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नेतन्याहू ने मोजतबा खामेनेई को आईआरजीसी की कठपुतली कहा

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नेतन्याहू ने मोजतबा खामेनेई को आईआरजीसी की कठपुतली कहा

सारांश

ईरान के खिलाफ इजरायल और अमेरिका के हमले के बाद, पीएम नेतन्याहू ने मोजतबा खामेनेई को आईआरजीसी का कठपुतली बताया। क्या ईरान में सत्ता परिवर्तन संभव है? जानिए इस महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस के मुख्य बिंदुओं को।

मुख्य बातें

नेतन्याहू ने मोजतबा को आईआरजीसी की कठपुतली बताया।
ईरान में सत्ता परिवर्तन की संभावना पर चर्चा।
इजरायल की रणनीति में हवाई हमलों का महत्व।
ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर गंभीर चिंता।
मोजतबा खामेनेई की अनुपस्थिति पर सवाल।

तेल अवीव, 13 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ईरान के खिलाफ 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका द्वारा किए गए हमले के बाद, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पहली बार एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि उन्हें यकीन नहीं है कि क्या एक बार इजरायल और अमेरिका ऐसे हालात बनाएंगे कि ईरान के लोग इस इस्लामिक गणतंत्र को गिरा देंगे।

ईरान में सत्ता परिवर्तन के बारे में उन्होंने कहा कि आप किसी को पानी तक ले जा सकते हैं; आप उसे पीने के लिए मजबूर नहीं कर सकते। साथ ही, उन्होंने ईरान के नए सुप्रीम लीडर सैय्यद मोजतबा हुसैनी खामेनेई को इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की कठपुतली करार दिया।

नेतन्याहू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में रिपोर्टरों से कहा, “हम ऐसे हालात बनाएंगे जिसमें हवाई हमले भी शामिल हैं, ताकि (ईरानी लोगों) को सड़कों पर उतरने के लिए आवश्यक जगह मिल सके।”

उन्होंने आगे कहा, “हम इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स और बासिज (उनकी सड़कों पर तैनात सेना) के चेकपॉइंट्स पर जबरदस्त हमले कर रहे हैं और अभी और भी बहुत कुछ होना बाकी है।”

इजरायली प्रधानमंत्री ने मोजतबा खामेनेई को ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की कठपुतली बताया, जो सार्वजनिक तौर पर अपना चेहरा नहीं दिखा सकते। दरअसल, ईरान के नए सुप्रीम लीडर युद्ध शुरू होने के बाद से सार्वजनिक रूप से नहीं दिखे हैं। सुप्रीम लीडर बनने से पहले भी वह सार्वजनिक रूप से ना के बराबर दिखाई दिए हैं।

सुप्रीम लीडर बनने के बाद से मोजतबा के सार्वजनिक तौर पर ना दिखने को लेकर माना जा रहा है कि वह एयरस्ट्राइक में घायल हो गए हैं। गुरुवार को, ईरान की सरकारी मीडिया ने मोजतबा खामेनेई का एक विद्रोही बयान पढ़ा गया। रविवार को सुप्रीम लीडर बनाए जाने के बाद मोजतबा का यह पहला बयान था, लेकिन युद्ध शुरू होने के बाद से उन्हें न तो देखा गया है और न ही सुना गया है।

प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा, “मैं इससे इनकार नहीं करता, मैं पक्के तौर पर नहीं कह सकता कि ईरानी लोग इस शासन को गिरा देंगे।” हालांकि, उन्होंने ईरानी जनता से बात करते हुए कहा, “हमने आपसे कहा था, ‘मदद आ रही है’। खैर, मदद आ गई है और आगे भी आएगी। हम सभी इस शासन के गिरने के नतीजे की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन एक सत्ता परिवर्तन देश के अंदर से ही हो सकता है।”

ईरान के खिलाफ अपनी कार्रवाई को सही ठहराते हुए पीएम नेतन्याहू ने कहा कि ताकत का इस्तेमाल आवश्यक था क्योंकि पिछले जून में 12 दिन चले इजरायल-ईरान युद्ध के बाद से सरकार अपने न्यूक्लियर हथियारों और बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम पर वापस लौट आई थी।

नेतन्याहू ने कहा कि ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को इजरायल ने चेतावनी दी थी कि वे “मौत के उद्योग” को फिर से बनाने की कोशिश न करें, लेकिन खामेनेई ने इसके बजाय ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को तेज कर दिया और अब हमने खामेनेई को खत्म कर दिया है।

उन्होंने कहा, “अगर हमने तुरंत एक्शन नहीं लिया होता, तो कुछ ही महीनों में ईरान का मौत का उद्योग किसी भी हमले से बच जाता। इसलिए, हम एक साथ लड़ाई के लिए निकले, अमेरिका-इजरायल, ताकि जो हमने शुरू किया था उसे जारी रख सकें और ईरान को न्यूक्लियर हथियार बनाने से रोक सकें। ईरान को ऐसी बैलिस्टिक मिसाइलें बनाने से रोकना जो इजरायल, अमेरिका और पूरी दुनिया के लिए खतरा हों। यही हमारा मकसद है।”

नेतन्याहू ने कहा कि मौजूदा लड़ाई में, इजरायल ने ईरान के न्यूक्लियर इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया है और एक बहुत जरूरी न्यूक्लियर वैज्ञानिक को ढेर कर दिया है और इजरायल के पास इस अभियान के लिए कई हैरान करने वाली चीजें हैं और यह उम्मीद से बेहतर चल रहा है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ मिलकर, इजरायल एक ऐसी सरकार को रोक रहा है जो उसे (इजरायल को) खत्म करना चाहती थी। हमारे दुश्मन एक पल में गायब नहीं हो रहे हैं, लेकिन हमारी कमाल की कामयाबी देखिए।

जब नेतन्याहू से पूछा गया कि क्या इजरायल खामेनेई के बेटे और वारिस, मोजतबा खामेनेई के पीछे जाएगा, तो उन्होंने जवाब दिया, “मैं आतंकी संगठनों के किसी भी नेता के लिए जीवन बीमा पॉलिसी नहीं लूंगा।”

संपादकीय दृष्टिकोण

जहां नेतन्याहू ने ईरान के नए नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं। उनकी टिप्पणियाँ ईरान में संभावित सत्ता परिवर्तन की उम्मीदों को उजागर करती हैं। यह बयान न केवल इजरायल-ईरान संबंधों पर असर डाल सकता है, बल्कि क्षेत्रीय राजनीति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेतन्याहू ने मोजतबा खामेनेई को क्यों कठपुतली कहा?
क्योंकि नेतन्याहू का मानना है कि मोजतबा खामेनेई आईआरजीसी के नियंत्रण में हैं और वह स्वतंत्र रूप से निर्णय नहीं ले सकते।
क्या ईरान में सत्ता परिवर्तन संभव है?
नेतन्याहू ने कहा कि इसके लिए सबसे अच्छे हालात बनाए जाएंगे, जिसमें हवाई हमले भी शामिल हैं।
ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम का क्या होगा?
नेतन्याहू ने कहा कि कार्रवाई आवश्यक थी ताकि ईरान न्यूक्लियर हथियारों को विकसित न कर सके।
मोजतबा खामेनेई का सार्वजनिक रूप से नहीं दिखना क्यों महत्वपूर्ण है?
यह दर्शाता है कि वह युद्ध के दौरान घायल हो सकते हैं और उनके नेतृत्व पर प्रश्न उठाते हैं।
क्या इजरायल और अमेरिका ईरान के खिलाफ और कार्रवाई करेंगे?
नेतन्याहू ने संकेत दिया कि वे ईरान के न्यूक्लियर इंफ्रास्ट्रक्चर को लक्षित कर सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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