क्या अयोध्या में दीपोत्सव 2025 की तैयारी तेज हो गई है?

सारांश
Key Takeaways
- 19 अक्टूबर 2025 को दीपोत्सव का आयोजन होगा।
- अरविंद कुमार मिश्रा और डॉ. जितेंद्र प्रताप सिंह नोडल अधिकारी हैं।
- सरयू घाट पर भव्य आयोजन की योजना है।
- पिछले साल गिनीज बुक में नाम दर्ज हुआ था।
- यह कार्यक्रम सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है।
अयोध्या, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश की रामनगरी अयोध्या में दीपोत्सव 2025 के आयोजन की तैयारी अब तेजी से चल रही है। इस विशेष कार्यक्रम के लिए यूपी सरकार ने संबंधित अधिकारियों की एक टीम का गठन किया है। इसके तहत एक आधिकारिक पत्र भी जारी किया गया है।
अयोध्या में भव्य दीपोत्सव 2025 के आयोजन की तैयारियों में अब तेजी आ गई है। उत्तर प्रदेश सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने इस आयोजन की निगरानी और समन्वय के लिए अधिकारियों की एक टीम बनाई है। जारी आदेश के अनुसार, अरविंद कुमार मिश्रा और डॉ. जितेंद्र प्रताप सिंह को इस दीपोत्सव के लिए नोडल अधिकारी नामित किया गया है।
ये दोनों अधिकारी आयोजन से जुड़े सभी कार्यक्रमों, व्यवस्थाओं और मीडिया समन्वय का कार्य संभालेंगे। यह आदेश सूचना निदेशक विशाल सिंह द्वारा जारी किया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार के सूचना एवं जन संपर्क विभाग द्वारा जारी संशोधित आदेश के अनुसार, अयोध्या में 19 अक्टूबर 2025 को प्रान्तीयकृत दीपोत्सव मेला का आयोजन होगा।
ज्ञात हो कि पिछले साल 2024 में अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद पहली बार भगवान राम के आगमन पर दीपोत्सव का आयोजन किया गया था। इस दौरान 25 लाख 12 हजार 585 दीये जलाकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया था। साथ ही 1 हजार 121 लोगों ने एक साथ सरयू आरती कर एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम का शुभारंभ पहले दीया जलाकर किया था। सरयू घाट पर लेजर और लाइट शो का आयोजन किया गया था, जिसमें दीयों और रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाता घाट, साउंड-लाइट शो के जरिए रामलीला का वर्णन किया गया। पहली बार 1,121 वेदाचार्यों ने एक साथ सरयू मैया की आरती की थी।