अयोध्या दीपोत्सव 2026: 10वें महापर्व पर 2,100 ड्रोन, 12 देशों की भागीदारी; CM योगी ने दिए निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 23 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि अयोध्या में 7 नवंबर 2026 को आयोजित होने वाला 10वाँ दीपोत्सव सनातन संस्कृति, जनआस्था और वैश्विक गौरव का अभूतपूर्व महापर्व बनेगा। 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में शुरू हुई यह परंपरा अब अपने एक दशक का मील का पत्थर पार कर रही है।
तीन चरणों में होगा आयोजन
अपर मुख्य सचिव, पर्यटन एवं संस्कृति ने मुख्यमंत्री को तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि आयोजन तीन प्रमुख चरणों में संपन्न होगा। प्रथम चरण में साकेत महाविद्यालय से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें रामायण के प्रसंगों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के ज़रिए प्रभु श्रीराम के जीवन आदर्शों को दर्शाया जाएगा।
द्वितीय चरण में रामकथा पार्क में प्रभु श्रीराम और माता सीता के स्वरूपों का प्रतीकात्मक आगमन, भरत मिलाप और श्रीराम के राज्याभिषेक से जुड़े कार्यक्रम होंगे। तृतीय चरण में सरयू आरती, दीप प्रज्ज्वलन, राम की पैड़ी पर 200 कलाकारों की प्रस्तुतियाँ, 2,100 स्वदेशी ड्रोनों का आकाश में रामायण आधारित शो, लेज़र प्रस्तुति, गोंडा पुल के समीप हरित आतिशबाजी और अंतर्राष्ट्रीय रामलीलाओं का मंचन शामिल होगा।
मुख्य आकर्षण और आँकड़े
आयोजन में 2,147 प्रतिभागियों द्वारा सरयू आरती और 3D प्रोजेक्शन प्रमुख आकर्षण होंगे। लगभग 35,000 स्वयंसेवक कार्यक्रम की व्यवस्था में सहभागी होंगे। डिजिटल माध्यमों से दीपोत्सव को 5 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुँचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
गौरतलब है कि इस बार उत्तर प्रदेश सहित मध्य प्रदेश, ओडिशा, कर्नाटक, झारखंड, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, असम, राजस्थान, बिहार, केरल, गोवा और तेलंगाना के लगभग 1,000 कलाकार लोककलाओं और नृत्य परंपराओं की प्रस्तुतियाँ देंगे। इसके साथ ही 12 देशों के सांस्कृतिक प्रतिनिधियों की सहभागिता प्रस्तावित है तथा भारत में तैनात विदेशी राजदूतों और विदेशों में तैनात भारतीय राजनयिकों को भी आमंत्रित किया जा रहा है।
सीएम योगी के निर्देश और तैयारियाँ
मुख्यमंत्री योगी ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के पदाधिकारियों और अयोध्या के पूज्य संतों के साथ समन्वय कर तैयारियों को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय व्यापारियों और सामाजिक संगठनों का सहयोग सुनिश्चित किया जाए। श्रद्धालुओं एवं अतिथियों की सुविधा, सुरक्षा, सुगम आवागमन, प्रकाश, स्वच्छता और मार्गदर्शन की समुचित व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए।
आगामी 26 अक्टूबर को प्रस्तावित महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर सभी जनपदों में मंदिरों में वाल्मीकि रामायण का अखंड पाठ, रामायण आधारित प्रस्तुतियाँ और चित्रकला गतिविधियाँ कराने के भी निर्देश दिए गए।
रामघाट पुनर्विकास और बाढ़ प्रभावित क्षेत्र
बैठक में चित्रकूट स्थित रामघाट के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी चर्चा हुई। सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि हाल की अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का प्राथमिकता के आधार पर पुनर्विकास कराया जाए। उन्होंने दुकानों के व्यवस्थित पुनर्वास, नालों के सुदृढ़ीकरण और तुलसी चबूतरे के विकास कार्य त्वरित गति से पूरे करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि रामघाट के विकास में स्थानीय धार्मिक व ऐतिहासिक महत्त्व और जनभावनाओं का पूरा ध्यान रखा जाए तथा भविष्य में बाढ़ की परिस्थितियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। यह ऐसे समय में आया है जब अयोध्या राम मंदिर निर्माण के बाद से वैश्विक धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर तेज़ी से उभरी है।