंदना क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों में हुई लगभग 10 मौतों में से किसी का भी संबंध जहरीली शराब से नहीं है। उन्होंने कहा, 'ये सभी मौतें प्राकृतिक कारणों से हुईं।'

शर्मा के अनुसार, 70 वर्ष से अधिक आयु की तीन महिलाओं और 65 वर्ष से अधिक आयु के दो पुरुषों की मृत्यु प्राकृतिक कारणों से हुई। दो अन्य लोगों की मौत खेतों में काम करते समय हुई, जबकि एक व्यक्ति की मृत्यु मस्तिष्क रक्तस्राव से हुई बताई गई है। प्रशासन ने अभी तक विस्तृत पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की है।

विपक्ष की माँग: निष्पक्ष जाँच और कार्रवाई

मध्य प्रदेश के विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार अवैध शराब व्यापार पर अंकुश लगाने में विफल रही है। उन्होंने दावा किया कि देवास की इस कथित घटना में 13 लोगों की जान गई और यह तीन महीनों में राज्य में इस तरह का तीसरा मामला है। उन्होंने सागर में हुई पिछली मौतों का भी हवाला दिया।

सिंघार ने प्रशासन के स्पष्टीकरण पर सवाल उठाते हुए पूछा कि यदि दूषित पानी मौतों का कारण था, तो शराब का सेवन करने वाले लोग ही बीमार क्यों पड़े। उन्होंने आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई न होने पर भी नाराज़गी जताई और निष्पक्ष जाँच की माँग की।

व्यापक संदर्भ: मध्य प्रदेश में शराब से मौतों का सिलसिला

यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में नकली या जहरीली शराब से जुड़े मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। गौरतलब है कि विपक्ष के दावों के अनुसार, यह तीन महीनों में राज्य में इस तरह का तीसरा मामला है, जो आबकारी व्यवस्था की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

हालाँकि, चंदना में हुई मौतों का वास्तविक कारण — चाहे जहरीली शराब हो, प्राकृतिक बीमारी हो या कोई अन्य कारण — अभी तक आधिकारिक रूप से सिद्ध नहीं हुआ है। स्वतंत्र फोरेंसिक जाँच के नतीजे ही इस विवाद को सुलझा सकते हैं। आने वाले दिनों में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जाँच एजेंसियों की कार्रवाई पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

प्रशासन 'प्राकृतिक कारण' की आड़ लेता है और जाँच की माँग राजनीतिक शोर में दब जाती है। विपक्ष का 'तीन महीनों में तीसरा मामला' वाला दावा यदि सही है, तो यह आबकारी व्यवस्था की व्यवस्थागत विफलता की ओर इशारा करता है, न कि महज संयोग की ओर। असली सवाल यह है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की गई — पारदर्शिता के बिना, प्रशासन का 'प्राकृतिक कारण' वाला दावा संदेह के घेरे में ही रहेगा।
RashtraPress
24 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देवास के चंदना में कितनी मौतें हुई हैं और कब?
24 अक्टूबर 2026 तक के आँकड़ों के अनुसार, देवास जिले के चंदना क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों में लगभग 10 मौतें दर्ज की गई हैं। विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने मृतकों की संख्या 13 बताई है, हालाँकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
क्या देवास में जहरीली शराब से मौतें हुई हैं?
यह अभी तक विवादित है। परिजनों का कथित आरोप है कि मृतकों ने मौत से पहले शराब पी थी, जबकि SDM अभिषेक शर्मा ने स्पष्ट रूप से जहरीली शराब से किसी भी संबंध से इनकार किया है। स्वतंत्र फोरेंसिक या पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं हुई है।
प्रशासन ने मौतों का क्या कारण बताया?
देवास के SDM अभिषेक शर्मा के अनुसार, 70 वर्ष से अधिक आयु की तीन महिलाओं और 65 वर्ष से अधिक आयु के दो पुरुषों की मृत्यु प्राकृतिक कारणों से हुई। दो अन्य की मौत खेतों में काम करते समय हुई और एक व्यक्ति की मृत्यु मस्तिष्क रक्तस्राव से बताई गई है।
विपक्ष ने इस मामले में क्या माँगें रखी हैं?
मध्य प्रदेश के विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने निष्पक्ष जाँच और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की है। उन्होंने आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना पर कार्रवाई न होने पर भी सवाल उठाए और इसे तीन महीनों में राज्य का तीसरा ऐसा मामला बताया।
इस मामले में आगे क्या होने की संभावना है?
मौतों का वास्तविक कारण स्पष्ट करने के लिए पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट की भूमिका निर्णायक होगी। विपक्ष की जाँच माँग और राजनीतिक दबाव को देखते हुए राज्य सरकार पर स्वतंत्र जाँच कराने का दबाव बढ़ सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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