दीपोत्सव-2026: अयोध्या में 6-8 नवंबर को रामायण थीम पर भव्य सज्जा, सरयू तट से प्रवेश द्वार तक दिखेगा नया रूप
सारांश
मुख्य बातें
अयोध्या में इस वर्ष दीपोत्सव-2026 केवल दीपों की रोशनी तक सीमित नहीं रहेगा — 6 से 8 नवंबर 2026 के बीच रामनगरी को रामायण थीम पर आधारित कलात्मक स्थापनाओं, भव्य प्रवेश द्वारों और सरयू तट पर तैरते फ्लोटर्स से सजाया जाएगा। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने इस वृहद आयोजन के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है, जिसमें 7 नवंबर को मुख्य दीपोत्सव आयोजन निर्धारित किया गया है।
मुख्य आकर्षण और सज्जा योजना
लता मंगेशकर चौक से राम की पैड़ी मार्ग तक कलात्मक आर्ट इंस्टालेशन तैयार किए जाएंगे। हर इंस्टालेशन की थीम, डिज़ाइन और निर्माण शैली अलग होगी, जिनमें अयोध्या और दीपोत्सव की सांस्कृतिक झलक कलात्मक अंदाज़ में प्रस्तुत की जाएगी। त्रि-आयामी कलाकृतियाँ आयोजन स्थलों की सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ आगंतुकों के अनुभव को भी विशेष बनाएंगी।
राम की पैड़ी के निकट पुष्पक विमान थीम पर रोडसाइड इंस्टॉलेशन आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा। इसके साथ ही राम रथ और झाँकी तैयार की जाएगी, जबकि राम की पैड़ी के पास राम दरबार की भव्य प्रस्तुति होगी। रामकथा पार्क के समीप हेलीपैड क्षेत्र में भरत मिलाप मंच और पाथवे भी विकसित किए जाएंगे।
प्रवेश द्वार और वे-फाइंडर व्यवस्था
शहर के प्रमुख हाईवे और 'धर्म पथ' पर रामायण की थीम से सजे 10 भव्य प्रवेश द्वार तैयार किए जाएंगे। लखनऊ, सुल्तानपुर और रायबरेली की ओर से अयोध्या आने वाले मार्गों पर इन द्वारों की अलग-अलग पहचान होगी। प्रत्येक द्वार का डिज़ाइन भारतीय संस्कृति, पारंपरिक प्रतीकों और रामायण के प्रसंगों पर आधारित होगा।
श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए 10 प्रमुख स्थानों पर थीम आधारित वे-फाइंडर लगाए जाएंगे, जो प्रमुख प्रवेश मार्गों, चौराहों और आयोजन स्थलों के आसपास स्थापित होंगे। इसके अलावा राम कथा पार्क और राम की पैड़ी पर 10-10 सेल्फी प्वाइंट बनाए जाएंगे।
रामकथा पार्क का नया रूप और सांस्कृतिक आयोजन
रामकथा पार्क का स्थायी मंच नए कलेवर में नज़र आएगा। यहाँ उन्नत ध्वनि और प्रकाश व्यवस्था, एलईडी स्क्रीन, थीम आधारित रंगीन सज्जा, पुष्प सज्जा, रंगोली और पर्दों का उपयोग किया जाएगा। मंच के दोनों ओर सीढ़ियाँ और दर्शकों के बैठने की व्यवस्था भी होगी। रामकथा पार्क के प्रवेश और निकास द्वारों को भी आकर्षक सजावटी गेट से सुसज्जित किया जाएगा।
सरयू की लहरों पर आकर्षक फ्लोटर्स दीपोत्सव की भव्यता को और विस्तार देंगे। प्रमुख मार्गों पर फ्लैग पोल लगाकर आयोजन की शोभा बढ़ाई जाएगी। शहर के प्रमुख मार्गों के किनारे रामायण के विभिन्न काण्डों और प्रसंगों पर — जिनमें लंका काण्ड भी शामिल है — आधारित स्थापनाएं तैयार की जाएंगी, जिनमें प्रसंगों को एक-एक पंक्ति के माध्यम से सरल भाषा में प्रदर्शित किया जाएगा।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि दीपोत्सव-2026 में अयोध्या की भव्यता के साथ उसकी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को नए रचनात्मक अंदाज़ में प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रामायण की थीम पर होने वाली सजावट, कलात्मक स्थापनाएं और प्रकाश व्यवस्था श्रद्धालुओं व पर्यटकों को रामनगरी के दिव्य स्वरूप का नया अनुभव कराएंगी।
अपर मुख्य सचिव (पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग) अमृत अभिजात ने बताया कि दीपोत्सव-2026 में अयोध्या की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को आधुनिक रचनात्मकता के साथ भव्य स्वरूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सजावटी द्वार, आकर्षक सेल्फी प्वाइंट और मनमोहक प्रकाश सज्जा श्रद्धालुओं व पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेंगी।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। दीपोत्सव-2026 की तैयारियाँ इस बात का संकेत हैं कि उत्तर प्रदेश सरकार अयोध्या को धार्मिक पर्यटन का एक प्रमुख वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रही है। 7 नवंबर के मुख्य आयोजन के लिए लाखों श्रद्धालुओं के अयोध्या पहुँचने की संभावना है।