देवास में शराब माफिया के ट्रक ने थाना प्रभारी दिलीप पुरी को कुचला, मौके पर मौत
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के देवास जिले में 2 नवंबर 2026 को शराब तस्करी रोकने के अभियान के दौरान एक दर्दनाक घटना में खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की मौत हो गई। कथित तौर पर ट्रक चालक ने पुलिसकर्मी को रोकते समय वाहन चढ़ा दिया, जिससे हरदा-नेमावर हाईवे पर उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। पुलिस ने बाद में शराब से भरे ट्रक को जब्त कर चालक को गिरफ्तार कर लिया।
घटनाक्रम: कैसे हुई यह दुर्घटना
पुलिस को सूचना मिली थी कि हरदा से गुजरात जाने वाला एक ट्रक अवैध शराब की खेप ले जा रहा है, जो इंदौर के रास्ते गुजरात पहुँचनी थी। देवास एसपी आदित्य मिश्रा ने इस ट्रक को पकड़ने के लिए पाँच से अधिक पुलिस टीमें गठित की थीं, जिनमें कन्नौद, सतवास और खातेगांव के थाना प्रभारी सहित कई पुलिसकर्मी शामिल थे।
पुलिस टीमें ट्रक का पीछा कर रही थीं और आगे नाकाबंदी भी की गई थी। इसी दौरान हरदा-नेमावर हाईवे पर ट्रक चालक पानी पीने के लिए रुका।
मुठभेड़ और दुखद अंत
थाना प्रभारी दिलीप पुरी चालक को पकड़ने के लिए मौके पर पहुँचे और उसे ट्रक से नीचे उतरने का निर्देश दिया। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच बहस हो गई। इसी दौरान चालक ने ट्रक लेकर भागने की कोशिश की। दिलीप पुरी नीचे गिर गए और ट्रक का पिछला पहिया उनके ऊपर से निकल गया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं और उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।
दिलीप पुरी 2007 बैच के उप निरीक्षक थे। इससे पूर्व वे हीरा नगर और चंदन नगर थाने में भी तैनात रह चुके थे।
गिरफ्तारी और तस्करी नेटवर्क
पुलिस ने शराब से भरे ट्रक (पंजीकरण संख्या: MP 43 H 4786) को जब्त कर चालक को गिरफ्तार कर लिया। जाँच में शामिल अधिकारियों के अनुसार, इस तस्करी नेटवर्क में हरदा के राहुल जायसवाल का नाम सामने आया है। देवास के तस्कर भी इस नेटवर्क में शामिल बताए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि यह घटना ऐसे समय में आई है जब मध्य प्रदेश में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ पुलिस अभियान लगातार चल रहे हैं, और माफिया नेटवर्क राज्य की सीमाओं के पार गुजरात तक फैला होने की बात सामने आई है।
वरिष्ठ अधिकारियों की प्रतिक्रिया
घटना की सूचना मिलते ही एसपी आदित्य मिश्रा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचे। दिलीप पुरी के परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है। पुलिस मामले की विस्तृत जाँच कर रही है।
आगे की कार्रवाई
अधिकारियों के अनुसार तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की इस तरह शहादत के बाद विभाग में रोष है और यह मामला अब उच्च स्तरीय जाँच का विषय बन गया है।