23 सितंबर 2026
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दीपोत्सव 2026: अयोध्या में 30 लाख दीप और 2,100 ड्रोन से आसमान में जीवंत होगी रामायण

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दीपोत्सव 2026: अयोध्या में 30 लाख दीप और 2,100 ड्रोन से आसमान में जीवंत होगी रामायण

सारांश

अयोध्या का दीपोत्सव 2026 इस बार तकनीक और परंपरा का संगम बनेगा — 30 लाख दीप, 2,100 ड्रोन से आकाश में रामायण, 30 से अधिक देशों में न्योता और ₹5,452 करोड़ की विकास परियोजनाएँ। रामनगरी एक बार फिर वैश्विक आस्था का केंद्र बनने को तैयार है।

मुख्य बातें

दीपोत्सव 2026 में अयोध्या में 30 लाख दीप प्रज्वलित किए जाएंगे।
2,100 ड्रोन आकाश में रामायण के दृश्य जीवंत करेंगे; यह प्रदर्शन मुख्य दिन के अलावा जमघट में भी होगा।
30 से अधिक देशों में भारतीय दूतावासों के माध्यम से प्रवासी भारतीयों को आमंत्रण भेजा जाएगा।
₹5,452.79 करोड़ की 284 विकास परियोजनाओं की समीक्षा; लोकार्पण और शिलान्यास प्रस्तावित।
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने मायजीओवी यूपी के माध्यम से नागरिकों के सुझाव आमंत्रित करने के निर्देश दिए।
भीड़ प्रबंधन और दीप व्यवस्था की निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग पर विचार किया जा रहा है।

अयोध्या में इस वर्ष दीपोत्सव 2026 पहले से कहीं अधिक भव्य रूप में मनाया जाएगा — 30 लाख दीपों की स्वर्णिम आभा के साथ आकाश में 2,100 ड्रोन रामायण के दृश्यों को जीवंत करेंगे। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बुधवार, 23 सितंबर 2026 को अपर मुख्य सचिव (पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य) अमृत अभिजात के साथ तैयारियों की विस्तृत समीक्षा बैठक की और अधिकारियों को व्यापक निर्देश दिए।

मुख्य आकर्षण और तकनीकी प्रस्तुतियाँ

दीपोत्सव के मुख्य कार्यक्रम में 2,100 ड्रोन द्वारा रामायण-आधारित चित्र आकाश में उकेरे जाएंगे। यह प्रस्तुति न केवल दीपोत्सव के मुख्य दिन, बल्कि दो दिन पश्चात होने वाले जमघट में भी आयोजित करने का प्रस्ताव है, ताकि स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को इसे दोबारा देखने का अवसर मिले। इसके साथ 3डी प्रोजेक्शन, लेजर शो, लाइव सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और म्यूजिकल ग्रीन फायरवर्क्स भी आयोजन का हिस्सा होंगे। डिजिटल रामायण की भी व्यवस्था होगी, जो दर्शकों को तकनीक के माध्यम से महाकाव्य से जोड़ेगी।

अयोध्या का कायाकल्प: सजावट और स्थायी इंस्टॉलेशन

रामनगरी की सड़कों, सरयू तट और धर्मपथ को रामायण के विभिन्न कांडों पर आधारित सजावट से सुसज्जित किया जाएगा। धर्मपथ पर 10 रामायण-थीम प्रवेश द्वार और सुल्तानपुर तथा रायबरेली मार्ग सहित प्रमुख आगमन मार्गों पर 3 अतिरिक्त रामायण द्वार निर्मित करने का प्रस्ताव है। सरयू नदी में पुष्पक विमान का एक स्थायी इंस्टॉलेशन लगाने की भी योजना है। अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने निर्देश दिया कि सेल्फी प्वाइंट इस प्रकार विकसित किए जाएँ जिससे पैदल श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही बाधित न हो।

धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम

दीपोत्सव के दिन सुबह 4 बजे से भजन प्रसारण की व्यवस्था की जाएगी। 2,100 से अधिक बटुकों द्वारा सामूहिक सरयू आरती होगी। 240 से अधिक मंदिरों और मठों में दीप प्रज्वलन के साथ उद्योग एवं व्यापार संगठनों के सहयोग से शहर के 25 प्रमुख चौराहों को सजाया जाएगा। संस्कृति विभाग देश-विदेश की रामलीला मंडलियों की प्रस्तुतियाँ, पारंपरिक लोकनृत्य और साकेत कॉलेज से रामकथा पार्क तक झाँकियों की शोभायात्रा आयोजित करेगा। भरत मिलाप और भगवान राम के प्रतीकात्मक राज्याभिषेक को भी कार्यक्रम में स्थान दिया जाएगा। पिछले वर्ष 100 बच्चों की भागीदारी वाली वानर सेना का इस बार और विस्तार किया जाएगा।

वैश्विक भागीदारी और युवाओं की सहभागिता

दीपोत्सव को अंतरराष्ट्रीय मंच पर ले जाने के लिए विभिन्न देशों के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रियों या उनके प्रतिनिधियों को आमंत्रित करने की योजना है। साथ ही 30 से अधिक देशों में भारतीय दूतावासों और राजदूतों के माध्यम से प्रवासी भारतीयों को दीपोत्सव में शामिल होने का न्योता भेजा जाएगा। मंत्री जयवीर सिंह ने युवाओं को तैयारियों में सक्रिय रूप से जोड़ने और मायजीओवी यूपी के माध्यम से आम नागरिकों के सुझाव आमंत्रित करने के निर्देश दिए, ताकि उपयोगी विचारों को आयोजन में शामिल किया जा सके।

₹5,452 करोड़ की विकास परियोजनाएँ और कला कार्यशालाएँ

बैठक में 284 विकास परियोजनाओं की समीक्षा हुई, जिनकी कुल लागत ₹5,452.79 करोड़ है। इनमें ₹4,130.25 करोड़ की 152 परियोजनाओं के लोकार्पण और ₹1,322.54 करोड़ की 132 परियोजनाओं के शिलान्यास का प्रस्ताव है। अयोध्या में 22 से 26 अक्टूबर तक डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के सहयोग से 'राम, रामायण और अयोध्या' राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित होगी, जिसमें 25 कलाकार और 10 विशेषज्ञ भाग लेंगे। लखनऊ में 18 से 22 नवंबर तक राज्य ललित कला अकादमी का 'लोकधारा' लोक चित्रकला शिविर भी होगा। दीप प्रज्वलन की व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं की निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग पर भी गंभीरता से विचार किया गया। आने वाले हफ्तों में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बैठकें जारी रहेंगी और दीपोत्सव की तारीख की आधिकारिक घोषणा शीघ्र अपेक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 2026 की तैयारियाँ बताती हैं कि अब यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एक राजनीतिक-सांस्कृतिक ब्रांडिंग परियोजना भी है। 30 से अधिक देशों में प्रवासी भारतीयों को न्योता और विदेशी मंत्रियों को आमंत्रण यह दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश सरकार अयोध्या को वैश्विक हिंदू तीर्थ पर्यटन के मानचित्र पर स्थायी रूप से अंकित करना चाहती है। ₹5,452 करोड़ की परियोजनाओं का एक साथ लोकार्पण और शिलान्यास दिखाता है कि यह उत्सव विकास-प्रदर्शन का मंच भी बन चुका है। असली कसौटी यह होगी कि भव्यता के इस प्रदर्शन के साथ स्थानीय अवसंरचना, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा वास्तव में कितनी बेहतर होती है।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दीपोत्सव 2026 में अयोध्या में क्या खास होगा?
दीपोत्सव 2026 में अयोध्या में 30 लाख दीप प्रज्वलित किए जाएंगे और 2,100 ड्रोन आकाश में रामायण के दृश्य चित्रित करेंगे। इसके साथ 3डी प्रोजेक्शन, लेजर शो, म्यूजिकल ग्रीन फायरवर्क्स और डिजिटल रामायण जैसे तकनीकी आकर्षण भी होंगे।
दीपोत्सव 2026 में ड्रोन शो कितने दिन होगा?
2,100 ड्रोन का शो दीपोत्सव के मुख्य दिन के अलावा दो दिन बाद होने वाले जमघट में भी आयोजित करने का प्रस्ताव है। यह व्यवस्था इसलिए की जा रही है ताकि स्थानीय लोगों और पर्यटकों को यह नज़ारा दोबारा देखने का मौका मिले।
दीपोत्सव 2026 की तैयारियों की समीक्षा किसने की?
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने 23 सितंबर 2026 को अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात के साथ दीपोत्सव की तैयारियों की समीक्षा बैठक की। बैठक में सुरक्षा, यातायात, सजावट, सांस्कृतिक कार्यक्रम और श्रद्धालु सुविधाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
दीपोत्सव 2026 में विदेशी भागीदारी कैसे होगी?
30 से अधिक देशों में भारतीय दूतावासों और राजदूतों के माध्यम से प्रवासी भारतीयों को दीपोत्सव में शामिल होने का आमंत्रण भेजा जाएगा। इसके अलावा विभिन्न देशों के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रियों या उनके प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित करने की योजना है।
अयोध्या में दीपोत्सव के साथ कितनी विकास परियोजनाएँ लोकार्पित होंगी?
बैठक में ₹5,452.79 करोड़ की 284 विकास परियोजनाओं की समीक्षा की गई। इनमें ₹4,130.25 करोड़ की 152 परियोजनाओं के लोकार्पण और ₹1,322.54 करोड़ की 132 परियोजनाओं के शिलान्यास का प्रस्ताव शामिल है।
राष्ट्र प्रेस
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